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श्री रामलला मंदिर प्रकरण पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य

(नई दिल्ली, 3 जुलाई 2026)

श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केन्द्र बना है।

अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और राम भक्तों की भावना एवं श्रद्धा को आघात पहुँचा है तथा इस घटना से हम सभी आहत हैं।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पूर्वक निवेदन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जाँच दल का गठन कर उसकी अनुशंसा पर कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की है। जाँच में जो भी दोषी पाए जाएँगे उन्हें कठोर दंड हो यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित संपूर्ण हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि इस घोर निंदनीय घटना को असाधारण मान कर गंभीरता से व्यवस्था एवं संचालन की सभी कमियों को दूर करने हेतु परिणामकारक कदम उठाए ताकि अयोध्या मंदिर पर करोड़ों रामभक्तों की आस्था व श्रद्धा अखंड एवं अटूट बनी रहे। वर्तमान भ्रम और असमंजस की स्थिति समाप्त होनी चाहिए। इस दृष्टि से हमारी अपेक्षा है कि सभी आवश्यक पहल मंदिर प्रबंधन और शासन द्वारा गठित विशेष जाँच दल करेंगे।

हमारा यह विश्वास है कि समुचित वित्तीय प्रबंधन, सुचारू संचालन हेतु निर्दोष पारदर्शी व्यवस्थाओं एवं शुद्धता और पवित्रता से परिपूर्ण धार्मिकता से ओतप्रोत वातावरण के द्वारा श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास हिन्दू समाज की आस्था एवं विश्वास को सुदृढ़ बनाये रखेगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संपूर्ण हिन्दू समाज से भी आह्वान करता है कि इस कठिन क्षण में वह आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिन्दू विरोधी, राष्ट्र विरोधी शक्तियों के हिंदू धर्म एवं समाज को बदनाम करने के षड़यंत्रों को विफल करे।

बागला संयुक्त चिकित्सालय में इमरजेंसी सेवाओं के विस्तार की तैयारी, डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण

हाथरस,। जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बागला संयुक्त चिकित्सालय की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को और सुदृढ़ एवं विस्तारित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने अस्पताल परिसर स्थित एमडीटीवी अस्पताल में प्रस्तावित नई इमरजेंसी व्यवस्था का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जिला अस्पताल की इमरजेंसी सीमित स्थान में संचालित हो रही है, जहां केवल 8 से 10 बेड उपलब्ध हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं का विस्तार आवश्यक है ताकि अधिक मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।


उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर स्थित टीबी हॉस्पिटल भवन के भूतल पर एक वार्ड को आधुनिक इमरजेंसी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इससे टीबी अस्पताल और नई इमरजेंसी दोनों की व्यवस्थाएं अलग-अलग एवं सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित नई इमरजेंसी निर्माणाधीन 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट के निकट होगी, जिससे गंभीर मरीजों को बिना समय गंवाए तुरंत क्रिटिकल केयर यूनिट में शिफ्ट किया जा सकेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इमरजेंसी स्थानांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

हाथरस में दूसरे दिन 6,737 अभ्यर्थी हुए यूपी-टीईटी में शामिल,733 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा ,डीएम-एसपी ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी-2026) के दूसरे दिन जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। दूसरे दिन आयोजित परीक्षा में कुल 7,470 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 6,737 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जबकि 733 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अतुल वत्स ने चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ सरस्वती इंटर कॉलेज एवं डीआरबी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर बनाए गए स्ट्रांग रूम, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था तथा निगरानी तंत्र का विस्तार से निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने परीक्षा कक्षों का निरीक्षण कर बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षार्थियों के प्रवेश तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्क्रीनिंग टीम के सदस्यों से वार्ता कर अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग एवं पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी सावधानी, सतर्कता एवं गुणवत्ता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए।पुलिस अधीक्षक ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस बल को परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता बनाए रखने, अभ्यर्थियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।

₹25 हजार का इनामी मोना ठाकुर पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, दोनों पैरों में लगी गोली

कैलाश ढाबा फायरिंग कांड में था आरोपी ,मुठभेड़ में पुलिस की गाड़ी व थाना प्रभारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगी गोली

