115वें एवं तृतीय प्रांतीय लक्खी मेले का भव्य शुभारंभ, आस्था और संस्कृति के रंग में रंगा हाथरस
हाथरस। ब्रज क्षेत्र की आस्था, संस्कृति एवं ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक 115वें एवं तृतीय प्रांतीय लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज-2026 का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री एवं जनपद की प्रभारी मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ श्री दाऊजी महाराज मंदिर पहुंचकर दाऊ बाबा एवं रेवती मैया के दर्शन-पूजन किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अतिथियों का पटका पहनाकर एवं बुके भेंटकर स्वागत किया गया। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि बीएलएस इंटर कॉलेज की छात्राओं ने ब्रज गीत एवं लोकनृत्य के माध्यम से ब्रज की संस्कृति और लोक परंपराओं की मनोहारी प्रस्तुति दी।
प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि प्रांतीय लक्खी मेला होना जनपदवासियों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और आस्था का प्रतीक है। श्री दाऊजी महाराज की पावन धरती पर आकर दर्शन करने को उन्होंने अपना सौभाग्य बताया।

उन्होंने कहा कि इस बार 17 सितंबर का दिन विशेष है, क्योंकि श्री दाऊजी महाराज के मेले के साथ विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रभारी मंत्री ने 10 महिला लाभार्थियों को सिलाई मशीन वितरित कर उन्हें लाभान्वित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मेले का परिचय देते हुए कहा कि श्री दाऊजी महाराज का मेला केवल हाथरस का वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि ब्रज क्षेत्र की आस्था, लोक संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि मेले की परंपरा वर्ष 1912 में छोटे आयोजन के रूप में शुरू हुई थी, जो समय के साथ विशाल लक्खी मेले का रूप ले चुकी है। इसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश शासन ने इसे राजकीय मेला घोषित किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि मेले में कवि सम्मेलन, किसान एवं कृषि सम्मेलन, महिला एवं बाल कार्यक्रम, साहित्य सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पंजाबी दरबार तथा भजन एवं संगीत सम्मेलन सहित विभिन्न आयोजन होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, स्वच्छता और प्रकाश सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने मेले के शुभारंभ पर जनपदवासियों को बधाई दी। उन्होंने मेले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी परंपरा वर्ष 1912 के आसपास शुरू हुई थी और समय के साथ इसका विस्तार होता गया। उन्होंने मेले की तैयारियों में जुटे अधिकारियों, कर्मचारियों, आयोजकों एवं सहयोगियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेले की व्यवस्थाओं और स्वरूप में बदलाव दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दंगल के आयोजन से जुड़ी टीम को भी बधाई दी तथा जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।
जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राणा, विधायक सदर एवं महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति की सभापति अंजुला सिंह माहौर तथा निवर्तमान अध्यक्ष/प्रशासक जिला पंचायत सीमा उपाध्याय ने भी मेले के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं और जनपदवासियों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि श्री दाऊजी महाराज का मेला हाथरस की आस्था, संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। एक माह तक चलने वाले मेले में दंगल, रासलीला, कवि सम्मेलन सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य ने श्री दाऊजी महाराज मेला पंडाल स्थित अखाड़े में आयोजित कुश्ती दंगल का आनंद लिया और पहलवानों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी पुलिस, जिला पर्यटन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख, सांसद प्रतिनिधि, पत्रकार बंधु एवं शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

