राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयदशमी उत्सव पर राष्ट्र और समाज की मजबूती का लिया संकल्प , जिला प्रचारक जितेंद्र ने युवाओं को संस्कारवान और राष्ट्रभक्त बनने का किया आह्वान ,101वें वर्ष में प्रवेश पर विभिन्न शाखाओं पर हुये आयोजन
हाथरस। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने राष्ट्र, धर्म एवं समाज की सेवा के संकल्प के साथ 101वें वर्ष में पदार्पण कर रहा है। संघ के स्वयंसेवकों ने हर परिस्थिति में चुनौतियों का मजबूती से मुकाबला किया है। हिंदू समाज को विभाजित करने के प्रयास देश ही नहीं, विदेशों से भी किए गए, लेकिन ऐसे प्रयास सफल नहीं हुए। समस्त हिंदू समाज को एकजुट होकर भारत को विश्व में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाने के लिए कार्य करना है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक जितेंद्र ने सूर्यनगर बस्ती एव मितई बस्ती द्वारा आयोजित डीआरबी इंटर कॉलेज में विजयदशमी उत्सव में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता जिला प्रचारक जितेंद्र, नगर संघचालक डॉ. पीपी सिंह एवं कार्यक्रम अध्यक्ष युवा समाजसेवी सोनू ठाकुर ने संघ के संस्थापक एवं आद्य सरसंघचालक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार, पूज्य गुरुजी तथा भारत माता के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद अतिथियों ने शस्त्र पूजन किया। कार्यक्रम में स्वयंसेवक द्वारा एकल गीत प्रस्तुत किया गया।
जिला प्रचारक जितेंद्र ने भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम ने शबरी के बेर खाकर तथा निषादराज और जटायु को सम्मान देकर समाज में समानता, समरसता और भेदभाव मिटाने का संदेश दिया। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर ही देश में रामराज्य की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में समरसता, आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने शस्त्र पूजन की परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे देवी-देवताओं ने भी धर्म और समाज की रक्षा के लिए शस्त्र धारण किए। इसी प्रकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने समाज की रक्षा और अनुशासन के प्रतीक के रूप में दंड को अपनाया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति और समाज को संघर्षशील, शक्तिशाली तथा साहसी बने रहना चाहिए, क्योंकि शक्ति और साहस से ही चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। विजयदशमी का पर्व हमें अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है।
जिला प्रचारक ने कहा कि विजयदशमी के अवसर पर समाज में व्याप्त बुराइयों रूपी रावण का अंत करने और राष्ट्र को मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति बुराइयों का त्याग कर अच्छे विचारों और संस्कारों को अपनाए तथा राष्ट्र एवं समाज के हित में अपना योगदान दे।
Gen-Z युवाओं को बताया देश की बड़ी ताकत
जितेंद्र ने Gen-Z यानी नई पीढ़ी के युवाओं को देश की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि संस्कारित, राष्ट्रभक्त और आदर्शवादी युवा ही देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और सकारात्मक बदलाव के लिए करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रमुख युवा समाजसेवी सोनू ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सेवा और संस्कारों की भावना जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। विजयदशमी का पर्व हमें सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश देता है। विश्व युवा भारत की ओर देख रहा है। वहीं राष्ट्र विरोधी भी भारत की बढ़ती युवा शक्ति के साथ भारत को महाशक्ति बनने से रोकने के लिये षडयंत्र रचकर युवाओं को गलत मार्ग पर ले जाने का षड्यंत्र रचा रहे है। इन षड्यंकारीयों के मंसूबो को ध्वस्त कर देश की युवा पीढ़ी भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज एवँ राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
इस अवसर पर नगर प्रचारक सौरभ सहित संघ के विभाग, जिला एवं नगर स्तर के अनेक दायित्ववान कार्यकर्ता और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। वहीँ नगर में वसुंधरा एन्क्लेब की बजरंग शाखा , मुरसान गेट की वीर सावरकर शाखा , तरफरा बस्ती की चाणक्य शाखा सहित विभिन्न शाखाओं पर भी विजयदशमी उत्सव मनाया गया।