हाथरस। एसओजी टीम, थाना हाथरस जंक्शन एवं थाना हाथरस गेट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कैलाश ढाबा फायरिंग कांड के ₹25 हजार के इनामी आरोपी मोना ठाकुर उर्फ सचप्रताप सिंह को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, 18 जून 2026 को थाना हाथरस गेट क्षेत्र स्थित कैलाश ढाबे के सामने दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर चार टीमों का गठन किया गया था तथा एसओजी व सर्विलांस टीम को भी लगाया गया था। घटना में शामिल छह आरोपियों पर ₹25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिलने पर मथुरा-बरेली हाईवे स्थित मेंडू-रुहेरी रोड के पास आरोपी की घेराबंदी की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जबकि आमने-सामने की फायरिंग में पुलिस की सरकारी गाड़ी तथा थाना प्रभारी हाथरस जंक्शन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। इस घटना में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोना ठाकुर उर्फ सचप्रताप सिंह पुत्र रहीश पाल निवासी नगला इमलिया, थाना हाथरस जंक्शन के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक 315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस तथा एक होंडा अमेज कार बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी थाना हाथरस जंक्शन का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट, एनडीपीएस एक्ट सहित करीब दो दर्जन आपराधिक मुकदमे विभिन्न जनपदों में दर्ज हैं। आरोपी कई बार जेल भी जा चुका है।
फिलहाल थाना हाथरस जंक्शन पुलिस आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर जिला कार्यकर्ता सम्मेलन सम्पन्न, संगठन की मजबूती का लिया संकल्प

हाथरस। शहर के अग्रवाल सेवा सदन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित संस्मरण पखवाड़ा के अंतर्गत एक जिला कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लेकर संगठन की मजबूती और जनसेवा के संकल्प को दोहराया।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा और यतेन्द्र शर्मा उपस्थित रहे। उनके साथ सांसद अनूप प्रधान, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा तथा सदर विधायक अंजुला माहौर ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
वक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “राष्ट्र प्रथम” के विचार और उनके अखंड भारत के स्वप्न को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी जी के आदर्श प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत हैं।


कार्यक्रम के दौरान सभी वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने तथा सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का आह्वान किया। सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों के सहयोग के लिए नेताओं ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वर्तमान समय में नैतिकता के ह्रास:चरमोत्कर्ष पर जिम्मेदार कौन?

डॉ यू एस गौड़ (समाज विश्लेषक)
जिला संघचालक हाथरस

 भारतीय आधुनिक समाज जहां एक ओर तकनीकी प्रगति, आर्थिक समृद्धि और वैज्ञानिक उपलब्धियों के शिखर को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर मानवीय मूल्यों और नैतिकता पर  गंभीर संकट आ खड़ा हुआ है।  प्रतिदिन भ्रष्टाचार, आत्महत्या संवेदनहीनता, धोखाधड़ी ,पति पत्नी के बीच बढ़ते विश्वासघात की घटनाएं न केवल समाज को झकरोर रही है बल्कि भय से भरे वातावरण का निर्माण  कर रही है । वेदना का विषय यह भी है कि इन घटनाओं को समाचार पत्र,सोशल मीडिया प्रमुखता से प्रकाशित करता है और बार बार करता है क्यों इसके पीछे बढ़ती टी आर पी जो है। अच्छी नैतिकता से ओतप्रोत समाचार तो प्रकाशन से बाहर है उनको कोई नहीं छापता।
ऐसे में यह सवाल उठना आवश्यक है कि इस नैतिक पतन के लिए वास्तव में जिम्मेदार कौन है? क्या कोई एक इकाई इसके लिए दोषी है, या यह पूरी व्यवस्था का सामूहिक परिणाम है?
में सामाजिक विश्लेषक हु इसलिए इस गंभीर समस्या पर मेरा विश्लेषण कुछ इस प्रकार है

