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6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को मनाई जाएगी दीपावली , श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने दी पांच दिवसीय शरद सनातनी उत्सव के पूजन मुहूर्त की जानकारी

हाथरस। शुभ कार्तिक मास में मनाए जाने वाले पांच दिवसीय शरद सनातनी उत्सव का सनातन धर्म में विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। धनतेरस, छोटी दीपावली (नरक चतुर्दशी), दीपावली, गोवर्धन पूजा एवं भैया दूज के अवसर पर पूजन-अर्चन, आरती-वंदन और दीपदान के श्रेष्ठ समय की जानकारी श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा (रजिस्टर्ड), हाथरस के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने सनातन धर्मावलंबियों के लिए साझा की है।

धनतेरस 6 नवंबर को

शुभ कार्तिक मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी शुक्रवार, संवत 2083 तदनुसार 6 नवंबर 2026 को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे प्रारंभ होकर 7 नवंबर को सुबह 10:45 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल एवं रात्रि में त्रयोदशी तिथि विद्यमान रहने के कारण शास्त्र सम्मत रूप से धनतेरस 6 नवंबर को ही मनाई जाएगी।

पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त शाम 6:02 बजे से रात्रि 7:57 बजे तक रहेगा। वहीं यम दीपदान के लिए शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक का समय श्रेष्ठ है। इस दौरान घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दीपक जलाना शुभ माना गया है।

छोटी दीपावली 7 नवंबर को

कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी शनिवार, 7 नवंबर 2026 को छोटी दीपावली एवं नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10:49 बजे से प्रारंभ होकर 8 नवंबर को सुबह 11:29 बजे तक रहेगी।

इस दिन अभ्यंग स्नान अर्थात तेल लगाकर स्नान करने का शुभ समय सुबह 5:34 बजे से 6:40 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल में यम दीपदान का श्रेष्ठ समय शाम 5:32 बजे से 7:56 बजे तक निर्धारित है।

दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी

कार्तिक मास कृष्ण पक्ष अमावस्या रविवार, शुभ संवत 2083 तदनुसार 8 नवंबर 2026 को दीपावली का महापर्व मनाया जाएगा। अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे से प्रारंभ होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। 8 नवंबर की रात्रि में अमावस्या तिथि एवं प्रदोष काल विद्यमान रहने के कारण दीपावली का पर्व 8 नवंबर को मनाना शास्त्र सम्मत है।

दीपावली की संध्या को मां महालक्ष्मी, भगवान गणेश एवं कुबेर देव का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजन करने पर घर में सुख, समृद्धि, शांति एवं धन-धान्य का आगमन होता है।

महालक्ष्मी पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात्रि 7:50 बजे तक रहेगा। इसकी कुल अवधि 1 घंटा 56 मिनट है। यह समय वृषभ लग्न का होने के कारण लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष शुभ माना गया है। वहीं निशीथ काल में रात्रि पूजा एवं विशेष पूजन का समय रात 11:39 बजे से 9 नवंबर की रात 12:31 बजे तक रहेगा।

दीपावली पूजन की विधि

दीपावली के अवसर पर घर को दीपकों एवं रंग-बिरंगी रोशनी से सजाकर स्वच्छ एवं पवित्र स्थान पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित करें। इसके साथ कलश स्थापना कर विधि-विधान से पूजन, मंत्र जाप एवं आरती-वंदन करें। पूजन के उपरांत घर के प्रत्येक कोने, मुख्य द्वार तथा तुलसी के समीप दीपक प्रज्वलित करें। परिवारजनों एवं परिचितों को दीपावली की शुभकामनाएं देकर पर्व की खुशियां साझा करें।

डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने बताया कि पांच दिवसीय शरद सनातनी उत्सव भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने समस्त सनातन धर्मावलंबियों से पर्वों को श्रद्धा, उल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाने का आह्वान किया। यह जानकारी श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा (रजिस्टर्ड), हाथरस, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा द्वारा दी गई।

