हाथरस जनपद की तहसील सासनी के ग्राम जरौली ने आज एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनते हुए नवनिर्मित रामलीला मैदान के भव्य उद्घाटन का उत्सव मनाया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर क्षेत्र के प्रख्यात समाजसेवी डॉ. विकास शर्मा की प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
उद्घाटन समारोह का शुभारंभ पूर्व ब्लाक प्रमुख श्री अर्जुन सिंह जी, भाजपा जिला महामंत्री हाथरस श्री रुपेश उपाध्याय जी एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष सासनी भाजपा श्री राजकुमार शर्मा जी द्वारा सामूहिक रूप से फीता काटकर किया गया, जिसके साथ ही पूरे वातावरण में उत्साह और उल्लास की लहर दौड़ गई।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह और गणमान्य व्यक्तियों में श्री कोमल सिंह तोमर, श्री बबलू कौशिक, श्री राकेश गुप्ता, श्री मुकेश चौधरी (प्रधान पति), श्री विजय चौधरी, श्री छीतरमल चौधरी एवं श्री राजकुमार चौधरी प्रमुख रूप से शामिल रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनकर आयोजन की शोभा बढ़ाई।
इस गरिमामयी आयोजन की अध्यक्षता ग्राम प्रधान श्रीमती बेबी चौधरी जी ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि यह रामलीला मैदान ग्राम के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक जीवन को नई ऊर्जा और पहचान प्रदान करेगा।
अपने प्रेरक संबोधन में डॉ. विकास शर्मा ने कहा कि “रामलीला मैदान केवल एक स्थल नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। यह मंच गांव की एकता, संस्कार और सामाजिक समरसता को और अधिक सुदृढ़ करेगा।”
नवनिर्मित रामलीला मैदान न केवल धार्मिक आयोजनों का केंद्र बनेगा, बल्कि यह ग्राम जरौली की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को उससे जोड़ने का सशक्त माध्यम भी सिद्ध होगा।
कार्यक्रम के अंत में समस्त ग्रामवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। यह आयोजन ग्राम के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
अलीगढ़ : शताब्दी नगर स्थित शिव मंदिर में श्रीराम कथा की तैयारी को लेकर बैठक आयोजित की गई। 29 अप्रैल से शुरू हो रही श्रीराम कथा को लेकर घर घर संपर्क की बात कही गई। शताब्दी नगर श्रीराम सेवा समिति के कार्यक्रम अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि नौ दिवसीय कथा के पहले दिन 29 अप्रैल को सुबह आठ बजे कलश यात्रा निकाली जाएगी। कथा प्रतिदिन दोपहर दो से शाम छह बजे तक होगी। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा जीवन को सार्थक बनाती है, इसलिए सभी प्रतिदिन कथा का श्रवण करें। नामित पार्षद और कार्यक्रम संयोजक अजीत चौधरी ने कहा कि शताब्दी नगर क्षेत्रवासियों का कथा में बढ़चढ कर सहयोग रहता है। प्रभु श्रीराम की कथा राष्ट्र निर्माण की कथा है, इसलिए इस महायज्ञ में नगरवासियों की सहभागिता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अयोध्या से आ रहे पूज्य दीपक महाराज जी श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करेंगे। मंदिर के पुजारी पंडित शिव मोहन अवस्थी ने कहा कि प्रभु श्रीराम की कथा में सभी की सहभागिता होगी। धर्म के क्षेत्र में नगरवासी बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। मानव शर्मा ने कहा कि संत के आने से क्षेत्र पवित्र हो जाता है। हम सभी सहयोग करेंगे। इस मौके पर अंकित शर्मा, विनेश पाठक, मनोज दीक्षित, दीप्ति शर्मा आदि थे।
हाथरस। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथन चरण 22 मई 2026 से 20 जून 2026 से पहले सरकारी कर्मचारी/अधिकारी या अग्रिम पंक्ति के कार्यकतां द्वारा 07 मई 2026 से 21 मई 2026 के मध्य स्वंय जनगणना (स्व-गणना) की तैयारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में प्रचार-प्रसार कराने हेतु जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (पं०) की बैठक आयोजित की गई। वीरेन्द्र कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी द्वारा जनगणना कार्य निदेशालय से प्राप्त पी०पी०टी० के माध्यम से स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया गया। गणना के लिये नागरिकों को जनगणना पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर स्व-गणना की प्रक्रियाः अपना पंजीकरण करना होगा। पोर्टल पर परिवार के मुखिया का नाम और 10 अंकों का मोबाईल नम्बर दर्ज करने के उपरान्त ओ०टी०पी० के माध्यम से सत्यापन किया जायेगा। एक नोबाईल नम्बर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण किया जा सकेगा। एक व्यक्ति अपना अथवा अपने परिवार के सदस्यों की स्व-गणना पूरे भारत में कहीं से भी कर सकता है।