  1. अध्यात्मवाद को त्याग भौतिकवाद का बढ़ता चलन
    आधुनिक समाज की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि हमने ‘होने’ से ज्यादा ‘दिखने’ को महत्व देना शुरू कर दिया है। आज व्यक्ति की पहचान उसके चरित्र, ईमानदारी या ज्ञान से नहीं, बल्कि उसके वैभव  गाड़ी, बंगले और बैंक बैलेंस से होती है।
    फलस्वरूप पैसे कमाने की इस अंधी दौड़ ने “साध्य ही साधन का औचित्य है” वाली मानसिकता को जन्म दे दिया है और येन केन प्रकारेंन माध्यम से सभी पैसा कमाने में लगे है।
  2. समाप्त होते कुटुंब और एकाकीपन का प्रवेश
    अतीत में, संयुक्त परिवार बच्चों के लिए नैतिकता की पहली पाठशाला होते थे। दादा-दादी और नाना-नानी की कहानियों के माध्यम से बच्चों में अनजाने ही त्याग, सहयोग और सहानुभूति के बीज अंकुरित हो जाते थे।
    अब एकल परिवारों  के बढ़ते चलन और माता-पिता दोनों के कामकाजी होने के कारण, बच्चों को वह पारंपरिक ‘नैतिक छाता’ नहीं मिल पा रहा है। अब बच्चों का खालीपन माता-पिता के समय की बजाय महंगे संसाधनों से भरा जा रहा है।
  3. शिक्षा प्रणाली का ध्यान केवल व्यावसाय
    हमारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली ‘चरित्र निर्माण’ की बजाय केवल ‘कैरियर निर्माण’ पर केंद्रित हो गई है। स्कूल और कॉलेज बालकों को बालक नहीं अपितु उत्पादन मान कर   डिग्रियां तो बांट रहे हैं, किंतु संवेदनशील इंसान  बनाने में असमर्थ  है ।
    : पाठ्यक्रम से नैतिक शिक्षा प्रायः मृत है नैतिक  शिक्षा को या तो पाठयक्रम से हटा दिया गया है या उसे केवल पास होने के लिए एक औपचारिक विषय बना दिया गया है। जब शिक्षा का उद्देश्य केवल ‘पैकेज’ पाना रह जाएगा, तो वहां से देश के जिम्मेदार नागरिक नहीं, बल्कि संवेदन शून्य मशीनें ही निकलेंगी। जबकि समाज शास्त्री और विद्वान अरस्तु यह सिद्ध कर चुके है कि बिना समाज के कोई व्यक्ति नहीं रह सकता और जो रहने की कोशिश कर रहा है वह या तो ईश्वर है या मानसिक विक्षिप्त।
  4. धर्म को पुर्नस्थापित करने का संकल्प लेने वाले व्यवसाई हैं।
    संत महात्मा,समाज शास्त्री,और अन्य आध्यात्मिक लोग अधर्म पर धर्म की पताका फहराने का संकल्प लेने वाले पथ भ्रष्ट होकर अर्थप्रधान कर्म करने लगे,नैतिकता की कथा कहने वाले नाच गाने और फूहड़ता में पड़ गए समाज में धर्म का जागरण करने वाले लोग स्वयं धर्म की आचार संहिता को भूल गए।
  5. आदर्शवादियों का संकट
    किसी भी समाज के नैतिक मानदंड इस बात से तय होते हैं कि उस समाज के मार्गदर्शक (नेता, अभिनेता, बुद्धिजीवी) कैसा आचरण कर रहे हैं। वर्तमान समय में राजनीति, व्यवसाय और मनोरंजन जगत के शीर्ष लोगों में मूल्यहीनता साफ देखी जा सकती है। जब समाज देखता है कि नियम तोड़ने वाले और भ्रष्ट लोग सत्ता और सम्मान का आनंद ले रहे हैं, तो आम आदमी का भी ईमानदारी से भरोसा उठने लगता है।
    नैतिकता को बचाने की जिम्मेदारी किसकी?
    नैतिकता के ह्रास के लिए हम किसी एक व्यक्ति समाज या धर्म को नहीं मन सकते बल्कि हम सब सामूहिक रूप से जिम्मेदार हैं।
    जहां समाज में, हमने ईमानदार व्यक्ति को ‘बेवकूफ’ और चालाक-भ्रष्ट व्यक्ति को ‘सफल’ मानना शुरू कर दिया है।
    माता-पिता के रूप में, हम बच्चों से अच्छे अंकों की जिज्ञासा तो रखते है किंतु  अच्छा इंसान बनने पर जोर नहीं देते।
    एक नागरिक के रूप में, हम अपने अधिकारों के प्रति तो सजग हैं, लेकिन कर्तव्यों से आंखें बंद किये हुए  हैं।
    समाधान की राह: नैतिकता को वापस लाने के लिए बदलाव की शुरुआत व्यक्तिगत स्तर से करनी होगी। जब तक हम ‘सफलता’ के पैमाने को केवल धन-दौलत से बदलकर चरित्र और सेवा भाव से नहीं जोड़ेंगे, तब तक यह ह्रास थमेगा नहीं। शिक्षा में मूल्यों की वापसी, परिवारों में संवाद और सोशल मीडिया के प्रति आत्म-नियंत्रण ही इस संकट से उबरने का एक मात्र मार्ग है और इस मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ना होगा।
उर्वरक दुकानों पर छापेमारी, कई विक्रेताओं को नोटिस; यूरिया-डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