दीपावली 8 नवंबर को मनाना शास्त्र सम्मत : डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा

धर्म सिंधु एवं निर्णय सिंधु के अनुसार प्रदोषकालव्यापिनी अमावस्या में होता है महालक्ष्मी पूजन

हाथरस। दीपावली पर्व की तिथि को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा (रजिस्टर्ड), हाथरस के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 में दीपावली का पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाना शास्त्र सम्मत है।

उन्होंने बताया कि सनातन धर्म के प्रसिद्ध धर्मग्रंथों धर्म सिंधु एवं निर्णय सिंधु में स्पष्ट निर्देश है कि दीपावली पर महालक्ष्मी का पूजन प्रदोषकालव्यापिनी अमावस्या में ही करना चाहिए। यदि अमावस्या तिथि दो दिनों में प्रदोषकाल को स्पर्श करती हो अथवा दोनों दिनों में प्रदोषकाल में उपलब्ध न हो, तो मध्यरात्रि के निशीथकाल की व्याप्ति को भी ध्यान में रखा जाता है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 8 नवंबर 2026 को प्रातः 11:27 बजे प्रारंभ होगी तथा 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगी। 8 नवंबर, रविवार को प्रदोषकाल सायं 5:31 बजे से रात्रि 8:09 बजे तक रहेगा। इस अवधि में अमावस्या तिथि पूर्ण रूप से विद्यमान रहेगी।

उन्होंने कहा कि 9 नवंबर को अमावस्या तिथि दोपहर में ही समाप्त हो जाएगी, इसलिए उस दिन प्रदोषकाल में अमावस्या तिथि उपलब्ध नहीं होगी। ऐसे में शास्त्रों में वर्णित प्रदोषव्यापिनी अमावस्या के नियम के अनुसार 8 नवंबर की रात्रि को ही महालक्ष्मी पूजन करना पूर्णतः शुद्ध एवं शास्त्र सम्मत है।

अतः धर्म सिंधु एवं निर्णय सिंधु में वर्णित धार्मिक मान्यताओं के आधार पर वर्ष 2026 में दीपावली का पावन पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाना उचित है।

त्योहारों पर हाथरस के बाजारों में 10 दिन तक रहेगा रूट डायवर्जन, ई-रिक्शा और टेंपो के प्रवेश पर रोक, 3 नवम्बर 12 नवंबर तक सुबह 10 से रात 10 बजे तक लागू रहेगी यातायात व्यवस्था, 12 प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे बैरियर

हाथरस। आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर के प्रमुख बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और जाम की समस्या से निपटने के लिए हाथरस पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके तहत 3 नवंबर से 12 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक नगर क्षेत्र के निर्धारित मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। इस दौरान बाजारों की ओर जाने वाले प्रतिबंधित मार्गों पर ई-रिक्शा, टेंपो और अन्य भारी एवं मध्यम वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।

पूर्व सभासद निशान्त उपाध्याय के पिताजी स्व. उपेंद्र उपाध्याय को श्रद्धांजलि देने उमडे लोग

हाथरस। नगर पालिका परिषद के पूर्व सभासद निशांत उपाध्याय के पूज्य पिता स्व. उपेंद्र उपाध्याय के आकस्मिक निधन पर नीलकंठ महादेव बगीची, नगला भूरा रोड, रमनपुर हाथरस में शोक सभा का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित गणमान्य लोगों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

शोक सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्व. उपेंद्र उपाध्याय अत्यंत सहज, सरल एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके व्यक्तित्व एवं व्यवहार को सदैव याद किया जाएगा। उपस्थित सैकड़ों लोगों ने दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया तथा ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति एवं धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।

