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राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती रेनू गौड़ ने किया जवाहर नवोदय विद्यालय का निरीक्षण

हाथरस। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती रेनू गौड़ ने विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों से आत्मीय संवाद कर उनकी शैक्षणिक प्रगति, स्वास्थ्य, दैनिक दिनचर्या तथा उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था, मध्याह्न भोजन, अनुशासन, छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. भगवान सिंह जी, उपप्रधानाचार्य श्री एस. के. तोमर जी तथा समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।

राजस्व एवं भूमि विवाद संबंधी पुनर्जीवित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही में तय होगी जिम्मेदारी

हाथरस। आईजीआरएस पोर्टल पर विगत एक वर्ष में प्राप्त राजस्व एवं भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की शासन स्तर पर समीक्षा के उपरांत पुनर्जीवित किए गए प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने शनिवार को तहसील सभागार हाथरस एवं तहसील सभागार सादाबाद में राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत आईजीआरएस पोर्टल पर पूर्व में निस्तारित किए गए ऐसे प्रकरण, जिनका और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान संभव है, उन्हें पुनर्जीवित कर पुनः परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा जहां न्यायालय में वाद दायर किए जाने की आवश्यकता हो, वहां तत्काल विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए प्रकरण का स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न भूमि विवाद संबंधी शिकायतों पर अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत निस्तारण आख्या का बिंदुवार परीक्षण किया। निस्तारण की गुणवत्ता संतोषजनक न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण स्वीकार्य नहीं होगा। शिकायत का ऐसा समाधान किया जाए कि भविष्य में वही प्रकरण पुनः आईजीआरएस अथवा अन्य किसी माध्यम से न आए।उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत के स्थलीय निरीक्षण के समय शिकायतकर्ता एवं प्रतिपक्ष दोनों की मौके पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा निरीक्षण के फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से निस्तारण आख्या के साथ संलग्न किए जाएं। आख्या में शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक की गई समस्त कार्यवाही का क्रमवार एवं बिंदुवार विवरण अंकित किया जाए, ताकि समाधान की गुणवत्ता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो सके।जिलाधिकारी ने कहा कि यदि मामला चकरोड पर अवैध कब्जे से संबंधित है तो नियमानुसार पैमाइश कराकर कब्जा हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। यदि मामला निजी कृषि भूमि से संबंधित है तो आवश्यकतानुसार संबंधित धाराओं में वाद दायर कराकर विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए पैमाइश एवं सीमांकन कराया जाए। किसी भी स्तर पर खानापूर्ति या औपचारिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि निस्तारित शिकायतों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि निस्तारण में क्या कमियां रहीं और क्या वास्तव में शिकायत का समाधान हुआ। प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है, जिससे नागरिकों को बार-बार एक ही समस्या के लिए शिकायत न करनी पड़े। जिलाधिकारी ने सभी राजस्व अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, संबंधित उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

संगठन को मजबूत बनाने के आह्वान के साथ 2027 में 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान, राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का कार्यकर्ता परिचय सम्मेलन सम्पन्न

हाथरस । राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ( R A M) पार्टी जिला हाथरस द्वारा कार्यकर्ता परिचय सम्मेलन कृपाराम कोठीवाल धर्मशाला अलीगढ़ रोड स्थित पर संपन्न हुआ । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री मनोज शर्मा व्रजक्षेत्र प्रभारी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष श्री विजय कुमार शर्मा ने की। इस कार्यक्रम का सफल संचालन निशांत उपाध्याय महासचिव/प्रभारी हाथरस ने किया।

कार्यक्रम में श्री आरेन्द्र मिश्रा जी जिला अध्यक्ष बरेली ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा पार्टी के बारे में विस्तार से जानकारी दी साथ ही कहा की आने वाले 2027 के चुनाव में हमारी राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा 403 विधानसभा में अपने प्रत्याशी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। कार्यक्रम में श्री सचिन शर्मा मंडल अध्यक्ष बरेली भी उपस्थित थे। इन्होंने भी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए पार्टी के लिए जीत का मंत्र दिया। इनके साथ-साथ श्री केशव शंकर जी संस्थापक सदस्य व रजत मिश्रा जी संस्थापक सदस्य राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा भी मौजूद रहे l कार्यक्रम का संचालन कर रहे निशांत उपाध्याय द्वारा कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथि वी कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला अध्यक्ष जी को सर्वप्रथम श्री रामचंद्र जी की छवि चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वल करने के लिए आमंत्रित किया।

