Breaking News
दीपावली 8 नवंबर को मनाना शास्त्र सम्मत : डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा

धर्म सिंधु एवं निर्णय सिंधु के अनुसार प्रदोषकालव्यापिनी अमावस्या में होता है महालक्ष्मी पूजन

हाथरस। दीपावली पर्व की तिथि को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा (रजिस्टर्ड), हाथरस के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 में दीपावली का पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाना शास्त्र सम्मत है।

उन्होंने बताया कि सनातन धर्म के प्रसिद्ध धर्मग्रंथों धर्म सिंधु एवं निर्णय सिंधु में स्पष्ट निर्देश है कि दीपावली पर महालक्ष्मी का पूजन प्रदोषकालव्यापिनी अमावस्या में ही करना चाहिए। यदि अमावस्या तिथि दो दिनों में प्रदोषकाल को स्पर्श करती हो अथवा दोनों दिनों में प्रदोषकाल में उपलब्ध न हो, तो मध्यरात्रि के निशीथकाल की व्याप्ति को भी ध्यान में रखा जाता है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 8 नवंबर 2026 को प्रातः 11:27 बजे प्रारंभ होगी तथा 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगी। 8 नवंबर, रविवार को प्रदोषकाल सायं 5:31 बजे से रात्रि 8:09 बजे तक रहेगा। इस अवधि में अमावस्या तिथि पूर्ण रूप से विद्यमान रहेगी।

उन्होंने कहा कि 9 नवंबर को अमावस्या तिथि दोपहर में ही समाप्त हो जाएगी, इसलिए उस दिन प्रदोषकाल में अमावस्या तिथि उपलब्ध नहीं होगी। ऐसे में शास्त्रों में वर्णित प्रदोषव्यापिनी अमावस्या के नियम के अनुसार 8 नवंबर की रात्रि को ही महालक्ष्मी पूजन करना पूर्णतः शुद्ध एवं शास्त्र सम्मत है।

अतः धर्म सिंधु एवं निर्णय सिंधु में वर्णित धार्मिक मान्यताओं के आधार पर वर्ष 2026 में दीपावली का पावन पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाना उचित है।

Unknown's avatar

आशीष सेंगर

 aashishsengar@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page