महाविष्णु यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद निकली श्री वेद भगवान की परावर्तन यात्रा, रथ में विराजमान रहे गणपति गणेश एवं चारों वेद
हाथरस। श्री दाऊजी महाराज के 115वें राजकीय मेले की पुरानी धार्मिक परंपरा के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष गणेश चतुर्थी, सोमवार संवत 2083 तद्नुसार 14 सितंबर 2026 को श्री वेद भगवान की शोभायात्रा के साथ मेले का शुभारंभ हुआ था। इसी परंपरा के तहत भाद्रपद शुक्ल पक्ष अनंत चतुर्दशी, शुक्रवार 25 सितंबर को वेद भगवान की परावर्तन यात्रा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का विधि-विधान से समापन हुआ।
विश्व शांति, मेला सुख-शांति, आपसी भाईचारे एवं प्राणिमात्र के कल्याण की कामना को लेकर वेद भगवान शिविर में भाद्रपद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, गुरुवार से महाविष्णु यज्ञ का आयोजन किया जा रहा था। यजमान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी रहे। प्रमुख आचार्य बागीषदत्त गौड़, आचार्य संतोष मुखिया, ज्योतिषाचार्य विश्वनाथ पुरोहित एवं पं. राघव वशिष्ठ सहित विद्वान आचार्यों के निर्देशन में यज्ञ संपन्न कराया गया। अनंत चतुर्दशी को विधि-विधान से पूर्णाहुति के उपरांत श्री वेद भगवान की परावर्तन यात्रा का शुभारंभ हुआ।

परावर्तन यात्रा में विधि-विधान के साथ गणपति गणेश एवं चारों वेदों को रथ में विराजमान किया गया। बैंड-बाजों के साथ निकली यात्रा में विद्वान आचार्यों एवं श्रद्धालुओं ने ‘श्री वेद भगवान की जय’, ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो’, ‘प्राणियों में सद्भावना हो’, ‘विश्व का कल्याण हो’, ‘श्री दाऊजी महाराज की जय’ एवं ‘रेवती मैया की जय’ के जयघोष किए। नगर के प्रमुख बाजारों से होकर निकली यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। कई स्थानों पर आरती उतारी गई, प्रसाद वितरित किया गया तथा गणपति गणेश एवं चारों वेदों पर पुष्पवर्षा की गई।
यात्रा के कामेश्वर नाथ मंदिर पहुंचने पर पूजन-अर्चन एवं आरती-वंदन किया गया। विद्वान आचार्यों द्वारा विधि-विधान से सभी देवी-देवताओं, गणपति गणेश एवं चारों वेदों को उनके-अपने स्थान पर प्रस्थान करने का आह्वान किया गया। इसके बाद आचार्यजनों को यथायोग्य दक्षिणा प्रदान की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं प्रतीकात्मक भेंट वितरित की गई।
वेद भगवान शिविर में पूर्व ब्राह्मण सभा अध्यक्ष संदीप शर्मा, मुदित भारद्वाज, राजेश सिंह गुड्डू, ऋषि कुमार कौशिक, भगवती प्रसाद शर्मा, महोत्सव सभापति विश्वनाथ पुरोहित, उमेश चंद्र शर्मा, एडवोकेट अतुल आंधीवाल, महामंत्री जयशंकर पाराशर, विशाल पुरोहित, लाला गुरु, गिरिराज किशोर आजाद, पं. सत्येंद्र स्वरूप शर्मा, पं. विशाल शर्मा, कालीचरण जी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पं. सत्येंद्र स्वरूप शर्मा एवं इंजीनियर देव स्वरूप शर्मा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को पीत पटका पहनाकर स्वागत किया। वेद भगवान के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने विशिष्ट जनों को श्री वेद भगवान का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
पुरानी परंपरा के अनुसार हुआ धार्मिक समापन
आयोजकों ने बताया कि पुरानी परंपरा के अनुसार श्री दाऊजी महाराज के मेले का शुभारंभ भाद्रपद शुक्ल पक्ष गणेश चतुर्थी को श्री वेद भगवान की शोभायात्रा से तथा अनंत चतुर्दशी को श्री वेद भगवान की परावर्तन यात्रा के साथ संपन्न माना जाता रहा है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष अनंत चतुर्दशी के बाद श्राद्ध पक्ष प्रारंभ होने के कारण सभी देवी-देवताओं को उनके-अपने स्थान पर प्रस्थान कराया जाना धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