बनागरिक अपनी पसन्द की माषा चुनकर जिला, पिन कोड तथा गाँव व शहर की जानकारी दर्ज कर सकेगें और मानचित्र पर लाल संकेतक के माध्यम से अपने आवास का सटीक स्थान चिन्हित कर सकेगें। सेब एवं नेक्स्ट पर क्लिक करने के उपरान्त स्थान की पुष्टि होने पर मकान सूचीकरण के प्रश्नो को भरने के लिए पृष्ट खुल जायेगा।स्व-गणना में नागरिक अपने भवन के उपयोग निर्माण सामिग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व की स्थिति, जल, विद्युत और शौचालय की उपलब्धता, खाना पकाने के इंधन के प्रकार तथा रेडियो, टेलीविजन, इन्टरनेट, लैपटॉप, कम्प्यूटर, मोबाईल फोन, वाहन (दुपहिया, चार पहिया) आदि जैसी परिसम्पतियों से सम्बन्धित कुल 33 प्रकार के विवरण दर्ज होगें। प्रश्नों के लिए आवश्यक टूल टिप्स भी उपलब्ध होगें। प्रिव्यू के बाद फाईनल सब्मिट करने पर 11 अकों की पंजीकरण संख्या मोबाइल पर प्राप्त हो जायेगी। जिसे मकान गणना के समय जनगणना प्रगणनक को उपलब्ध कराया जायेगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा निर्देश दिये गये कि समस्त खण्ड विकास अधिकारी विकास खण्ड स्तर पर ब्लाक प्रमुख समस्त ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम विकास एवं पंचायती राज के ग्राम से लेकर विकास खण्ड स्तरीय कर्मचारियों/ अधिकारियों ऑगनवॉडी, पचायत सहायक, सफाई कर्मी, आदि को बुलाकर बैच बनाकर 07 नई 2026 से पूर्व अपने स्तर से प्रशिक्षण देगें तथा सभी ग्रान पंचायतों में पंचायती राज विभाग के उपलब्ध ई-रिक्शा, लाउडस्पीकर आदि के द्वारा प्रतिदिन प्रचार-प्रसार करायेगें। दिनांक 07 मई 2026 को प्रथम दिन मा० ब्लॉक प्रमुख के आवास पर जाकर उनकी स्व-गणना एवं अपने अधीनस्थ समस्त कर्मचारियों तथा पंचायत सहायक/सचिव के माध्यम से समस्त प्रधानों की स्व-गणना का कार्य सम्पन्न करायेगें तथा स्व-गणना की प्रगति रिपोर्ट जनपद स्तर पर उपलब्ध कराई जाये। बैठक में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (पं०) उपस्थिति रहे। जनपद में अधिक से अधिक स्व-गणना का कार्य पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ कराया जाये इससे देश की वास्तविक तस्वीर उभर कर आयेगी। उक्त अति महत्वपूर्ण कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये।
हाथरस,व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार का कार्य कर रही है अज्ञात शव को एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में दाहसंस्कार किया गया जिसके दाहसंस्कार की व्यवस्था मे एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का पूर्णरूपेण सहयोग रहा । दिनांक 22 अप्रैल 2026 को थाना हाथरस गेट के अंतर्गत सोखना फाटक की नजदीक रेलवे लाइन पर एक महिला का शव पुलिस को मिला महिला की उम्र लगभग 80 वर्ष थी महिला ने पीली कुर्ती लाल चुनरी व नीला पेटीकोट पहना हुआ था पुलिस द्वारा शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे रखा शव की शिनाख्त न होने के कारण शव को पुलिस द्वारा लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया उसके उपरांत पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीन वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया समाजसेवियों द्वारा उपरोक्त शव का हिंदू रीति रिवाज दाहसंस्कार किया अंतिम संस्कार में प्रवीन वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स समाजसेवी सुनीत आर्या,एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल,आयोग दीपक ,बंटी भाई कपड़े वाले,साथ में नीरज गोयल दीपांशु वार्ष्णेय,अंकित कुमार, कांस्टेबल अतुल जनमेदा, महिला कांस्टेबल श्वेता चौधरी मौजूद रहे
