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तृतीय श्रेणी कर्मचारीगण को सामान्य नियमावली (सिविल व क्रिमिनल) एवं फाइल व पंजिका तैयार करने के सम्बन्ध में दी विस्तार पूर्वक जानकारी

हाथरस। जे.टी.आर.आई. लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश, हाथरस, विनय कुमार-प्प्प् के आदेशानुसार जनपद न्यायालय, हाथरस के समस्त कर्मचारियों के सतत सीखने हेतु वातावरण निर्मित किये जाने के उद्देश्य से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग कक्ष, जनपद न्यायालय, हाथरस मंे मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, अंजय सक्सैना व रीडर, राजकुमार द्वारा समस्त तृतीय श्रेणी कर्मचारीगण को सामान्य नियमावली (सिविल व क्रिमिनल) एवं फाइल व पंजिका तैयार करने के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी। इसके साथ-साथ कर्मचारियों को बताया गया कि समस्त कर्मचारीगण अपने-अपने न्यायालयों में पत्रावलियों में सामान्य सूची पत्र किस प्रकार तैयार करना चाहिये एवं अभिलेखों के रखरखाव किस प्रकार करना चाहिये। सिविल और क्रिमिनल साइड में किस प्रपत्र को किस नत्थी में अंकित करना चाहिये इस बिन्दु पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी एवं जानकारी प्रदान की गयी।
यह भी बताया गया कि विद्वान अधिवक्ता आदि को पत्रावली का अवलोकन सवाल मुआयना से निरीक्षण कक्ष में ही कराना चाहिये। इस अवसर पर न्यायालय के कर्मचारीगण प्रशिक्षण हेतु उपस्थित रहे।

एनडीआरएफ द्वारा जनपद हाथरस में सात दिवसीय आपदा बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

हाथरस। जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशों के क्रम में एनडीआरएफ टीम के माध्यम से सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत आज जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण हाथरस एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 16 सदस्यीय टीम गाजियाबाद के सयुक्त तत्वाधान में जिला विद्यालय निरीक्षक हाथरस के सहयोग से सुरजोबाई कन्या इण्टर कालेज, किला गेट हाथरस के समस्त अध्यापक/अध्यापिकाओं एवं छात्र/छात्राओं को प्राकृतिक, रासायनिक, जैविक, नाभिकीय एवं मानव निर्मित आपदाओं में बचाव एवं राहत कार्य से सम्बन्धित जन जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रधानाचार्यः श्रीमती शानू यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मंच का संचालन श्री अतुल वर्मा जिला समन्वयक समग्र शिक्षा हाथरस द्वारा किया गया। प्रधानाचार्यः श्रीमती शानू यादव द्वारा समस्त प्रतिभागियों को अवगत कराया गया कि जनपद में एन.डी.आर.एफ. टीम द्वारा कुल 07 कार्यक्रम कराए जा रहे हैं, जिसमें से एक जिला विद्यालय निरीक्षक हाथरस के सहयोग से सुरजोबाई कन्या इण्टर कालेज, किला गेट हाथरस के समस्त अध्यापक/अध्यापिकाओं एवं छात्र/छात्राओं को जागरुक कराने के उद्देश्य से कराया जा रहा है। जनपद में आकस्मिक रूप आने वाली आशाओं विद्युत, बाढ, दैवीय एवं अन्य प्रकार की आपदाओ से निपटने के लिए क्या करें क्या न करें घ् के बारे में टीम द्वारा अवगत कराया गया। जिससे आवश्यकता पडने पर उपयोग कर अधिक से अधिक जन-धन हानि होने से बचा सकते है।
उक्त प्रशिक्षण में आवश्कता पडने पर सी.पी.आर. का इस्तेमाल किस प्रकार किया जाये उसकी डमी मॉडयूल पर प्रयोग करके एवं सदस्यों के द्वारा रेस्क्यू किस प्रकार किया जा सकता है। उक्त के समय किन बातों को अवश्य ध्यान रखा जाए ये भी बताया गया। उक्त प्रशिक्षण में कई छात्र/छात्राओं ने स्वयं भी डमी मॉडयूल पर रेस्क्यू कर पूर्ण प्रशिक्षण को उत्सुकता के साथ सीखा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपदाओं के समय जनपद में होने वाली जन हानि, पशु हानियों एवं अन्य प्रकार की क्षतियों में कमी लायी जा सके।
कार्यक्रम में लगभग 300 से अधिक छात्र/छात्राओं एवं 15 से अधिक अध्यापक/अध्यापिकाओं ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त जिला प्रबंधन प्राधिकरण हाथरस से जिला आपदा विशेषज्ञ एवं अकाउंटेंट/कम्प्यूटर ऑपरेटर आदि उपस्थित रहे।
इस सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य जनपद में आपदा के समय