उसके बाद कार्यक्रम में हाथरस जनपद के समस्त पदाधिकारी युवा मोर्चा महिला मोर्चा आदि ने एक-एक कर अपना अपना परिचय दिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा हाथरस के समस्त सम्मानित पत्रकार बंधुओ को सम्मानित किया गया साथ ही कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला अध्यक्ष श्री विजय कुमार शर्मा द्वारा सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता वह पत्रकार बंधुओ का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष विजय कुमार शर्मा,महासचिव/प्रभारी निशांत उपाध्याय,जिलाउपाध्यक्ष दीनदयाल शर्मा, जिला मंत्री प्रदीप शर्मा, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रेखा राणा, मोर्चा जिला उपाध्यक्ष पूनम शर्मा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्राची उपाध्याय, सासनी नगर अध्यक्ष कालू पंडित, जिला उपाध्यक्ष सौरभ पराशर, जिला मंत्री अभिषेक पाठक, हर्षवर्धन द्विवेदी, अतुल पंडित जिला मंत्री, भोला पंडित जिला उपाध्यक्ष, शुभम अग्निहोत्री युवा मोर्चा जिला मंत्री, सौरभ गौतम नगर अध्यक्ष सादाबाद, कृष्ण सिंह, देवेंद्र ठाकरे युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष, ललित शर्मा, कपिल शर्मा युवा मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य, विपिन कुमार युवा मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य, यश पचौरी युवा मोर्चा जिला मंत्री, आदि सैकड़ो की संख्या में राष्ट्र अधिकार मोर्चा पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ता व सदस्य मौजूद थे।

श्री रामलला मंदिर प्रकरण पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य

(नई दिल्ली, 3 जुलाई 2026)

श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केन्द्र बना है।

अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और राम भक्तों की भावना एवं श्रद्धा को आघात पहुँचा है तथा इस घटना से हम सभी आहत हैं।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पूर्वक निवेदन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जाँच दल का गठन कर उसकी अनुशंसा पर कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की है। जाँच में जो भी दोषी पाए जाएँगे उन्हें कठोर दंड हो यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित संपूर्ण हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि इस घोर निंदनीय घटना को असाधारण मान कर गंभीरता से व्यवस्था एवं संचालन की सभी कमियों को दूर करने हेतु परिणामकारक कदम उठाए ताकि अयोध्या मंदिर पर करोड़ों रामभक्तों की आस्था व श्रद्धा अखंड एवं अटूट बनी रहे। वर्तमान भ्रम और असमंजस की स्थिति समाप्त होनी चाहिए। इस दृष्टि से हमारी अपेक्षा है कि सभी आवश्यक पहल मंदिर प्रबंधन और शासन द्वारा गठित विशेष जाँच दल करेंगे।

हमारा यह विश्वास है कि समुचित वित्तीय प्रबंधन, सुचारू संचालन हेतु निर्दोष पारदर्शी व्यवस्थाओं एवं शुद्धता और पवित्रता से परिपूर्ण धार्मिकता से ओतप्रोत वातावरण के द्वारा श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास हिन्दू समाज की आस्था एवं विश्वास को सुदृढ़ बनाये रखेगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संपूर्ण हिन्दू समाज से भी आह्वान करता है कि इस कठिन क्षण में वह आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिन्दू विरोधी, राष्ट्र विरोधी शक्तियों के हिंदू धर्म एवं समाज को बदनाम करने के षड़यंत्रों को विफल करे।

बागला संयुक्त चिकित्सालय में इमरजेंसी सेवाओं के विस्तार की तैयारी, डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण

हाथरस,। जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बागला संयुक्त चिकित्सालय की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को और सुदृढ़ एवं विस्तारित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने अस्पताल परिसर स्थित एमडीटीवी अस्पताल में प्रस्तावित नई इमरजेंसी व्यवस्था का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जिला अस्पताल की इमरजेंसी सीमित स्थान में संचालित हो रही है, जहां केवल 8 से 10 बेड उपलब्ध हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं का विस्तार आवश्यक है ताकि अधिक मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।


उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर स्थित टीबी हॉस्पिटल भवन के भूतल पर एक वार्ड को आधुनिक इमरजेंसी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इससे टीबी अस्पताल और नई इमरजेंसी दोनों की व्यवस्थाएं अलग-अलग एवं सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित नई इमरजेंसी निर्माणाधीन 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट के निकट होगी, जिससे गंभीर मरीजों को बिना समय गंवाए तुरंत क्रिटिकल केयर यूनिट में शिफ्ट किया जा सकेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इमरजेंसी स्थानांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

हाथरस में दूसरे दिन 6,737 अभ्यर्थी हुए यूपी-टीईटी में शामिल,733 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा ,डीएम-एसपी ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी-2026) के दूसरे दिन जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। दूसरे दिन आयोजित परीक्षा में कुल 7,470 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 6,737 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जबकि 733 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अतुल वत्स ने चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ सरस्वती इंटर कॉलेज एवं डीआरबी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर बनाए गए स्ट्रांग रूम, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था तथा निगरानी तंत्र का विस्तार से निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने परीक्षा कक्षों का निरीक्षण कर बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षार्थियों के प्रवेश तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्क्रीनिंग टीम के सदस्यों से वार्ता कर अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग एवं पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी सावधानी, सतर्कता एवं गुणवत्ता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए।पुलिस अधीक्षक ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस बल को परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता बनाए रखने, अभ्यर्थियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।

₹25 हजार का इनामी मोना ठाकुर पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, दोनों पैरों में लगी गोली

कैलाश ढाबा फायरिंग कांड में था आरोपी ,मुठभेड़ में पुलिस की गाड़ी व थाना प्रभारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगी गोली

हाथरस। एसओजी टीम, थाना हाथरस जंक्शन एवं थाना हाथरस गेट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कैलाश ढाबा फायरिंग कांड के ₹25 हजार के इनामी आरोपी मोना ठाकुर उर्फ सचप्रताप सिंह को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, 18 जून 2026 को थाना हाथरस गेट क्षेत्र स्थित कैलाश ढाबे के सामने दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर चार टीमों का गठन किया गया था तथा एसओजी व सर्विलांस टीम को भी लगाया गया था। घटना में शामिल छह आरोपियों पर ₹25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिलने पर मथुरा-बरेली हाईवे स्थित मेंडू-रुहेरी रोड के पास आरोपी की घेराबंदी की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जबकि आमने-सामने की फायरिंग में पुलिस की सरकारी गाड़ी तथा थाना प्रभारी हाथरस जंक्शन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। इस घटना में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोना ठाकुर उर्फ सचप्रताप सिंह पुत्र रहीश पाल निवासी नगला इमलिया, थाना हाथरस जंक्शन के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक 315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस तथा एक होंडा अमेज कार बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी थाना हाथरस जंक्शन का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट, एनडीपीएस एक्ट सहित करीब दो दर्जन आपराधिक मुकदमे विभिन्न जनपदों में दर्ज हैं। आरोपी कई बार जेल भी जा चुका है।
फिलहाल थाना हाथरस जंक्शन पुलिस आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर जिला कार्यकर्ता सम्मेलन सम्पन्न, संगठन की मजबूती का लिया संकल्प

हाथरस। शहर के अग्रवाल सेवा सदन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित संस्मरण पखवाड़ा के अंतर्गत एक जिला कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लेकर संगठन की मजबूती और जनसेवा के संकल्प को दोहराया।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा और यतेन्द्र शर्मा उपस्थित रहे। उनके साथ सांसद अनूप प्रधान, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा तथा सदर विधायक अंजुला माहौर ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
वक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “राष्ट्र प्रथम” के विचार और उनके अखंड भारत के स्वप्न को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी जी के आदर्श प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत हैं।


कार्यक्रम के दौरान सभी वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने तथा सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का आह्वान किया। सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों के सहयोग के लिए नेताओं ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वर्तमान समय में नैतिकता के ह्रास:चरमोत्कर्ष पर जिम्मेदार कौन?

