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पांच हजार छात्रों ने सामूहिक वंदे मातरम् का गायन किया

अलीगढ़। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वें वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर ‘एक समय, एक स्वर, एक लय’ में सामूहिक वंदे मातरम गायन का देशव्यापी आयोजन किया गया।
इसी क्रम में सी.बी. गुप्ता सरस्वती विद्यापीठ सिंघारपुर, मथुरा रोड, अलीगढ में शुक्रवार ठीक प्रातः 11 बजे ‘नमामि भारतम’ कार्यक्रम के अंतर्गत सामूहिक सस्वर राष्ट्रगीत गायन संपन्न हुआ। इस देशव्यापी आयोजन में सी.बी. गुप्ता सरस्वती विद्यापीठ ने अलीगढ़ शहर क्षेत्र के अनेक शिक्षण संस्थानों को अपने साथ इस कार्यक्रम का सहभागी बनाया । इस वृहद अभियान के तहत राजेंद्र सिंह इंटरनेशनल स्कूल में मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत सह-शारीरिक प्रमुख राम शंकर, एस.आर.के. पब्लिक स्कूल में सी.बी. गुप्ता सरस्वती विद्यापीठ के सचिव डॉ राजीव वार्ष्णेय तथा एस.जे.डी. पब्लिक स्कूल में विभाग प्रचार प्रमुख भूपेंद्र शर्मा, ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में श्याम कुंतल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही गगन पब्लिक स्कूल, ऑल सेंट्स पब्लिक स्कूल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, सिंघारपुर एवं डॉ. शन्नो रानी कन्या महाविद्यालय सिंघारपुर के छात्र-छात्राओं ने भी पूर्ण उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ एक सुर में वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया। इस प्रकार हजारों की संख्या में विद्यार्थी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनकर राष्ट्रगीत के कार्यक्रम में उपस्थित रहे।


सी.बी. गुप्ता सरस्वती विद्यापीठ में कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं पधारे हुए प्रमुख वक्ताओं के स्वागत-अभिनंदन के साथ हुआ। इस अवसर पर संयुक्त रूप से मुख्य वक्ता के रूप में अनिल कुमर (क्षेत्र छात्रावास प्रमुख) एवं रामजी (महानगर प्रचारक) साथ ही विद्यालय के अध्यक्ष संदीप विजयवर्गीय के द्वारा अध्यक्षता की गई तथा केशव सेवा धाम से मनवीर सिंह विभाग सेवा प्रमुख की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयुक्त रूप से मुख्य वक्ता अनिल कुमार एवं रामजी ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा और राष्ट्र की चेतना है, जो भारत और उसमें रहने वाले हर एक नागरिक को एकता के सूत्र में जोड़ता है। एक देश भक्ति गीत ‘राष्ट्र की जय चेतना का गान वन्देमातरम’ को भी दोहरवाया।
इसी श्रृंखला में विद्यालय के प्रधानाचार्य योगेश कुमार ने भी वंदे मातरम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वंदे मातरम मात्र एक गीत नहीं, अपितु भारत की आत्मा और हमारे महान क्रांतिकारियों का ध्येय वाक्य रहा, जो भारत की चेतना, स्फूर्ति और जीती-जागती भारत माता की वंदना है। प्रधानाचार्य के इस ओजस्वी उद्बोधन के साथ संपूर्ण आयोजन देशभक्ति के जयघोषों और उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अन्य विद्यालयों में कार्यक्रम सम्पन्न कराने में भी आचार्यों ने अपनी महती भूमिका निभाई। विद्यालय की सम्मानित प्रबंध समिति ने विद्यालय के प्रयासों की सराहना की और शुभकामना प्रदान की।

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आशीष सेंगर

 aashishsengar@gmail.com

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