जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित समिति के सदस्यों द्वारा राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह, मथुरा का संयुक्त रूप से किया गया निरीक्षण
हाथरस। माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देशों के आलोक में जनपद न्यायाधीश, विनय कुमारए विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) निर्भय नरायण राय, अपर जनपद न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय, कोर्ट संख्या-1, प्रशान्त कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस की सचिव, अनु चौधरी एवं प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड, खुशबू चन्द्रा द्वारा संयुक्त रूप से राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह, मथुरा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय प्रभारी अधीक्षक, प्रभाकर सिंह एवं अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय जनपद न्यायाधीश द्वारा प्रभारी अधीक्षक से सम्प्रेक्षण गृह में निरूद्ध किशोरों की वर्तमान स्थिति में जानकारी ली तो प्रभारी अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया है कि राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर में कुल 40 किशोर निरूद्ध हैं, जिनमें जनपद हाथरस के 12 किशोर है। राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह, मथुरा में रह रहे किशोरों से बातचीत की गयी तथा उनके खान-पान, स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधा आदि के बारे में पूछा गया, तो किसी भी किशोर द्वारा अपनी किसी भी समस्या से अवगत नहीं कराया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने बालकों को जानकारी देते हुये बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा यदि कोई अपराध किया जाता है किशोर न्याय अधिनियम में उसे बाल अपचारी माना जाता है। जब किसी बच्चे द्वारा कोई कानून-विरोधी या समाज विरोधी कार्य किया जाता है तो उसे किशोर अपराध या बाल अपराध कहते हैं। उन्होंने सभी किशोरों से कहा है कि अगर कोई गरीब है तथा उसके पास मुकद्दमा लडने के लिए पैसे नही हैं तो वह अपने अधीक्षक के माध्यम से एक निःशुल्क अधिवक्ता नियुक्त करवाने हेतु प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हाथरस के कार्यालय में भिजवा सकते है।