जलकल परिसर की मोटर ठीक हुई, जलापूर्ति शुरू

हाथरस। अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रमीण मोहित कुमार ने अवगत कराया है कि ग्राम कुरसंडा में पेयजल योजना में बीते कुछ दिनों से बाधित जलापूर्ति को फिर से शुरू कर दिया गया है। जलकल परिसर में मोटर के जलने के कारण परियोजना के माध्यम से जलापूर्ति नहीं हो रही थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए जल निगम ग्रामीण के संबंधित अधिकारियों ने जलकल परिसर का निरिक्षण किया, जिसके बाद परिसर में पेयजल योजना के अंर्तगत लगाई गई मोटर के खराब होने के कारण पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंच रहा था। समस्या को पहचान तक तुरंत कार्रवाई की गई।
जलकल परिसर में अनुरक्षण और देखभाल का काम कर रही कंपनी को मामले से अवगत कराया गया, इसके बाद तुरंत ही खराब मोटर को सही कर दिया गया। मोटर खराब होने के कारण पांच दिन से क्षेत्र में पानी नहीं पहुंच रहा था। अधिशासी अभियंता ने बताया कि कुरसंडा पेयजल योजना की खामियों को दूर कर दिया गया है, अब योजना से जुड़े सभी घरों में पानी पहुंच रहा है। निरिक्षण में मोटर खराब पाई गई, जिसे तुरंत सही कर दिया गया।

शताब्दी वर्ष का हर्ष, अद्भुत दिखा संचलन का दृश्य ,आरएसएस के स्वयंसेवकों ने विजयादशमी पर्व पर महानगर में 36 स्थानों से निकाला पथ संचलन

= संचलन की उतारी आरती, जयघोष हुआ जय मां भारती

= कदम से कदमताल करते हुए स्वयंसेवकों का अनुशासन चर्चा का रहा विषय

अलीगढ़ : विजय का पर्व, हर दिल में शताब्दी वर्ष का गर्व। कदमताल करते हुए निकले आरएसएस के स्वयंसेवकों में कुछ इसी तरह का स्वाभिमान जगा हुआ था। संघ अपनी 100 की यात्रा पूर्ण कर आगे बढ़ चला तो स्वयंसेवकों ने भी शताब्दी वर्ष के अंतिम कार्यक्रम में अपना अद्वितीय योगदान दिया। महानगर के 36 स्थानों से निकले पथ संचलन में स्वयंसेवकों ने अनुशासन, धैर्य और देशभक्ति की अनूठी मिसाल पेश की। पूर्ण गणवेश में संघ कार्यकर्ताओं के जयघोष की हर तरफ गूंज थी। माहौल ऐसा बना कि पूरा महानगर संघमय हो गया। शहर की संकरी गलियाँ हों या फिर बड़े चौराहे हर तरफ स्वयंसेवकों की कदमताल थी। संचलन का फूलों की बारिश से अभिनंदन हुआ तो घी के दीपक की आरती से वंदन। ऐसा लग रहा था मानों माँ भारती स्वयं अपने पुत्रों को विश्व गुरू का आशीर्वाद दे रही हों। तोरणद्वारों पर जब स्वागत हुआ तो भारत माता और वन्देमातरम का जयघोष गूंज उठा।


