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शिव-पार्वती विवाह की दिव्य झाँकी ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, कथा पंडाल हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान

हाथरस। श्रीकृष्ण गौशाला, गौशाला रोड, हाथरस स्थित गौमाता, श्री गिरिराज भगवान एवं प्रातःस्मरणीय परम पूज्य पंडित श्री गया प्रसाद जी महाराज की परम पावन तपोभूमि में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के द्वितीय दिवस परम पूज्य आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने परीक्षित-शुकदेव संवाद, भगवान कपिलदेव द्वारा माता देवहूति को प्रदत्त सांख्य योग का दिव्य उपदेश, ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि की रचना, भीष्म स्तुति, सती चरित्र, माता पार्वती की कठोर तपस्या तथा भगवान शिव-पार्वती विवाह का अत्यंत भावपूर्ण एवं रसपूर्ण वर्णन किया।
कथाव्यास ने कहा कि राजा परीक्षित और श्री शुकदेव जी का संवाद संसार के प्रत्येक जीव के लिए आदर्श है। जब जीवन का अंतिम समय निकट हो, तब मनुष्य को समस्त सांसारिक मोह का त्याग कर भगवान के नाम, कथा और भक्ति में अपने मन को लगाना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा ही मनुष्य को भय, मोह और जन्म-मरण के बंधन से मुक्त करने का मार्ग दिखाती है।
महाराज श्री ने भगवान कपिलदेव द्वारा माता देवहूति को बताए गए सांख्य योग का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य जब अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानकर भगवान की निष्काम भक्ति करता है, तभी उसे संसार के दुखों से मुक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि भक्ति के बिना ज्ञान और वैराग्य अधूरे हैं।


कथा में ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि की रचना का भी सुंदर वर्णन किया गया। कथाव्यास ने बताया कि सम्पूर्ण सृष्टि भगवान की दिव्य शक्ति से संचालित होती है तथा प्रत्येक जीव का परम लक्ष्य भगवान की भक्ति प्राप्त करना है।
इसके उपरांत सती चरित्र, माता पार्वती की तपस्या एवं भगवान शिव-पार्वती विवाह का अत्यंत मनोहारी वर्णन किया गया। महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह त्याग, तपस्या, श्रद्धा, समर्पण और सनातन संस्कृति के आदर्शों का अनुपम संदेश देता है। माता पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया, जो दृढ़ संकल्प और अटूट भक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है।
कथा के दौरान भगवान शिव-पार्वती विवाह की मनोहारी झाँकी प्रस्तुत की गई। झाँकी के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे तथा पूरा कथा पंडाल “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोषों से गुंजायमान हो गया। श्रीकृष्ण गौशाला का विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा, जहाँ उपस्थित श्रोताओं ने कथा एवं झाँकियों का भक्तिभाव से आनंद लिया।
आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव स्वयं वैष्णवों में श्रेष्ठ हैं तथा श्रीमद्भागवत कथा के महान रसिक हैं। भगवान शिव एवं माता पार्वती की कृपा तथा श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन में सुख, शांति, सद्बुद्धि एवं भगवान श्रीकृष्ण की निष्काम भक्ति का संचार करता है।
इस अवसर पर श्री गोविंद बल्लभ,श्री श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), श्री पंकज खंडेलवाल, योगा पंडित जी (ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष), प्रशांत बौहरे जी (पूर्व अध्यक्ष), संजय शर्मा जी (पूर्व अध्यक्ष), रामकुमार शर्मा, सचिन अग्रवाल, कमलेश बंसल, हेमकांत शर्मा जी, किशन मामाजी, राजेंद्र नाथ चतुर्वेदी जी, रिंकू लाला,सीमा अग्रवाल, शीतल अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, मीनाक्षी शर्मा, राशि संगीता, सुनन्या, रश्मि जैन, विनीत दुबे,
श्री अजय अग्रवाल, रामअवतार जी अग्रवाल, अशोक आंधीवाल,श्री अनूप अग्रवाल, एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