डॉ यू एस गौड़ (समाज विश्लेषक)
जिला संघचालक हाथरस

 भारतीय आधुनिक समाज जहां एक ओर तकनीकी प्रगति, आर्थिक समृद्धि और वैज्ञानिक उपलब्धियों के शिखर को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर मानवीय मूल्यों और नैतिकता पर  गंभीर संकट आ खड़ा हुआ है।  प्रतिदिन भ्रष्टाचार, आत्महत्या संवेदनहीनता, धोखाधड़ी ,पति पत्नी के बीच बढ़ते विश्वासघात की घटनाएं न केवल समाज को झकरोर रही है बल्कि भय से भरे वातावरण का निर्माण  कर रही है । वेदना का विषय यह भी है कि इन घटनाओं को समाचार पत्र,सोशल मीडिया प्रमुखता से प्रकाशित करता है और बार बार करता है क्यों इसके पीछे बढ़ती टी आर पी जो है। अच्छी नैतिकता से ओतप्रोत समाचार तो प्रकाशन से बाहर है उनको कोई नहीं छापता।
ऐसे में यह सवाल उठना आवश्यक है कि इस नैतिक पतन के लिए वास्तव में जिम्मेदार कौन है? क्या कोई एक इकाई इसके लिए दोषी है, या यह पूरी व्यवस्था का सामूहिक परिणाम है?
में सामाजिक विश्लेषक हु इसलिए इस गंभीर समस्या पर मेरा विश्लेषण कुछ इस प्रकार है

  1. अध्यात्मवाद को त्याग भौतिकवाद का बढ़ता चलन
    आधुनिक समाज की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि हमने ‘होने’ से ज्यादा ‘दिखने’ को महत्व देना शुरू कर दिया है। आज व्यक्ति की पहचान उसके चरित्र, ईमानदारी या ज्ञान से नहीं, बल्कि उसके वैभव  गाड़ी, बंगले और बैंक बैलेंस से होती है।
    फलस्वरूप पैसे कमाने की इस अंधी दौड़ ने “साध्य ही साधन का औचित्य है” वाली मानसिकता को जन्म दे दिया है और येन केन प्रकारेंन माध्यम से सभी पैसा कमाने में लगे है।
  2. समाप्त होते कुटुंब और एकाकीपन का प्रवेश
    अतीत में, संयुक्त परिवार बच्चों के लिए नैतिकता की पहली पाठशाला होते थे। दादा-दादी और नाना-नानी की कहानियों के माध्यम से बच्चों में अनजाने ही त्याग, सहयोग और सहानुभूति के बीज अंकुरित हो जाते थे।
    अब एकल परिवारों  के बढ़ते चलन और माता-पिता दोनों के कामकाजी होने के कारण, बच्चों को वह पारंपरिक ‘नैतिक छाता’ नहीं मिल पा रहा है। अब बच्चों का खालीपन माता-पिता के समय की बजाय महंगे संसाधनों से भरा जा रहा है।
  3. शिक्षा प्रणाली का ध्यान केवल व्यावसाय
    हमारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली ‘चरित्र निर्माण’ की बजाय केवल ‘कैरियर निर्माण’ पर केंद्रित हो गई है। स्कूल और कॉलेज बालकों को बालक नहीं अपितु उत्पादन मान कर   डिग्रियां तो बांट रहे हैं, किंतु संवेदनशील इंसान  बनाने में असमर्थ  है ।
    : पाठ्यक्रम से नैतिक शिक्षा प्रायः मृत है नैतिक  शिक्षा को या तो पाठयक्रम से हटा दिया गया है या उसे केवल पास होने के लिए एक औपचारिक विषय बना दिया गया है। जब शिक्षा का उद्देश्य केवल ‘पैकेज’ पाना रह जाएगा, तो वहां से देश के जिम्मेदार नागरिक नहीं, बल्कि संवेदन शून्य मशीनें ही निकलेंगी। जबकि समाज शास्त्री और विद्वान अरस्तु यह सिद्ध कर चुके है कि बिना समाज के कोई व्यक्ति नहीं रह सकता और जो रहने की कोशिश कर रहा है वह या तो ईश्वर है या मानसिक विक्षिप्त।
  4. धर्म को पुर्नस्थापित करने का संकल्प लेने वाले व्यवसाई हैं।
    संत महात्मा,समाज शास्त्री,और अन्य आध्यात्मिक लोग अधर्म पर धर्म की पताका फहराने का संकल्प लेने वाले पथ भ्रष्ट होकर अर्थप्रधान कर्म करने लगे,नैतिकता की कथा कहने वाले नाच गाने और फूहड़ता में पड़ गए समाज में धर्म का जागरण करने वाले लोग स्वयं धर्म की आचार संहिता को भूल गए।
  5. आदर्शवादियों का संकट
    किसी भी समाज के नैतिक मानदंड इस बात से तय होते हैं कि उस समाज के मार्गदर्शक (नेता, अभिनेता, बुद्धिजीवी) कैसा आचरण कर रहे हैं। वर्तमान समय में राजनीति, व्यवसाय और मनोरंजन जगत के शीर्ष लोगों में मूल्यहीनता साफ देखी जा सकती है। जब समाज देखता है कि नियम तोड़ने वाले और भ्रष्ट लोग सत्ता और सम्मान का आनंद ले रहे हैं, तो आम आदमी का भी ईमानदारी से भरोसा उठने लगता है।
    नैतिकता को बचाने की जिम्मेदारी किसकी?
    नैतिकता के ह्रास के लिए हम किसी एक व्यक्ति समाज या धर्म को नहीं मन सकते बल्कि हम सब सामूहिक रूप से जिम्मेदार हैं।
    जहां समाज में, हमने ईमानदार व्यक्ति को ‘बेवकूफ’ और चालाक-भ्रष्ट व्यक्ति को ‘सफल’ मानना शुरू कर दिया है।
    माता-पिता के रूप में, हम बच्चों से अच्छे अंकों की जिज्ञासा तो रखते है किंतु  अच्छा इंसान बनने पर जोर नहीं देते।
    एक नागरिक के रूप में, हम अपने अधिकारों के प्रति तो सजग हैं, लेकिन कर्तव्यों से आंखें बंद किये हुए  हैं।
    समाधान की राह: नैतिकता को वापस लाने के लिए बदलाव की शुरुआत व्यक्तिगत स्तर से करनी होगी। जब तक हम ‘सफलता’ के पैमाने को केवल धन-दौलत से बदलकर चरित्र और सेवा भाव से नहीं जोड़ेंगे, तब तक यह ह्रास थमेगा नहीं। शिक्षा में मूल्यों की वापसी, परिवारों में संवाद और सोशल मीडिया के प्रति आत्म-नियंत्रण ही इस संकट से उबरने का एक मात्र मार्ग है और इस मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ना होगा।
उर्वरक दुकानों पर छापेमारी, कई विक्रेताओं को नोटिस; यूरिया-डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