हाथरस।दीवानी न्यायालय में आगामी 9 मई 2026, दिन शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विनय कुमार ने बताया कि इस लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर लंबित मुकदमों का निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा हो सके। साथ ही, उन्होंने जनपद के नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने विवादों का शीघ्र समाधान कराएं। अपर जनपद न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अनु चौधरी ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक से संबंधित मामले, धारा-138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम के प्रकरण, वसूली वाद, सिविल एवं आपराधिक सुलह योग्य वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, पारिवारिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, स्टाम्प, उपभोक्ता फोरम, राजस्व, श्रम, चकबंदी, नगर पालिका टैक्स, विद्युत अधिनियम से जुड़े मामले सहित विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधिनियम, मोटर यान अधिनियम, दुकान एवं वाणिज्य अधिनियम, आबकारी अधिनियम, गैम्बलिंग एक्ट, नगर पालिका चालान, दाखिल-खारिज, मनरेगा, शिक्षा का अधिकार, जलकर, गृहकर, आपदा राहत, कराधान, राशन कार्ड, जाति एवं आय प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों को भी इस लोक अदालत में सुलझाया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने लंबित मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण कराने की अपील की है।
हाथरस। जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं एवं सुरक्षा प्रबंधों का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, नकलविहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी।
इस दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने आगरा रोड स्थित एमजी पॉलिटेक्निक कॉलेज का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों एवं ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग की गई तथा संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की सख्ती और सतर्कता के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा रही है।
ज्ञान कला संजीवनी समिति तथा ब्रज कला केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में हुआ भव्य आयोजन
हाथरस। अलीगढ़ रोड स्थित एक रिजोर्ट के सभागार में ज्ञान कला संजीवनी समिति तथा ब्रज कला केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉ. जगदीश लवानिया स्मृति अखिल भारतीय कवि सम्मेलन अभूतपूर्व रूप से सफल रहा। श्रोताओं से खचाखच भरे सभागार में देर रात तक ठहाकों, तालियों और काव्य रसधारा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ शारदा एवं डॉ. जगदीश लवानिया के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन से हुआ। दीप प्रज्वलन राजेश कुमार सिंह डिविजनल कमांडर होमगार्ड्स, आर.के. सिंह डिप्टी कमिश्नर जीएसटी, प्रद्युम गुप्ता डिप्टी कमिश्नर जीएसटी, दीपक कुमार अग्निशमन अधिकारी, उदित नारायण मिश्र लखनऊ, ब्रज कला केन्द्र के केंद्रीय उपाध्यक्ष गजेन्द्र शर्मा, दीपक गोयल एवं अन्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ पं. मुखिया जी के मंत्रोच्चार तथा पं. गणेश चन्द्र बशिष्ठ के शंखनाद से हुआ।
कवि सम्मेलन का संचालन हास्य कवि अनिल अग्रवंशी ने अपने विशिष्ट अंदाज में किया। सरस्वती वंदना डॉ. रुचि चतुर्वेदी (आगरा) ने प्रस्तुत की। इसके बाद कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मध्यम सक्सेना (बरेली) ने सुनाया— “ऊधौ ये तौ बतादो कि, प्रेम के रंग पै ज्ञान कौ रंग चढ़ाओगे कैसे।” लटूरी लठ्ठ (टूंडला) ने कहा— “मेरे हाथ में दुख की कोई रेखा यूँ नहीं है, माता-पिता के अलावा भगवान देखा नहीं है।” अमन अक्षर (इंदौर) ने रामभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियाँ सुनाईं— “सारा जग है प्रेरणा, प्रभाव सिर्फ राम हैं, भाव सूचियाँ बहुत हैं, भाव सिर्फ राम