अनुशासित स्काउट्स ही बढ़ सकते हैं आगे : कुलदीप ,हीरालाल बारहसैनी इंटर कॉलेज में चल रहा स्काउट-गाइड शिविर

अलीगढ़ : अचलताल स्थित हीरालाल बारहसैनी इंटर कॉलेज में चल रहे स्काउट-गाइड शिविर में विभिन्न जानकारियां दी जा रहीं हैं। जिससे स्काउट्स हर मुश्किलों का सामना कर सकें। उनमें किसी भी विषम परिस्थिति त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सके।
शिविर में प्रवेश सोपान, प्रथम सोपान और द्वितीय सोपान के कुल 40 छात्र-छात्राएं पूरे अनुशासन के साथ भाग ले रहे हैं। जिला प्रशिक्षण आयुक्त कुलदीप सक्सेना ने कहा कि स्काउट्स को समाज में परिपक्व की निगाह से देखा जाता है। माना जाता है कि स्काउट्स हर परिस्थिति में आगे बढ़ते हैं। कहीं पर कोई समस्या आगे वह उसका मुकाबला करने से पीछे नहीं हटते हैं। इसलिए प्रशिक्षण में आप सभी भी बेहतर करने की कोशिश करें।

राहुल सांकृत्यायन ने कहा कि स्काउट्स के लिए अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण होता है। अनुशासित स्काउट्स बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल कर सकते हैं। विवेक तोमर और गौतम सैनी भी स्काउट्स का हौसला बढ़ाया। कहा, यहां से प्रक्षिक्षण के बाद आप एक सक्षम नागरिक की तरह तैयार होकर समाज में कार्य करें। प्रशिक्षण में प्राथमिक चिकित्सा, गांठ और तंबू, प्राथमिक चिकित्सा के बारे में बताया गया। 21 जुलाई को सभी स्काउट्स को प्रमाण पत्र देकर शिविर का समापन होगा।

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स के तत्वावधान में मैण्डू में द्वितीय रक्तदान शिविर सम्पन्न80 यूनिट रक्त संग्रहित, रक्तदाताओं में दिखा अभूतपूर्व उत्साह

हाथरस : एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स के तत्वावधान में मैण्डू में दूसरी बार रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में रक्तदानियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
शिविर का शुभारंभ संयुक्त रूप से आरएसएस जिला विभाग सह सम्पर्क प्रमुख दुर्गेश जी,एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय, सभासद गीतांजलि शर्मा, महेश चंद्र वर्मा मण्डल महामंत्री, मा. संघ चालक ज्ञानेंद्र सिंह राजपूत एवं गौरव पाठक द्वारा किया गया।
शुभारंभकर्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि “रक्तदान केवल मानव शरीर से ही प्राप्त होता है। इसे किसी फैक्ट्री या कारखाने में नहीं बनाया जा सकता। यह केवल ह्यूमन प्रक्रिया है। इसीलिए रक्तदाताओं के दान से ही दूसरों के जीवन को बचाने का ईश्वरीय कार्य होता है और दूसरों का जीवन बचता है।”


शिविर संयोजक ज्ञानेंद्र सिंह राजपूत, गौरव पाठक, चेतन उपाध्याय (बब्बी पंडित) एवं नितिन वर्मा (विक्की वर्मा) ने बताया कि मैण्डू में घर-घर जाकर व्यक्तिगत रूप से कैंपेन किया गया। लोगों में शिविर को लेकर भारी उत्साह था। इसी कारण रक्तदानी बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि “रक्त का मोल अनमोल होता है”। एक यूनिट रक्त से 3 लोगों की जान बचाई जा सकती है।
80 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जिसमें सभी ब्लड ग्रुप का रक्त संग्रह हुआ। आयोजकों ने संकल्प लिया कि हम लोग मैण्डू में नियमित अंतराल के बाद रक्तदान शिविर का आयोजन करते रहेंगे, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स मानव अधिकारों के साथ-साथ समाज सेवा के कार्यों में भी निरंतर सक्रिय रहता हैं।
इस अवसर पर उपवेश कौशिक, शैलेन्द्र सांवलिया, उद्धव कृष्ण शर्मा, मुरारी चौधरी, रवि गुप्ता, अनिल कुमार अग्रवाल, मनोज वर्मा, लोकेंद्र सिंह वर्मा, राजेंद्र सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, मोहित वर्मा, संदीप गोस्वामी, रवि मोहन उपाध्याय, गगन शर्मा, प्रेम सिंह राजपूत, वीरेंद्र सिंह, सोनू शर्मा, जितेंद्र कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं रक्तदाता उपस्थित रहे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सासनी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोमरी, बसई काजी और टिकारी का किया औचक निरीक्षण