शोक सभा में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर मुख्य रूप से शशांक पचौरी एडवोकेट, राधा माधव शर्मा एडवोकेट, शिवाकांत शर्मा एडवोकेट, शुभम उपाध्याय एडवोकेट, बालकृष्ण उपाध्याय एडवोकेट, डॉ. राजेश त्रिवेदी, डॉ. डी.के. शर्मा, डॉ. अवधेश यादव, नितिन बागला, श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), सतेंद्र स्वरूप फौजी, बृजेश वशिष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार शम्मी गौतम, पत्रकार शुभम, विनोद शर्मा, पत्रकार आशीष सेंगर, पूर्व सभासद नारायण लाल, पूर्व सभासद वीरेंद्र माहौर, पूर्व आईपीएस आदित्य वर्मा, रामनारायण काके, राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा राम पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, विजय पाठक, संजीव गोयल, सौरभ पाराशर, अभिषेक पाठक, उज्ज्वल गौतम, ऋतु गौतम, बिरजू पहलवान, भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक गुप्ता, महामंत्री हिमांशु मिश्रा सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इंदिरा गांधी के साहस और सरदार पटेल की राष्ट्र एकता का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य

हाथरस। शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शनिवार को रवि कुंज, आगरा रोड स्थित इंदिरा गांधी पार्क में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि तथा लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर दोनों महान विभूतियों को नमन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरिशंकर वर्मा ने की तथा संचालन शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर योगेश कुमार ओके एडवोकेट ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं एटा के प्रदेश ऑब्जर्वर चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य रहे।
मुख्य अतिथि चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि इंदिरा गांधी का साहसिक नेतृत्व, दृढ़ इच्छाशक्ति और देश की एकता एवं अखंडता के प्रति उनका समर्पण भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। वहीं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने अपनी दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प से देश की सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। दोनों महान विभूतियों का जीवन हम सभी के लिए राष्ट्रसेवा, त्याग और समर्पण की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा देश को जोड़ने, सभी धर्मों और वर्गों को साथ लेकर चलने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की विचारधारा है।
शहर अध्यक्ष योगेश कुमार ओके ने कहा कि इंदिरा गांधी जी ने देश की संप्रभुता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सरदार पटेल जी ने अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। आज आवश्यकता है कि हम इन महापुरुषों के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करें और आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करें। कांग्रेस पार्टी इन महान नेताओं के आदर्शों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध है।
सभा में पंडित अविनाश चंद्र पचौरी, ठाकुर कृपेंद्र सिंह चौहान, पूर्व प्रधानाचार्य राधेश्याम अग्निहोत्री एवं गिरिराज सिंह गहलोत ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए दोनों महान विभूतियों के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरिशंकर वर्मा ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाए रखना ही इन महान विभूतियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी के.डी. शर्मा, महिला शहर अध्यक्ष आमना बेगम, विनोद शर्मा, शशि गुरु, देवेंद्र शर्मा”पूपू बोहरे”, राधाचरण शर्मा, राधाकृष्ण शर्मा, मनीष कुमार, योगेश शर्मा, बृजेश गौतम, नरेंद्र कश्यप, राकेश यादव, विक्रम सिंह माहौर आदि मौजूद रहे।

न्यू राधा कृष्ण सेवा समिति ने किया फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मोहित अग्निहोत्री का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन , डॉ मोहित बेस्ट क्लिनिशियन अवार्ड से किये गए है सम्मानित