मंगलवार को पूरे महानगर में कुछ इसी तरह का दृश्य था।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतिम कार्यक्रम को लेकर विजयादशमी पर्व पर संघ के स्वयंसेवकों में गजब का उत्साह था। हालांकि, इसकी तैयारी विगत एक महीने से चल रही थी। पर, विजयादशमी पर्व पर विहंगम दृश्य जो दिखा वो अद्भुत था। संघ के छह उत्सवों में प्रमुख उत्सव विजयादशमी पर्व भी है। महानगर के 36 स्थानों पर हुए कार्यक्रम में संयुक्त रूप से संघ के बंधुओं का यही विचार था कि शताब्दी वर्ष बीत गया मगर हमें रुकना नहीं है। मां भारती की सेवा के लिए सतत चलना और आगे बढ़ना ही संघ है। आरएसएस के विभाग प्रचारक गोविंद ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक कभी विश्राम नहीं लेते। वह भारत माता की सेवा में रत रहते हैं। इसलिए शताब्दी वर्ष के बाद हम सभी फिर देश की सेवा में जुट जाएं। लक्ष्य बड़ा है इसलिए शाखायें नियमति करें। प्रत्येक परिवार से स्वयंसेवक हो इसका लक्ष्य हमें निर्धारित करना है। गोविंद ने कहा कि संघ जब तय कर लेता है तो वह करके मानता है। विभाग कार्यवाह योगेश आर्य ने कहा कि व्यक्ति निर्माण में संघ की प्रमुख भूमिका है। 1925 में विजयादशमी के दिन संघ की स्थापना हुई, तभी से संघ व्यक्ति निर्माण के साथ राष्ट्र निर्माण में जुट गया। वर्तमान में विश्वभर में लाखों स्वयंसेवक मां भारती की सेवा कर रहे हैं। गोंडा मार्ग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आरएसएस के विभाग प्रचार प्रमुख भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि संघ देशभक्ति की पाठशाला है। यहां जाने पर बालक देशभक्त बनता है।इसके बीच अन्य वक्ताओं धीरज सिंह, रतन कुमार मित्र, राजनारायण सिंह, डॉ सुनील चौहान, रामजी महानगर प्रचारक, प्रमोद भारद्वाज, आनंद कुमार, दयाल शर्मा, हिमांशु शर्मा, जगदीश पाठक, कृष्ण कुमार, जय प्रकाश सारस्वत, मनवीर सिंह, टीकम सिंह, मधुकर आर्य, मुरारी लाल, ललित कुमार, हुकुम सिंह, संदीप बैट्री, काली चरण, इंद्रमणि पाठक, गोपाल परख आदि ने विजयदशमी पर विचार रखे, पंच परिवर्तन पर जोर दिया।

इससे पूर्व महानगर में सुबह 7.30 बजे के करीब अधिकांश स्थानों से पथ संचलन प्रारंभ हुआ। स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में घोष के साथ कदमताल करते हुए निकले। घोष पर सेना के जवानों की तरह स्वयंसेवकों के कदम मिल रहे थे। उनका अनुशासन देखते ही बन रहा था। पथ संचलन के मार्ग पर नगर वासियों ने भव्य स्वागत किया। तोरणद्वारों पर फूलों की बारिश की। नौरंगाबाद में घी के दीपक से संचलन में शामिल स्वयंसेवकों की आरती की गई। माताओं ने स्वागत गीत गाए। फूलों की बारिश की। यह दृश्य अद्भुत और अविस्मरणीय था।

  • घोष- बैंड के शिक्षक प्रीतम सिंह, रोहित केला, दिनेश आचार्य, प्रणव उपाध्याय, दक्ष शर्मा, उमा शंकर आदि ने धुन पर घोष की व्यवस्था की ।
सिकंदराराऊ खंड में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विजयदशमी उत्सव ,बीएस गार्डन बाजिदपुर में हुआ शस्त्र पूजन, गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने निकाला पथ संचलन

हाथरस। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सिकंदराराऊ खंड के बाजिदपुर स्थित बीएस गार्डन में विजयदशमी उत्सव हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान संघ के गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने कस्बे में पथ संचलन निकाला। पथ संचलन में स्वयंसेवकों ने अनुशासन, एकता और संगठन के प्रति समर्पण का परिचय दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ हरिगढ़ विभाग प्रचारक गोविंद, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं सिकंदराराऊ खंड संघचालक शिव कुमार गांधी, सिकंदराराऊ नगर संघचालक प्रवीण तथा मुख्य वक्ता पीके इंटर कॉलेज, नगला ब्राह्मण के प्रधानाचार्य प्रशांत शर्मा ने भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। इसके उपरांत विधि-विधान से शस्त्र पूजन संपन्न हुआ।

