गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्य ने जनपद की अस्थाई गौ आश्रय स्थल एवं बृहद गौ संरक्षण केन्द्र का किया निरीक्षण
हाथरस। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्षगण एवं सदस्यगण के मार्गदर्शन में गठित संयुक्त निरीक्षण दलों द्वारा प्रदेश के विभिन्न मण्डलों एवं जनपदों में गौशालाओं / गो आश्रय स्थलों का चरणबद्ध एवं गहन निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता और सदस्य रमाकांत उपाध्याय द्वारा जनपद हाथरस में अस्थाई गौ आश्रय स्थल कैलोरा व समामई रूहल एवं बृहद गौ संरक्षण केन्द्र पुन्नेर गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए तथा प्राकृतिक खेती करने वाले उन्नतशील कृषक बृजेश सिंह निवासी परसारा से उनके फार्म पर भ्रमण/संवाद किया गया, तत्पश्चात जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई।
निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता ‘गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट एवं समयबद्ध दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
इस अवसर पर विशेष रूप से गौवंशों के स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित पोषण, गो आधारित प्राकृतिक खेती के प्रसार तथा गोबर-गोमूत्र आधारित उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को विकास के केन्द्रीय बिंदु के रूप में रेखांकित किया गया।
संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा निर्देशित किया गया कि गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन को जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हुए इसे केवल पशुपालन तक सीमित न रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती, ऊर्जा आत्मनिर्भरता एवं जनस्वास्थ्य से जोड़ते हुए एक समग्र एवं टिकाऊ विकास मॉडल के रूप में विकसित किया जाए।
साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण, भ्रमण एवं बैठक के समय पी०एन० दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी हाथरस, डा० विजय सिंह मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हाथरस, सुरेन्द्र सिंह खण्ड विकास अधिकारी सासनी, देवेन्द्र सिंह खण्ड विकास अधिकारी हाथरस तथा सुशील पचौरी प्रांतीय गौपालक प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, गौसेवक अंशुल शर्मा व दिव्यांश शर्मा, एवं अन्य पदाधिकारी, पशुपालक एवं कृषक उपस्थित रहे।