हाथरस। खरीफ सीजन में धान समेत अन्य फसलों की बुआई शुरू होने के साथ ही किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारियों और जिला कृषि अधिकारी की संयुक्त टीम ने गुरुवार को जिले की सभी तहसीलों में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर मयंक फर्टिलाइजर (कछपुरा), मां चंद्रावली (सादाबाद), राजीव ट्रेडर्स (सादाबाद), भूमिधर ट्रेडर्स (सासनी) और विनय फर्टिलाइजर (दरियापुर) को नोटिस जारी किए गए।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 22,332 मीट्रिक टन यूरिया और 6,700 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा 674 मीट्रिक टन यूरिया तथा 2,100 मीट्रिक टन डीएपी पीसीएफ बफर गोदाम में प्री-पोजिशनिंग के तहत उपलब्ध है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई विक्रेता उर्वरकों की ओवररेटिंग या टैगिंग (अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव) करता है, तो इसकी शिकायत जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 8126556290 और 9410290381 पर करें।
किसानों से उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड, जमीन की खतौनी और फार्मर आईडी की छायाप्रति साथ लाने का अनुरोध किया गया है। शासन के निर्देशानुसार खरीफ सीजन में अधिकतम प्रति हेक्टेयर 7 बोरी यूरिया और 5 बोरी डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित दरों पर बिक्री, स्टॉक एवं रेट बोर्ड प्रदर्शित करने, पीओएस मशीन से बिक्री करने और किसानों की मांग पर ही अन्य उत्पाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा का पूर्व सभासद नारायन लाल ने किया भव्य स्वागत

हाथरस। भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा के हाथरस आगमन पर पूर्व सभासद नारायन लाल ने पुष्पमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर मुदित बहादुर भारद्वाज, बंटी प्रधान, पूर्व सभासद श्री भगवान वर्मा, पूर्व सभासद हरप्रसाद माहौर, पूर्व सभासद वीरेंद्र माहौर, मनीष कूलवाल, अनिल कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

यूपी-टीईटी 2026: डीएम-एसपी ने परीक्षा केंद्र का किया निरीक्षण, निष्पक्ष व पारदर्शी परीक्षा के दिए निर्देश

हाथरस। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी-2026) के प्रथम दिवस पर जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पी.बी.ए.एस. इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने स्ट्रांग रूम, सीसीटीवी कंट्रोल रूम तथा सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। कंट्रोल रूम से विभिन्न परीक्षा कक्षों की लाइव मॉनिटरिंग कर परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने परीक्षा कक्षों का निरीक्षण कर स्क्रीनिंग टीम से अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापन एवं जांच प्रक्रिया को पूरी सतर्कता और गुणवत्ता के साथ सम्पन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने आगामी दो दिनों की परीक्षा को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, निर्बाध विद्युत आपूर्ति सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पूरे परीक्षा अवधि में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

वीबी-जी राम जी के प्रचार-प्रसार हेतु ग्राम पंचायतों में होंगे जन सम्मेलन, चलाया जाएगा व्यापक जन जागरूकता अभियान

हाथरस। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद हाथरस में दिनांक 02 जुलाई 2026 को विकास खण्ड स्तर पर चयनित ग्राम पंचायतों में जन सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराना तथा अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।जन सम्मेलन के दौरान जनप्रतिनिधियों, महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, ग्राम स्तरीय समितियों, संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा ग्रामीण नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही भी की जाएगी।
कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार, सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों, प्रदर्शनी तथा कार्यक्रम की फोटोग्राफी एवं प्रलेखन की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं आमजन से अपील की है कि वे जन सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा पात्र व्यक्तियों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें।

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