हाथरस। खरीफ सीजन में धान समेत अन्य फसलों की बुआई शुरू होने के साथ ही किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारियों और जिला कृषि अधिकारी की संयुक्त टीम ने गुरुवार को जिले की सभी तहसीलों में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर मयंक फर्टिलाइजर (कछपुरा), मां चंद्रावली (सादाबाद), राजीव ट्रेडर्स (सादाबाद), भूमिधर ट्रेडर्स (सासनी) और विनय फर्टिलाइजर (दरियापुर) को नोटिस जारी किए गए।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 22,332 मीट्रिक टन यूरिया और 6,700 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा 674 मीट्रिक टन यूरिया तथा 2,100 मीट्रिक टन डीएपी पीसीएफ बफर गोदाम में प्री-पोजिशनिंग के तहत उपलब्ध है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई विक्रेता उर्वरकों की ओवररेटिंग या टैगिंग (अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव) करता है, तो इसकी शिकायत जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 8126556290 और 9410290381 पर करें।
किसानों से उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड, जमीन की खतौनी और फार्मर आईडी की छायाप्रति साथ लाने का अनुरोध किया गया है। शासन के निर्देशानुसार खरीफ सीजन में अधिकतम प्रति हेक्टेयर 7 बोरी यूरिया और 5 बोरी डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित दरों पर बिक्री, स्टॉक एवं रेट बोर्ड प्रदर्शित करने, पीओएस मशीन से बिक्री करने और किसानों की मांग पर ही अन्य उत्पाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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