मुख्य वक्ता प्रधानाचार्य प्रशांत शर्मा ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति और राष्ट्र निर्माण में योगदान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक समाज में सेवा, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों द्वारा समाज निर्माण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए सभी से पंच परिवर्तन को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विजयदशमी का पर्व शक्ति, साहस, संगठन और धर्म की स्थापना का संदेश देता है। ऐसे आयोजन स्वयंसेवकों में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने के साथ ही सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर कस्बा में पथसंचलन भी निकाला गया। ओत्थ संचलन में कदमताल मिलाकर चल रहे स्वयंसेवको पर कस्बा वासियों ने पुष्पवर्षा की।

इस अवसर पर नगर कार्यवाह सिकंदराराऊ अवधेश, खंड कार्यवाह पंकज, सह खंड कार्यवाह शिव सिंह, जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख राजीव पुंडीर, जिला गौ सेवा प्रमुख प्रशांत, दीपक, मनीष, प्रमुख समाजसेवी अभय प्रताप , भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र, अमित, थान सिंह, चंद्रदेव सहित अन्य स्वयंसेवक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयदशमी उत्सव पर राष्ट्र और समाज की मजबूती का लिया संकल्प , जिला प्रचारक जितेंद्र ने युवाओं को संस्कारवान और राष्ट्रभक्त बनने का किया आह्वान ,101वें वर्ष में प्रवेश पर विभिन्न शाखाओं पर हुये आयोजन

हाथरस। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने राष्ट्र, धर्म एवं समाज की सेवा के संकल्प के साथ 101वें वर्ष में पदार्पण कर रहा है। संघ के स्वयंसेवकों ने हर परिस्थिति में चुनौतियों का मजबूती से मुकाबला किया है। हिंदू समाज को विभाजित करने के प्रयास देश ही नहीं, विदेशों से भी किए गए, लेकिन ऐसे प्रयास सफल नहीं हुए। समस्त हिंदू समाज को एकजुट होकर भारत को विश्व में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाने के लिए कार्य करना है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक जितेंद्र ने सूर्यनगर बस्ती एव मितई बस्ती द्वारा आयोजित डीआरबी इंटर कॉलेज में विजयदशमी उत्सव में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता जिला प्रचारक जितेंद्र, नगर संघचालक डॉ. पीपी सिंह एवं कार्यक्रम अध्यक्ष युवा समाजसेवी सोनू ठाकुर ने संघ के संस्थापक एवं आद्य सरसंघचालक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार, पूज्य गुरुजी तथा भारत माता के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद अतिथियों ने शस्त्र पूजन किया। कार्यक्रम में स्वयंसेवक द्वारा एकल गीत प्रस्तुत किया गया।

जिला प्रचारक जितेंद्र ने भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम ने शबरी के बेर खाकर तथा निषादराज और जटायु को सम्मान देकर समाज में समानता, समरसता और भेदभाव मिटाने का संदेश दिया। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर ही देश में रामराज्य की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में समरसता, आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने शस्त्र पूजन की परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे देवी-देवताओं ने भी धर्म और समाज की रक्षा के लिए शस्त्र धारण किए। इसी प्रकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने समाज की रक्षा और अनुशासन के प्रतीक के रूप में दंड को अपनाया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति और समाज को संघर्षशील, शक्तिशाली तथा साहसी बने रहना चाहिए, क्योंकि शक्ति और साहस से ही चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। विजयदशमी का पर्व हमें अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है।

जिला प्रचारक ने कहा कि विजयदशमी के अवसर पर समाज में व्याप्त बुराइयों रूपी रावण का अंत करने और राष्ट्र को मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति बुराइयों का त्याग कर अच्छे विचारों और संस्कारों को अपनाए तथा राष्ट्र एवं समाज के हित में अपना योगदान दे।