हाथरस। सासनी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी वेदप्रकाश ने रविवार को सासनी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोमरी, बसई काजी और टिकारी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित मिले। सीएमओ ने वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया और व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाया।

सासनी सीएचसी में निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली की भी जांच की। उन्होंने एंबुलेंस चालक से दिनभर की सेवाओं की जानकारी ली। चालक ने बताया कि दो मरीजों को अस्पताल लाया गया था। एंबुलेंस की लॉग बुक की जांच में पाया गया कि एक मरीज को कॉल के 5 मिनट और दूसरे को 9 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचाया गया। मरीजों के परिजनों ने भी एंबुलेंस सेवा की सराहना की और बताया कि वाहन समय पर उपलब्ध हुआ तथा चालक द्वारा कोई शुल्क नहीं मांगा गया।

सीएमओ ने दो दिन पहले सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव कराने वाली तीन महिलाओं से भी बातचीत की। उन्होंने अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, उपचार और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। सभी महिलाओं ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और चिकित्सा स्टाफ के व्यवहार की प्रशंसा की।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएचसी परिसर के शौचालय में पाइप चोक होने की समस्या से सीएमओ को अवगत कराया। इस पर सीएमओ ने तत्काल नगर पालिका सासनी के अधिशासी अधिकारी से संपर्क किया और समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी ने सुधारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

सीएमओ ने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

संगति का व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है काफी प्रभाव : उपाध्याय श्री 108 शिवदत्त जी महाराज

हाथरस। नायगंज स्थित 1008 श्री नेमिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में उपाध्याय श्री 108 शिवदत्त जी महाराज एवं मुनि श्री 108 पदम दत्त जी महाराज ने कहां कि संगति का व्यक्ति के जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है यदि आप गलत संगति में बैठेंगे तो हमारे आचार विचार भी ऐसे ही बनेंगे गलत संगति में बैठने वाले लोग गलत ही करेंगे,वह अच्छा, बुरा भूल जाते हैं, वह इतने दुष्ट हो जाते हैं कि वह अपने प्रिय जनों को भूल जाते हैं जैसे आप किसी सर्प को दूध पिलाओगे तो वह जहर ही उगलेगा ऐसे दुष्ट व्यक्ति के लिए आप कितना भी कुछ कर लो उसकी प्रवर्ति नही बदलती है, यदि वह मुनियों की संगति में रहेगा तो अचार विचार बदलेगा, भक्ति करेगा उपाध्याय करेगा उसके अंदर के विचार बदलेंगे।

