अपना घर आश्रम कार्यकारिणी की बैठक में आगामी सेवा कार्यों की रूपरेखा पर हुआ मंथन
हाथरस। अपना घर आश्रम कार्यकारिणी की एक आवश्यक बैठक जैन गढ़ी स्थित अपना घर आश्रम परिसर में संस्थापक मदनलाल वार्ष्णेय की अध्यक्षता एवं सचिव चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के संचालन में संपन्न हुई। बैठक में पिछली बैठक की कार्यवाही की समीक्षा एवं पुष्टि के उपरांत आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर राकेश बंसल एवं शरद अग्रवाल ने कहा कि अपना घर आश्रम केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानव सेवा का सशक्त माध्यम है। सभी पदाधिकारियों एवं सेवा साथियों को समर्पित भाव से कार्य करते हुए जरूरतमंद, असहाय एवं प्रभुजनों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
अनिल अग्रवाल एवं बीना गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि आश्रम की सेवा गतिविधियों को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने की आवश्यकता है। सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना से ही आश्रम अपने उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर सकता है।

संचालन कर रहे आश्रम के सचिव चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आश्रम के सेवा साथी धनीराम, पंडित मुकेश शर्मा, ठाकुर ध्रुव कुमार एवं अभय चाहर सदैव प्रभुजनों की सेवा में पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और सभी कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों से आश्रम निरंतर सेवा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। आगामी दिनों में सेवा कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने के लिए सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया।
अंत में संस्थापक मदनलाल वार्ष्णेय ने सभी पदाधिकारियों एवं सेवा साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपना घर आश्रम का उद्देश्य समाज के उपेक्षित, असहाय एवं निराश्रित प्रभुजनों को सम्मानपूर्वक जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी से सेवा, अनुशासन एवं समर्पण की भावना के साथ आश्रम की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में राम हरि चाहर, डॉ. कपिलेश मोहन वार्ष्णेय, राकेश कुमार अग्निहोत्री, मिथिलेश वार्ष्णेय, राजेश अग्रवाल सर्राफ, चंद्रेश कुमार, अजय अग्रवाल, संजय कुमार अग्निहोत्री सहित अन्य पदाधिकारी एवं सेवा साथी उपस्थित रहे।


