उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ली स्वच्छता की शपथ
हाथरस । उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय हाथरस के सभागार में आज “स्वच्छता ही सेवा 2026” अभियान के अंतर्गत स्वच्छता शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम में मुख्य प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में क्षेत्रीय कार्यालय के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से स्वच्छता की शपथ ली और स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया ।
भारत सरकार के “स्वच्छता ही सेवा 2026” अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है । इस वर्ष अभियान की थीम “स्वच्छता में जनभागीदारी, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” है । अभियान में सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, स्वच्छता कर्मियों का कल्याण, पौधरोपण तथा जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है ।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता शपथ के माध्यम से यह संकल्प लिया कि वे स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहेंगे तथा अपने परिवार, कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए दूसरों को भी प्रेरित करेंगे । शपथ में प्रत्येक वर्ष 100 घंटे अर्थात प्रत्येक सप्ताह दो घंटे श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता अभियान में योगदान देने तथा गंदगी न करने और न किसी अन्य को करने देने की भावना को आत्मसात करने का संकल्प शामिल है ।

मुख्य प्रबंधक श्री धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी अभियान तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारी है । उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने कार्यस्थल से स्वच्छता की शुरुआत करते हुए समाज में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाएं ।
प्रधान कार्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अभियान अवधि में क्षेत्रीय कार्यालय एवं शाखाओं में विशेष स्वच्छता अभियान, “एक पेड़ मां के नाम” के तहत पौधरोपण, स्वच्छता कर्मियों के सम्मान एवं कल्याण संबंधी गतिविधियां और कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूकता जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जानी हैं। साथ ही 01 अक्टूबर 2026 को प्रातः 8 बजे “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” राष्ट्रव्यापी श्रमदान में भी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और “स्वच्छ भारत–विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया ।

