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रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं, एक यूनिट रक्त बचा सकता है किसी का जीवन

एडीएचआर की रक्तदाता जागरूकता संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं से 23 सितंबर के विशाल रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान

हाथरस। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स (एडीएचआर) के तत्वावधान में मंगलवार को सेठ पी.सी. बागला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हाथरस के कॉन्फ्रेंस हॉल में रक्तदाता जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में 23 सितंबर को आयोजित होने वाले विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर को लेकर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया तथा अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डा.) महावीर सिंह छोंकर ने की तथा संचालन प्रो. राजेश कुमार ने किया। वक्ताओं ने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए युवाओं से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. (डा.) महावीर सिंह छोंकर ने कहा कि एडीएचआर के तत्वावधान में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई मोल नहीं है और सभी दानों में रक्तदान का विशेष महत्व है, क्योंकि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में सहायक बनता है। उन्होंने युवाओं से इस मानवीय सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।


संचालन करते हुए प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि रक्तदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय मानकों के अनुसार पात्र एवं स्वस्थ व्यक्ति द्वारा नियमित अंतराल पर रक्तदान करना समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे 23 सितंबर को होने वाले रक्तदान शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लें और अपने साथ अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करें।
एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि अभी तक रक्त की कोई फैक्ट्री, कारखाना या मॉल नहीं बना है। जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त मानव शरीर से स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से ही प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान कभी किसी मां के आंसुओं का सहारा बनता है, कभी किसी बहन की राखी की लाज बचाता है और कभी किसी पत्नी के सुहाग की रक्षा में सहायक बनता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से हम किसी अनजान व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि 23 सितंबर को आयोजित रक्तदान शिविर में अपना अमूल्य सहयोग देकर इस मानवीय कार्य को सफल बनाएं।
एडीएचआर जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल ने कहा कि संगठन का उद्देश्य है कि रक्त की कमी के कारण किसी भी व्यक्ति की जान न जाए। मानवता का धर्म यही है कि जरूरत के समय हम दूसरों के काम आएं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों और विशेषकर युवाओं से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
संगोष्ठी के अंत में छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों से 23 सितंबर को आयोजित विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करने तथा अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।
संगोष्ठी में जिला महासचिव शैलेन्द्र सांवलिया, राजेश वार्ष्णेय, रवि गुप्ता, मुरारी चौधरी,मिस प्रीती वर्मा, मिस किरण चौधरी, मिस अंकिता,डा.वीरेश कुमार शर्मा,डा.सन्तोष कुमार,डा.सन्दीप बनाल, डा. के एन, त्रिपाठी,डा. मो.दानिश,डा.ब्रजेश सिंह कुरावाह,डा.पी के शर्मा,डा.दीपा ग्रोवर,डा. साहब सिंह,डा.प्रेम किशोर,डा.हरिओम सारस्वत,डा.शालिनी अग्रवाल,डा.अनीता शर्मा,समस्त एक्यूआईसी सदस्य,डा.प्रीति वर्मा (अंग्रेजी), डा.पप्पू चौधरी डा.सुनन्दा महाजन, डा.एम पी सिंह आदि सैकड़ों छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे

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आशीष सेंगर

 aashishsengar@gmail.com

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