Gen-Z युवाओं को बताया देश की बड़ी ताकत

जितेंद्र ने Gen-Z यानी नई पीढ़ी के युवाओं को देश की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि संस्कारित, राष्ट्रभक्त और आदर्शवादी युवा ही देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और सकारात्मक बदलाव के लिए करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रमुख युवा समाजसेवी सोनू ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सेवा और संस्कारों की भावना जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। विजयदशमी का पर्व हमें सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश देता है। विश्व युवा भारत की ओर देख रहा है। वहीं राष्ट्र विरोधी भी भारत की बढ़ती युवा शक्ति के साथ भारत को महाशक्ति बनने से रोकने के लिये षडयंत्र रचकर युवाओं को गलत मार्ग पर ले जाने का षड्यंत्र रचा रहे है। इन षड्यंकारीयों के मंसूबो को ध्वस्त कर देश की युवा पीढ़ी भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज एवँ राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
इस अवसर पर नगर प्रचारक सौरभ सहित संघ के विभाग, जिला एवं नगर स्तर के अनेक दायित्ववान कार्यकर्ता और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। वहीँ नगर में वसुंधरा एन्क्लेब की बजरंग शाखा , मुरसान गेट की वीर सावरकर शाखा , तरफरा बस्ती की चाणक्य शाखा सहित विभिन्न शाखाओं पर भी विजयदशमी उत्सव मनाया गया।

माँ कात्यायनी मंदिर पर 20 अक्टूबर को भव्य फूलबंगला व छप्पन भोग एवँ महाआरती ,आरएसएस के प्रांत प्रचारक धर्मेन्द्र, साध्वी ऋतम्भरा सहित अनेक संत-महात्माओं का होगा आगमन

हाथरस। अलीगढ़-आगरा बाईपास स्थित जोगिया के बाँके बिहारी एन्क्लेव में नवनिर्मित सिद्धपीठ माँ कात्यायनी नवदुर्गा मंदिर में दस दिन से चल रहे भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव अंतिम दिन भव्य फूलबंगला ,छप्पन भोग के दर्शन होंगे। वहीँ महा प्रसादी का भी आयोजन किया जा रहा है।

कात्यायनी मन्दिर पर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव वके अन्तिम दिन मंगलवार को मंदिर परिसर में महाआरती, भव्य फूलबंगला एवं छप्पन भोग के दर्शन होंगे। इसके साथ ही विशाल भंडारा एवं महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में परम पूज्य दीदी माँ साध्वी ऋतम्भरा , परमशक्तिपीठ, श्रीधाम वृंदावन तथा नाभापीठाधीश्वर जगद्गुरु परम पूज्य श्री सुतीक्ष्ण दास देवाचार्य महाराज, सुदामाकुटी, श्रीधाम वृंदावन का आगमन होगा। इस पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ब्रज प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र का विशेष सानिध्य भी रहेगा।

मंदिर के चरण सेवक देवेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि प्रसादी हेतु विशाल पंडाल बनाया गया है।वहीँ पूरे क्षेत्र को लाइट से सजाया गया है। उन्होंने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से आयोजन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि सभी श्रद्धालु यज्ञ की परिक्रमा कर पुण्य लाभ प्राप्त करें ओर प्रसादी ग्रहण करें तथा माँ कात्यायनी का असीम आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बनाएं। यह जानकारी प्राणप्रतिष्ठा उत्सव के मीडिया प्रभारी आशीष सेंगर ने दी।

हाथरस “तपस्या धाम” में चैतन्य नौ देवियों के दर्शन का भव्य आयोजन, भक्तों ने लिया आध्यात्मिक आनंद

हाथरस। नवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज तपस्या धाम, हाथरस में चैतन्य नौ देवियों के दर्शन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बाल ब्रह्मचारी कुमारियों ने नौ देवियों का मनमोहक स्वरूप धारण कर आकर्षक झांकी सजाई। सजीव स्वरूप में विराजमान नौ देवियों के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और सभी ने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

इस अवसर पर हाथरस जिला प्रभारी राजयोगिनी बीके सीता दीदी ने सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा नवरात्रि पर्व हमें अपने जीवन में पवित्रता, शांति, प्रेम और दिव्य गुणों को धारण करने की प्रेरणा देता है। चैतन्य नौ देवियों की झांकी हमें अपने अंदर की शक्तियों को जागृत कर बुराइयों पर विजय प्राप्त करने तथा श्रेष्ठ संस्कार अपनाने का संदेश देती है।