उन्होंने कहा कि आज सबसे अधिक संख्या दुष्टो की है जिस व्यक्ति को सभी लोग चाहते हैं उसका समाज में भी सम्मान मिलता है मुनि शिवदत्त जी महाराज ने कहा कि आजबकल के बच्चे पूछते हैं यह भगवान की प्रतिमा पत्थर की बनी हुई है और जहां हम बैठे हैं वह भी पत्थर है फिर हम इनको क्यों पूजते हैं उन्होंने उदाहरण दिया कि यह छोटा सा कागज है और हम इसको ऐसे ही फेंक देते हैं लेकिन यही छोटे से कागज पर यदि 2 लाख की मुद्रा लिख दी जाये ओर गवर्नर के साइन हो जाए तो क्या हमसे फेंक देंगे नहीं,कियोकि इसकी कीमत हो जाएगी हम इस छोटे से टुकड़े के लिए भगवान की पूजा छोड़ देते हैं महाराज के आहार बिहार छोड़ देते हैं पत्थर की यह प्रतिमा में मुनि वर मंत्र फुखते हैं तो इस प्रतिमा आत्मा प्रवेश कर जाती है और यह प्रतिमा पूजनीय हो जाती है यदि कोई व्यक्ति कपड़े बदलकर प्रतिमा रखता है तो और पुनःकपड़े पहन लेता है तो किया वह भगवान हो जाता है , हमने भगवान आदिनाथ को नहीं देखा भगवान महावीर को नहीं देखा लेकिन जो मुनि है उनको देखा है, भगवान आदिनाथ, भगवान,महावीर भी ऐसे ही होंगे। इस मौके पर प्रमुख रूप से श्री जैन नवयुवक सभा अध्यक्ष उमाशंकर जैन, राकेश जैन,अनिल जैन गुड्डू, अमित जैन पंकज जैन मोबाइल,सुभाष चंद जैन,धर्मेंद्र जैन,संजीव जैन सूत वाले, अरविंद जैन राजा बाबू, सतेंद्र जैन, विजय जैन लोहिया, राज कुमार जैन लोहिया, संदीप जैन ज्वेलर्स, यतीश जैन,हिमांशु जैन,आकाश जैन, गुड्डा जैन,आशीष जैन, कपिल जैन चूर्ण,राजा जैन, सुधीर जैन, संदीप जैन अमीन राजेश जैन बैंक, संजीव जैन भूरा, अमित जैन लुहाडि़या, जितेंद्र जैन रेडीमेड, अतुल जैन वसुंधरा, मनीष जैन, हरविन्द जैन,दीपक जैन, अनिल जैन, पवन जैन, पंकज जैन ट्रंक अभिषेक जैन संतोष जैन,पी के जैन इंजीनियर,संजीव जैन सेनेटरी,आदि मौजूद थे।

हाथरस में पत्नी की प्रताड़ना का शिकार हो रहे पूर्व शिक्षक ,कमरे में किया कैद

हाथरस। शहर के मोहल्ला बालापट्टी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पूर्व शिक्षक अशोक कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी ने उन्हें घर के एक कमरे में बंद कर रखा है, जिसके कारण वह पिछले आठ दिनों से भूख और प्यास की गंभीर परेशानी झेल रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी जान खिड़की के सहारे बची हुई है।
पीड़ित अशोक कुमार के अनुसार, वह पिछले सात वर्षों से पत्नी द्वारा शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार हैं। उनका आरोप है कि उनकी पत्नी अक्सर उन्हें कमरे में बंद कर बाहर चली जाती है। इस बार भी वह घर से जाने से पहले केवल चार दिनों का भोजन बनाकर रख गई थीं। भोजन समाप्त होने के बाद वह कई दिनों तक भूखे रहे और बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। घटना पूरे मोहल्ले में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो यह बेहद गंभीर और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला है।
फिलहाल मामले में संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया और पुलिस की आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