हाथरस। न्यू राधा कृष्ण सेवा समिति द्वारा गोरखपुर में बेस्ट क्लिनिशियन अवार्ड से सम्मानित फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मोहित अग्निहोत्री का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें पटका पहनाकर, माल्यार्पण कर एवं संस्था का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मोहित अग्निहोत्री ने अपनी मेहनत, लगन, प्रतिभा और उत्कृष्ट सेवाओं से चिकित्सा कीड़ी में अपनी अलग पहचान बनाई । गोरखपुर में मिला यह सम्मान पूरे हाथरस जनपद के लिए गौरव की बात है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत एवं समर्पण से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक पौरुष ने डॉ. मोहित अग्निहोत्री को बधाई देते हुए कहा कि हमें ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों पर गर्व है। आशा है कि वे भविष्य में भी अपनी सेवाओं से समाज का नाम रोशन करते रहेंगे।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक पौरुष, जिला कोषाध्यक्ष प्रमोद कुमार, जिला सलाहकार एवं कवि राकेश रसिक राघव, आर्यन सारस्वत सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
न्यू राधा कृष्ण सेवा समिति की ओर से डॉ. मोहित अग्निहोत्री को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम पार्टी) के जिला महामंत्री व पूर्व सभासद निशान्त उपाध्याय के पिता का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

हाथरस। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम पार्टी) के जिला महामंत्री एवं नगर पालिका परिषद हाथरस के पूर्व सभासद निशान्त उपाध्याय के पिता पुष्पेन्द्र उपाध्याय का देर रात निधन हो गया। वह पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से परिवार, परिचितों एवं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

निधन की सूचना मिलते ही राम पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए उनके आवास पर पहुंच गए। सभी ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

वहीं, सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने निशान्त उपाध्याय के पिताजी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट कीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजसेवी प्रवीन वार्ष्णेय को पत्र भेजकर सामाजिक कार्यों की सराहना की

हाथरस। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस के समाजसेवी एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रवीन वार्ष्णेय को पत्र भेजकर उनके सामाजिक सरोकारों, जनसेवा के प्रति समर्पण और जरूरतमंदों की आवाज उठाने के प्रयासों की सराहना की है।

मुख्यमंत्री कार्यालय, लोक भवन लखनऊ से 02 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र (क्रम संख्या 00005968) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवीन वार्ष्णेय को संबोधित करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखद जीवन की मंगलकामना की है।

पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज की शक्ति उन नागरिकों से बढ़ती है, जो निस्वार्थ भाव से समाज के हित में कार्य करते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति और सरकार के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। वे समाज की समस्याओं को समझकर जरूरतमंदों की आवाज उचित मंच तक पहुंचाते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन सरकार बनने के बाद कानून के राज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई तथा अपराधियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की गई।

पत्र में डबल इंजन सरकार द्वारा गरीबों, वंचितों, बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं, युवाओं एवं अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री ने योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवीन वार्ष्णेय से अपेक्षा व्यक्त की कि वे अपने सामाजिक जुड़ाव के माध्यम से सरकारी योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के साथ-साथ जनता की समस्याओं और सुझावों को सरकार तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने पत्र के अंत में विश्वास व्यक्त किया कि प्रवीन वार्ष्णेय की सेवा भावना, संवेदनशीलता और जनसरोकार उत्तर प्रदेश के विकास की यात्रा को और मजबूत करेंगे।

मुख्यमंत्री का पत्र प्राप्त होने पर प्रवीन वार्ष्णेय ने जताया आभार

मुख्यमंत्री का पत्र प्राप्त होने पर प्रवीन वार्ष्णेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सामाजिक कार्यों की सराहना किया जाना उनके लिए सम्मान और प्रेरणा का विषय है। वे भविष्य में भी मानवाधिकारों के संरक्षण, सामाजिक न्याय, जरूरतमंदों की सहायता तथा जनहित के मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

शहर मे धूमधाम से निकाली गई महर्षि वाल्मीकि शोभायात्रा, सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी, ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष शरद माहेश्वरी ने फीता काट किया शुभारंभ सभासद अभिषेक राज ने उतारी आरती

शोभायात्रा का भव्य रूप से किया स्वागत, समाज मे एक जुटता का दिया सन्देश
समाज के वरिष्ठ जनो के साथ दर्जनों महिलाओं को किया सम्मानित
समाज के लोगों ने सभासद अभिषेक राज की सराहना की

