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युवा संवेदना और अनुभव का संगम: वृद्धाश्रम में गूंजे गीत, खेल और मुस्कान

​हाथरस। मेरा युवा भारत, हाथरस एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित 5 दिवसीय अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम (Experiential Learning Program – ELP) के अंतर्गत राजकीय वृद्धाश्रम, हाथरस में तृतीय दिवस का आयोजन उत्साह एवं आत्मीय वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के मध्य संवाद, सहभागिता एवं भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देना है, जिससे युवाओं में सेवा, सम्मान एवं संवेदनशीलता की भावना विकसित हो सके।
कार्यक्रम के दौरान युवा स्वयंसेवकों द्वारा वृद्धजनों के बीच विभिन्न मनोरंजक एवं सहभागिता पूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया। विशेष रूप से नींबू-चम्मच रेस का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों ने अत्यंत उत्साह एवं प्रसन्नता के साथ प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के दौरान वृद्धजनों के चेहरे पर उत्साह एवं आनंद स्पष्ट रूप से देखने को मिला। युवाओं ने भी वरिष्ठ नागरिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ आत्मीय समय व्यतीत किया।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में समूह संवाद, हल्की मनोरंजक गतिविधियां एवं गीत-संगीत का आयोजन भी किया गया। युवाओं ने वृद्धजनों के साथ बैठकर उनके जीवन अनुभव, पुरानी यादें एवं सामाजिक जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को जीवन में अनुशासन, धैर्य एवं संस्कारों के महत्व के बारे में बताया।

कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम में आत्मीय एवं पारिवारिक वातावरण देखने को मिला। युवाओं ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ मिलकर देशभक्ति गीत एवं पुराने प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किये, जिससे वातावरण भावनात्मक एवं आनंदमय बन गया। साथ ही कुछ स्वयंसेवकों द्वारा वृद्धजनों के बीच हल्के खेल एवं सहभागिता आधारित गतिविधियों जैसे म्यूजिकल चेयर के माध्यम से उन्हें सक्रिय एवं प्रसन्न रखने का प्रयास किया गया। खेल और मनोरंजन गतिविधियों में रुचि बढ़ाने हेतु विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।
जिला युवा अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मेरा युवा भारत भारत द्वारा आयोजित यह अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को केवल सामाजिक सेवा से ही नहीं जोड़ रहा, बल्कि उन्हें समाज के वरिष्ठ एवं अनुभवी नागरिकों से सीखने का अवसर भी प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं तथा उनके अनुभव युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवकों ने कहा कि वृद्धजनों के साथ समय बिताना उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव रहा तथा इस प्रकार की गतिविधियाँ समाज में सकारात्मक ऊर्जा एवं मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करती हैं।
इस अवसर पर दीपिका, बेबी, अंबे, सौरभ, संदीप और सूरज सहित अन्य युवा स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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आशीष सेंगर

 aashishsengar@gmail.com

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