उर्वरक दुकानों पर छापेमारी, कई विक्रेताओं को नोटिस; यूरिया-डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
हाथरस। खरीफ सीजन में धान समेत अन्य फसलों की बुआई शुरू होने के साथ ही किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारियों और जिला कृषि अधिकारी की संयुक्त टीम ने गुरुवार को जिले की सभी तहसीलों में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर मयंक फर्टिलाइजर (कछपुरा), मां चंद्रावली (सादाबाद), राजीव ट्रेडर्स (सादाबाद), भूमिधर ट्रेडर्स (सासनी) और विनय फर्टिलाइजर (दरियापुर) को नोटिस जारी किए गए।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 22,332 मीट्रिक टन यूरिया और 6,700 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा 674 मीट्रिक टन यूरिया तथा 2,100 मीट्रिक टन डीएपी पीसीएफ बफर गोदाम में प्री-पोजिशनिंग के तहत उपलब्ध है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई विक्रेता उर्वरकों की ओवररेटिंग या टैगिंग (अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव) करता है, तो इसकी शिकायत जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 8126556290 और 9410290381 पर करें।
किसानों से उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड, जमीन की खतौनी और फार्मर आईडी की छायाप्रति साथ लाने का अनुरोध किया गया है। शासन के निर्देशानुसार खरीफ सीजन में अधिकतम प्रति हेक्टेयर 7 बोरी यूरिया और 5 बोरी डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित दरों पर बिक्री, स्टॉक एवं रेट बोर्ड प्रदर्शित करने, पीओएस मशीन से बिक्री करने और किसानों की मांग पर ही अन्य उत्पाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

