हाथरस में वी.बी.जी. राम जी अधिनियम-2025 पर पंच सम्मेलन, अब ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी
मनरेगा से आगे बढ़ी नई पहल, वी.बी.जी. राम जी अधिनियम से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
जिलाधिकारी अतुल वत्स बोले— योजना में पारदर्शिता, प्रशिक्षण और जनजागरूकता होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
ग्रामीण विकास के नए अध्याय की शुरुआत, 100 की जगह अब 125 दिन रोजगार की गारंटी
हाथरस, 03 अगस्त। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वी.बी.जी. राम जी अधिनियम-2025 के संबंध में पंच सम्मेलन का आयोजन जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य नई ग्रामीण रोजगार योजना की जानकारी देना तथा इसके प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष श्याम सिंह, अपना दल जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत, जिलाधिकारी अतुल वत्स तथा मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नई योजना में पूर्व की मनरेगा व्यवस्था की कमियों को दूर करते हुए इसे अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाया गया है। योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। मजदूरी भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को विलंब अवधि का मुआवजा एवं ब्याज भी दिया जाएगा।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कमीशनखोरी या भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रमिकों का पूरा भुगतान समय से उनके खातों में पहुंचे, इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों, रोजगार सेवकों एवं कर्मचारियों के व्यापक प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में योजना के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की सूची वॉल पेंटिंग के माध्यम से प्रदर्शित की जाए तथा स्वीकृत कार्य योजनाओं को सार्वजनिक किया जाए, जिससे ग्रामीणों की सहभागिता और पारदर्शिता बढ़े।
मुख्य विकास अधिकारी एवं परियोजना निदेशक ने अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कार्य की मांग के बावजूद रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। योजना में जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही सभी विकास कार्यों को डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे निगरानी और जवाबदेही मजबूत होगी।
सम्मेलन में प्रभागीय वनाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला पंचायत राज अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहायक खंड विकास अधिकारी तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कर्मचारी मौजूद रहे।