वहीं, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके भावना दीदी ने भी सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और आध्यात्मिक जीवन में पवित्रता, शांति एवं सकारात्मकता अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने उत्साहपूर्वक नृत्य कर अपनी खुशी व्यक्त की। पूरे परिसर में भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम को सफल बनाने में बीके रश्मि बहन, बीके पूजा बहन एवं बीके राधा बहन का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को देवी मां का प्रसाद वितरित किया गया। संपूर्ण आयोजन श्रद्धा, उमंग और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

जोगिया स्थिति माँ कात्यायनी देवी मन्दिर पर मंगलामुखियों ने भजन कीर्तन कर गाई बधाई , माता को भेंट चढ़ाकर सर्वमंगल की कामना की

हाथरस।जोगिया स्थिति माँ कात्यायनी देवी मन्दिर पर शुक्रवार को प्राण प्रतिष्ठा होने बाद आज मंगलामुखियों ने भजन कीर्तन कर बधाइयों बक गान किया और माता को भेंट चढ़ाकर सर्वमंगल की कामना की। मन्दिर के चरण सेवक देवेन्द सिंह तोमर ने मंगलामुखियों को भगवान रामलला की तस्वीर भेंट का सम्मानित किया एवँ नेक दिया। मन्दिर पर देर रात तक माता रानी की जय जयकार होती रही।


माँ कात्यायनी देवी के भव्य मंदिर में विराजमान होने की जानकारी होते ही मंगलामुखी गुरू मनीष किन्नर के नेतृत्व में मंगलामुखियों ने मन्दिर पहुँच कर माँ कात्यायनी के दर्शन किये। इस अवसर पर मंगलामुखियों ने भजन कीर्तन किया।उन्होने बधाई गीतों के साथ नाच गाकर माता को मनाया। इस अवसर पर मनीषा ने पूजा अर्चना की। भव्य मन्दिर निर्माण पर चरण सेवक देवेन्द्र सिंह तोमर को आशीर्वाद प्रदान किया।
एव अवसर पर पवन सिंह पौरुष ,टिंकू राना ,हरीश सेंगर ,राकेश अग्रवाल , सहित काफी भक्त मौजूद रहे।

19 अक्टूबर को एक ही दिन मनाई जाएगी महाष्टमी और महानवमी, दोनों तिथियों का विशेष संयोग

हाथरस। शारदीय नवरात्र के दौरान इस वर्ष 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को महाष्टमी और महानवमी दोनों तिथियों का पूजन एक ही दिन संपन्न होगा। पंचांग के अनुसार तिथि परिवर्तन के विशेष संयोग के चलते श्रद्धालु महाष्टमी, महानवमी, हवन एवं कन्या पूजन कर सकेंगे। यह जानकारी श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा (रजिस्टर्ड), हाथरस के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने दी।

उन्होंने बताया कि अश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:27 बजे प्रारंभ होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी, जो 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी।

अष्टमी और कन्या पूजन का समय

डॉ. शर्मा के अनुसार, 19 अक्टूबर को सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि रहेगी। इसलिए महाष्टमी का पूजन एवं कन्या पूजन सुबह सूर्योदय से लेकर सुबह 10:51 बजे तक किया जा सकेगा। श्रद्धालुओं को तिथि के अनुसार पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने चाहिए।

संधि पूजा का विशेष मुहूर्त

अष्टमी और नवमी तिथि के संधिकाल में संधि पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इसके लिए 19 अक्टूबर को सुबह 10:52 बजे से 11:15 बजे तक का समय बताया गया है। इस अवधि में श्रद्धालु विधि-विधान से संधि पूजा कर सकते हैं।

महानवमी एवं मां सिद्धिदात्री का पूजन

नवमी तिथि प्रारंभ होने के बाद 19 अक्टूबर को महानवमी का पूजन एवं मां सिद्धिदात्री की आराधना की जा सकेगी। श्रद्धालु अपनी परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार हवन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकते हैं।

डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने बताया कि जो श्रद्धालु महानवमी के अवसर पर कन्या पूजन एवं हवन करना चाहते हैं, वे अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार 19 अक्टूबर को नवमी तिथि प्रारंभ होने के बाद अथवा 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे से पहले अनुष्ठान संपन्न कर सकते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से पंचांग के अनुसार पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की।

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