हैं।” श्रद्धा शौर्य (नागपुर) ने वीर रस में कहा— “रानी झांसी मर्दानी क्यों होती, जब रानी स्वयं भवानी थी।” डॉ. अर्जुन सिंसौदिया ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा— “मेरे बच्चो कला सीखो, समूचे व्यूह भेदन की, तुम्हें अभिमन्यु की भाँति बड़ा संग्राम लड़ना है।” डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने कृष्ण भक्ति रस में सुनाया— “मदन मुरारी त्रिपुरारी जिन संग खेले, शेष अवतारी वो तौ हल के धरैय्या है।” बलराम श्रीवास्तव (मैनपुरी) ने श्रृंगार रस में कहा— “एक प्यासी नदी थी मेरी जिंदगी, तुम मिलीं तो लगा जल प्रवाहित हुआ।” अंत में संचालक अनिल अग्रवंशी ने अपनी पंक्तियों से समापन किया— “हँसना हँसाना आदत है मेरी, अपना बनाना आदत है मेरी।” इस अवसर पर उपस्थित नारी शक्ति में अनु विमल, इन्द्रा जैसवाल, डॉ. प्रतिभा भारद्वाज, अल्का, वंदना, श्वेता, डिंपल, रूबी वार्ष्णेय, रूपम कुशवाह, कशिश गर्ग एडवोकेट, महादेवी, आमना बेगम, काजल चौधरी, ममता मौर्य आदि प्रमुख रहीं। श्रोताओं में उपस्थित चिकित्सक डॉ. मुरारीलाल, राजू गवार, रमेश गुलाठी, चतुर सिंह, नितिन मिश्रा, मुकेश चन्द्रा, संजीव अग्रवाल, दिनेश माहेश्वरी, विनय वर्मा, आस मोहम्मद सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अधिवक्ताओं में प्रेम सिंह यादव, दिलीप पोद्दार, विनोद अग्रवाल, सुनील वर्मा, संजय दीक्षित आदि उपस्थित रहे। कवियों में श्याम बाबू चिंतन, ग़ाफ़िल स्वामी, प्रभूदयाल दीक्षित ‘प्रभू’, देवी सिंह निडर, पूरन सागर, जयप्रकाश पचौरी, प्रदीप पंडित, सुखप्रीत सिंह सुक्खी, जसवीर सिंह, बालकवि बिष्णु, मोहन ब्रजेश, हरिनाम सांचा आदि शामिल रहे। समाजसेवियों में डॉ. जितेन्द्र स्वरूप शर्मा फौजी, अनिल वार्ष्णेय तेल वाले, डॉ. जितेन्द्र शर्मा, गजेन्द्र चाहर, ब्रजेश बशिष्ठ, योगा पंडित, मनोज अग्रवाल, बौहरे ऋषि कौशिक, अविनाश पचौरी, जयशंकर पाराशर, विजय सिंह प्रेमी, हरीशंकर वर्मा, जीवनलाल शर्मा, मुकेश शर्मा चन्दन इत्र वाले, जयवीर सिंह, चन्द्रशेखर विमल, दाऊदयाल गौड़, सत्यप्रकाश भैकुरी, सत्यप्रकाश रंगीला, श्याम बिहारी अग्रवाल, ललितेश गुप्ता, शेखर वार्ष्णेय, भूपेंद्र वर्मा, संजय कप्तान, नवल-कपिल नरूला, ओमप्रकाश गुप्ता, चमनेश राजपूत, जैनुद्दीन जैन, दिनेश सिंह सभासद आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक प्रगल्भ लवानिया (असिस्टेंट कमिश्नर एक्साइज), ललित लवानिया, सूत्रधार गीतकार डॉ. बिष्णु सक्सेना, संरक्षण श्रीमती विमलेश लवानिया रहीं। कार्यक्रम संचालन संयोजक डॉ. प्रीती लवानिया (सचिव, ज्ञान कला संजीवनी) तथा सह-संयोजक चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य (अध्यक्ष, ब्रज कला केन्द्र) ने अत्यंत कुशलता से सम्पूर्ण व्यवस्था संभाली। विशेष रूप से सह-संयोजक चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने अतिथियों के स्वागत, कवियों के समन्वय तथा सम्पूर्ण आयोजन को गरिमामय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सक्रिय उपस्थिति, संगठन क्षमता और साहित्यिक समर्पण ने कार्यक्रम को नई ऊँचाई प्रदान की, जिसकी सभी अतिथियों एवं श्रोताओं ने मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम में डॉक्टर जगदीश लवानिया स्मृति सम्मान से ब्रजभाषा की वरिष्ठ और प्रसिद्ध कवयित्री डॉ रूचि चतुर्वेदी जी को लवानिया परिवार ने अंग वस्त्र उड़ाकर प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह एवं 21000 रुपए की राशि देकर सम्मानित किया व्यवस्था अदिति लवानिया ने संभाली तथा अध्यक्षता आशु कवि अनिल बौहरे ने की। यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक यादगार उत्सव बन गया।
अलीगढ़ : राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को हीरालाल बारहसैनी इंटर कालेज में उन्हें याद किया गया। प्रिंसिपल भारत सिंह ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर की कविताएं राष्ट्र प्रेम का भाव जगाती हैं। रश्मिरथी के माध्यम से उन्होंने कृष्ण की चेतावनी प्रसंग को बहुत सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया है। उनके एक एक शब्द रोमांचित करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप को तो उन्होंने साक्षात मानों दर्शन करा दिया हो। कविताएं जीवन को प्रेरणा देती हैं, इसलिए विद्यार्थियों को हिंदी कवियों और साहित्यकारों को जरूर पढ़ना चाहिए।