हाथरस। शहर के आगरा रोड स्थित मोहल्ला माइयाँन के बाबा छप्पन नाथ मंदिर से महर्षि वाल्मीकि शोभायात्रा धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, भाजपा ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष शरद माहेश्वरी, पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी, सभासद अभिषेक राज, ठेकेदार सत्यवीर सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। शोभायात्रा मे प्रमुख रूप से हरिगढ़ विभाग प्रचारक गोविंद, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम बिहारी चटर्जी, , नगर अध्यक्ष विवेक गुप्ता, विहिप जिला मंत्री प्रवीन खंडेलवाल, भाजपा नेता कुँवर रत्नेश रत्न, जुल्म के खिलाफ संगठन अध्यक्ष चौधरी बिजेंद्र सिंह भी शामिल हुये थे। इस दौरान भगवान महर्षि वाल्मीकि के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा में शामिल दो दर्जन से अधिक आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा संरक्षक अर्जुन वाल्मीकि व मेला अध्यक्ष अमरदीप कमल ने सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि सहित अन्य अतिथियों का पटका पहनाकर, माला और प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत कर सम्मानित किया।

सांसद अनूप प्रधान ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति और आदर्श जीवन मूल्यों का महत्वपूर्ण आधार है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए, महर्षि वाल्मीकि जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का अवसर भी है। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने भगवान महर्षि वाल्मीकि के जयकारे लगाकर भक्ति गीतों पर नृत्य किया। शोभायात्रा बस स्टैंड, सादाबाद गेट, चूना वाला डंडा, चावड़ गेट, नयागंज, जामा मस्जिद, किला गेट, सासनी गेट और कमला बाजार सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल आकर्षक झांकियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। धार्मिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और पूरे मार्ग पर उत्साह का माहौल बना रहा।शोभायात्रा मोहल्ला नाई का नगला स्थित बाबा बालक दास बगीची पहुंचकर संपन्न हुई थी।
किला गेट पर सभासद अभिषेक राज ने उतारी भगवान वाल्मीकि की आरती, शोभायात्रा का किया स्वागत
शोभायात्रा का किला गेट स्थित मोहल्ला कोठी पहुंचने पर सभासद अजय राज और अभिषेक राज के नेतृत्व में भगवान महर्षि वाल्मीकि की आरती उतारी गई थी, सभासद अभिषेक राज व युवा समाजसेवी विकास कुमार ने मेला अध्यक्ष अमर दीप कमल व उनकी कमेटी सहित समाज के वरिष्ठजन व प्रशासनिक अधिकारियों का पटका पहनाकर व वाल्मीकि जी का छवि चित्र देकर स्वागत किया तथा भगवान वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। सभासद अभिषेक राज ने महर्षि वाल्मीकि की आरती उतारकर नमन किया और सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे तथा सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहना चाहिए
महर्षि वाल्मीकि के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में प्रेम, समानता तथा एकता की भावना को मजबूत किया जा सकता है। सभासद अभिषेक राज ने कहा कहा कि उनकी शिक्षाएं हमें आपसी भेदभाव मिटाकर एक-दूसरे का सम्मान करने और मिल-जुलकर रहने की प्रेरणा देती हैं। मेला मे सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही महिला कोतवाली प्रभारी ऋतु तोमर सहित समाज की करीव दो दर्जन से अधिक महिलाओ का पूर्व सभासद राधा राज, रजनी देवी, सुधा सिंह किरन देवी, कमलेश, ओमवती, अनु कुमारी गुड़िया, राधा, मोनिका ने पटका पगड़ी व प्रतीक चिन्ह देकर भव्य स्वागत किया। स्वागत की व्यवस्था विकास डीजे, नीरज चौहान, रोबट डीजे नरेश कुकू, नितिन गुलाबों, दीपक, शाहिल, सौरव राज, चंदन राज गौरव राज ने संभाली थी।