आबकारी विभाग का सघन निरीक्षण अभियान, शराब दुकानों और ढाबों पर की गई जांच

हाथरस। आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेशों के क्रम में तथा संयुक्त आबकारी आयुक्त, आगरा जोन, आगरा एवं उप आबकारी आयुक्त, अलीगढ़ प्रभार के निर्देशों के अनुपालन में जिला आबकारी अधिकारी हाथरस के निर्देशन में शनिवार को जनपद में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक ने अपनी टीम के साथ देशी शराब एवं कंपोजिट शराब की फुटकर दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। दुकानों में उपलब्ध मदिरा स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर उसका मिलान किया गया। साथ ही रैंडम आधार पर बोतलों के क्यूआर कोड को एक्साइज एप के माध्यम से स्कैन कर मदिरा की वैधता की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि वे POS मशीन के माध्यम से 100 प्रतिशत स्कैनिंग के बाद ही मदिरा की बिक्री सुनिश्चित करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
इसके अतिरिक्त अलीगढ़ प्रवर्तन-3 टीम के साथ संयुक्त रूप से जीटी रोड स्थित ढाबों एवं वाहनों की भी सघन चेकिंग की गई। अभियान का उद्देश्य अवैध मदिरा के परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाना तथा आबकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना रहा।

करणी सेना की बैठक में महिला शक्ति कार्यकारिणी का विस्तार, राजकुमारी चौहान जिला अध्यक्ष व सरिता कौशिक संरक्षक मनोनीत

हाथरस। स्थानीय महात्मा गांधी कन्या इंटर कॉलेज में करणी सेना की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन की मजबूती और आगामी गतिविधियों को गति देने के लिए महिला शक्ति की जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से राजकुमारी चौहान को महिला शक्ति का नया जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके साथ ही, उपभोक्ता कल्याण परिषद समिति (महिला मोर्चा, हाथरस) की जिला अध्यक्ष श्रीमती सरिता कौशिक को करणी सेना महिला शक्ति में संरक्षक के महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को संगठन के प्रति निष्ठा और सक्रियता के लिए बधाई दी गई।


यह बैठक करणी सेना के जिला अध्यक्ष राणा ऋषि प्रताप, प्रदेश प्रवक्ता व राष्ट्रवादी कवि राणा मुनि प्रताप, और युवा जिला अध्यक्ष विश्वेंद्र प्रताप सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में उपभोक्ता कल्याण परिषद समिति (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश सिसोदिया, हाथरस के जिला अध्यक्ष रन सिंह सिसोदिया और आदरणीय राजेंद्र चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इन सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में नई नियुक्तियों पर मुहर लगाई गई और संगठन के विस्तार की रूपरेखा तैयार की गई।
मनोनयन के उपरांत करणी सेना के तमाम पदाधिकारियों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वरिष्ठ नेताओं ने विश्वास जताया कि राजकुमारी चौहान और सरिता कौशिक के कुशल नेतृत्व में महिला शक्ति धरातल पर और अधिक मजबूत होगी। उपस्थित पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि नई टीम आने वाले समय में जल्द ही अपनी मजबूत टीम का गठन करेगी, नारी शक्ति को एकजुट करेगी और आगामी सामाजिक गतिविधियों में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

एकसाथ दो अज्ञात शवों का कराया रीति रिवाज से अंतिम संस्कार

हाथरस,व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स (Adhr)संस्था अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार का कार्य कर रही है
दो अज्ञात शवों का एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में दाहसंस्कार किया गया जिसके दाहसंस्कार की व्यवस्था मे एडीएचआर के पदाधिकारी अभिषेक अग्रवाल व महेश चंद्र अग्रवाल और एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का पूर्णरूपेण सहयोग रहा ।
पहला शव सिकंद्राराराऊ कोतवाली के अंतर्गत 13 जुलाई को सिंकद्राराराऊ से पहले बंबा में मिला जिसकी उम्र लगभग 55 वर्ष थी जिसने सफेद पजामा व सफेद शर्ट पहन रखी थी
दूसरा शव 14 जुलाई को हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन के नजदीक ट्रैक पर मिला जिसकी उम्र लगभग 52 वर्ष थी जिसने एडिडास का नीला लोअर व पीली शर्ट पहन रखी थी जिसके सीधे गाल पर गड्ढा भी था
पुलिस द्वारा दोनों शवों को शिनाख्त के लिए 72 घंटे रखा शवों की शिनाख्त ना होने के कारण शवों को पुलिस द्वारा लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया उसके उपरांत पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीन वार्ष्णेय से शवों के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया समाजसेवियों द्वारा उपरोक्त दोनों शवों का हिंदू रीति रिवाज दाहसंस्कार किया
अंतिम संस्कार में प्रवीन वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स समाजसेवी सुनीत आर्या,एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल,आयोग दीपक ,बंटी भाई कपड़े वाले,साथ में नीरज गोयल, तरुण राघव, सत्येंद्र मोहन राही, दीपांशु वार्ष्णेय,विशाल सोनी,आलोक अग्रवाल हेड कांस्टेबल योगेंद्र सिंह, होमगार्ड वदन सिंह,मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार, आरक्षी सुधीर कुमार मौजूद रहे