कक्षा नौ के छात्र मोरमुकुट वार्ष्णेय ने रश्मिरथी की पंक्तियों को बहुत ही जोशीले अंदाज में प्रस्तुत किया। “मैत्री की राह बताने को, सबको सुमार्ग पर लाने को ” पंक्तियों पर सभी ने जमकर तालियां बजाई। उनके कविता पाठ की शैली की अध्यापकों ने भी सराहना की। उप प्रधानाचार्य जवाहर लाल ने कहा कि मोरमुकुट की तरह सभी बच्चों को कविताएं याद करनी चाहिए, जिससे उनके व्यक्तित्व का निखार होता है। रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां जीवन में प्रेरणा देने वाली है। मोरमुकुट वार्ष्णेय के पिता नवरत्न वार्ष्णेय ने भी बेटे को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मोरमुकुट बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। उन्हें अपनी धर्म और संस्कृति का अच्छा ज्ञान है। इस मौके पर प्रवक्ता अखिलेश वार्ष्णेय, वीरेंद्र सिंह, निकिता गोगिया, सतीश, जयदीप सिंह, घनेंद्र कुमार शर्मा, राजीव रंजन, कैलाश चंद्र वार्ष्णेय, लाल प्रताप सिंह आदि थे।
सादाबाद। जिले के हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में इस बार गंगा इंटर कॉलेज गढ़ उमराव की छात्रा आस्था सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त कर विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया है। आस्था की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है और उन्हें लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं। आस्था सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत और आत्मविश्वास को दिया। खास बात यह है कि उन्होंने किसी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया, बल्कि घर पर रहकर ही नियमित पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान उन्होंने यूट्यूब जैसे ऑनलाइन माध्यमों का भी सहारा लिया और वीडियो देखकर अपनी तैयारी को मजबूत किया। आस्था का सपना आगे चलकर एयर होस्टेस बनने का है, जिसके लिए वह लगातार प्रयासरत हैं। उनके इस लक्ष्य ने उन्हें पढ़ाई के प्रति और भी समर्पित बनाए रखा। आस्था के पिता बदन सिंह और माता रेनू सिंह, जो दोनों ही सरकारी शिक्षक हैं, ने बताया कि उनके परिवार में 5 बेटियां हैं और आस्था सबसे छोटी हैं। उन्होंने हमेशा बेटियों को बेटों के बराबर माना और उन्हें पढ़ाई व खेलने की पूरी आजादी दी। परिवार की दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी बीएससी नर्सिंग और दूसरी एमएससी की पढ़ाई कर रही है। माता-पिता ने बताया कि उनकी बेटियों ने मेहनत और लगन से हमेशा उन्हें गर्व महसूस कराया है, और अब आस्था की इस उपलब्धि ने पूरे परिवार को गौरवान्वित कर दिया है।
सादाबाद। हाथरस जिले में इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में शिवाय इंटर कॉलेज, गोविंदपुर की छात्रा दीक्षा जुरेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। कंजौली, सादाबाद निवासी दीक्षा जुरेल, पुत्री ऋषिपाल सिंह, अब आईएएस बन कर देश सेवा करने का सपना देख रही हैं। दीक्षा ने बताया कि वह रोजाना स्कूल में करीब 5 घंटे पढ़ाई करती थीं, इसके बाद घर और कोचिंग पर भी नियमित अध्ययन करती थीं। उनकी सफलता के पीछे अनुशासन और निरंतर मेहनत की अहम भूमिका रही है। दीक्षा के पिता ऋषिपाल सिंह पेशे से सरकारी शिक्षक हैं, जबकि माता आशा देवी गृहणी हैं। दीक्षा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और कॉलेज के शिक्षकों को दिया है, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। दीक्षा का कहना है कि सभी छात्र-छात्राओं को अपना लक्ष्य निर्धारित कर नियमित रूप से स्कूल जाना चाहिए और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना चाहिए। दीक्षा की इस सफलता से परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर है, वहीं उनकी उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन रही है