इस मौक़े पर चौधरी रणवीर सिंह,राजू पहलवान, मुकेश शर्मा, राजू पाथरे, विशाल पाथरे, सफाई कर्मचारी नेता जॉनी राज, अरुण निर्मल ,सतीश चंचल, ब्रज लाल, निक्की कुमार, साजन कुमार, कपिल शानू, हरि मोहन, डॉ दिनेश कुमार सुमित पाथरे बद्रीलाल चौहान, सोनू पाथरे, हृदेश चौटाला, अतुल चौटाला, बॉबी चौहान, दंगल कॉमेटर सुनील बेनवाल, शैलेन्द्र राज, दिलीप डब्बू, सौरव राज, नरेश कुकू, कपिल कुमार, अनिकेत वाल्मीकि, राजकुमार डब्बू, गिर्राज किशोर पारासर, विशाल वाल्मीकी, ठेकेदार सत्यवीर, भाजपा नेता रत्नेश चटर्जी, सुभाष बोहरे, लखन चाटर्जी, वीरू साखी, रिंकू राकेट, किशोरा, राहुल बोहरे, जितेंद्र, सागर कल्यान, सुन्दर लाल संतोष, आशीष बॉबी चौहान, सुनील बेनवाल, रोहित,अमन वाल्मीकी, रवेंद्र कुमार रवि, मनोज मलिक, गुलशन, सोनू पाठरे, बल्लु विराट, दीपक कुमार, हनुमान बाबा, एडो, राजू निर्भय, संग्राम सिंह, मनोज कल्याण, राजकुमार राजू, धर्मेंद्र बेनवाल, वीडियो वाले, जमुना प्रसाद, सतीश जज साहब, राकेश मास्टर, राजपूत, राजीव राज, विकास मास्टर, सुरजीत पारासर लाला बाबू फौजी सहित समाज के सेकड़ों लोग मौजूद थे।

करवा चौथ पर भद्रा का नहीं रहेगा कोई दोष : डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा

हाथरस। श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा (रजिस्टर्ड), हाथरस के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने बताया कि 29 अक्टूबर 2026 को मनाए जाने वाले करवा चौथ के पर्व पर भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। पंचांग की गणना के अनुसार भद्रा काल करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा। ऐसे में व्रत और पूजा के समय भद्रा का कोई दोष नहीं माना जाएगा।

डॉ. शर्मा ने बताया कि धर्मशास्त्रीय ग्रंथ धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु के अनुसार भद्रा का विचार उसकी सक्रिय अवधि तक ही किया जाता है। भद्रा काल समाप्त होने के बाद उसका दोष प्रभावी नहीं रहता। पंचांग के अनुसार, भद्रा का प्रारंभ 28 अक्टूबर 2026 को प्रातः 5:31 बजे हुआ और इसकी समाप्ति 29 अक्टूबर 2026 को प्रातः 4:27 बजे होगी। इस गणना के अनुसार करवा चौथ की पूजा के समय भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा।

उन्होंने कहा कि सुहाग की मंगलकामना के लिए किए जाने वाले करवा चौथ जैसे पारंपरिक व्रतों में भद्रा का विचार विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों की तरह नहीं किया जाता। धर्मशास्त्रों में भद्रा के निवास स्थान का भी विचार किया गया है। मान्यता के अनुसार, स्वर्ग या पाताल लोक में रहने वाली भद्रा का पृथ्वी लोक पर अशुभ प्रभाव नहीं माना जाता, जबकि पृथ्वी लोक की भद्रा को विशेष परिस्थितियों में वर्जित माना गया है।

डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने कहा कि पंचांग में उल्लिखित भद्रा की समाप्ति के समय के अनुसार 29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत एवं पूजन किया जा सकता है। श्रद्धालुओं को पर्व मनाते समय स्थानीय पंचांग में दिए गए व्रत, पूजा और चंद्रोदय के समय का भी ध्यान रखना चाहिए।

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