दिव्य मंगल कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का हुआ भव्य शुभारम्भ

हाथरस। श्रीकृष्ण गौशाला, गौशाला रोड, हाथरस में परम पूज्य आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज के पावन व्यासत्व में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का शुभारम्भ शनिवार को भव्य एवं दिव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। प्रातः शांता माँ मंदिर, मेंडू गेट से प्रारम्भ हुई कलश यात्रा भूरापीर सहित नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीकृष्ण गौशाला पहुँची। यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भगवान श्रीकृष्ण एवं राधारानी के जयघोष के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की। नगरवासियों ने विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया।


सायंकाल कथा के प्रथम दिवस परम पूज्य आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के माहात्म्य का रसपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात् वाङ्मय स्वरूप है तथा कलियुग में भगवान की भक्ति, आत्मिक शांति और जीवन के परम कल्याण का सर्वोत्तम साधन श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण है।

महाराज श्री ने भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए बताया कि जब भक्ति देवी अपने पुत्र ज्ञान एवं वैराग्य के साथ शोकाकुल हो गई थीं, तब देवर्षि नारद ने उनके दुःख का कारण जानकर सनकादिक ऋषियों के निर्देशानुसार श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराया। कथा के प्रभाव से भक्ति पुनः युवा हो गई तथा ज्ञान और वैराग्य भी जागृत हो गए। इससे सिद्ध होता है कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के अंतःकरण में सुप्त भक्ति को जागृत कर उसे भगवान की शरण में ले जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि श्रीमद्भागवत के माहात्म्य में श्री गोकर्ण जी द्वारा अपने भाई धुंधकारी को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से प्रेतयोनि से मुक्ति दिलाने का अद्भुत प्रसंग वर्णित है। इससे यह सिद्ध होता है कि श्रद्धा, एकाग्रता एवं नियमपूर्वक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से जीव के पापों का नाश होता है, अंतःकरण निर्मल होता है तथा भगवान की कृपा से उसका आध्यात्मिक एवं परम कल्याण होता है।
आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने का संदेश है। कथा-श्रवण के समय मन, वचन एवं कर्म की पवित्रता, सात्विक आहार, संयम, श्रद्धा, एकाग्रता तथा भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव रखना चाहिए। तभी श्रीमद्भागवत कथा का वास्तविक फल प्राप्त होता है।
कथा के प्रथम दिवस भागवत माहात्म्य का विस्तृत वर्णन हुआ, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा-श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

आयोजन में श्री अजय अग्रवाल, श्री विष्णु अग्रवाल, श्री अमित अग्रवाल, श्री अनूप अग्रवाल, श्री श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), श्री अतुल अग्रवाल (हींग वाले), श्री पंकज खंडेलवाल, अनुपम जी अग्रवाल, श्री राकेश बंसल (हींग वाले) एवं अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

श्री गोविंद बल्लभ ने बताया कि रविवार, 19 जुलाई को कथा के द्वितीय दिवस व्यास-नारद संवाद, भीष्म स्तुति एवं भगवान शिव-पार्वती विवाह का दिव्य प्रसंग सुनाया जाएगा। इस अवसर पर भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह की मनोहारी झाँकियाँ भी प्रस्तुत की जाएँगी। समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर कथा-श्रवण एवं दिव्य झाँकियों के दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।

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