ऑनलाइन डिजिटल हाजिरी के विरोध में उतरा प्राथमिक शिक्षक संघ, आदेश स्थगित करने की उठाई मांग
हाथरस। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद हाथरस द्वारा शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों की विभिन्न समस्याओं और अधिकारों के संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में 31 जुलाई 2026 के कार्यालय आदेश के तहत जनपद में लागू की जा रही ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति (डिजिटल अटेंडेंस) व्यवस्था का कड़ा विरोध करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की गई। संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि 16 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा स्पष्ट रूप से निर्णय लिया गया था कि शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए गठित उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने तक ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति की व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक स्थगित रहेगी। ऐसे में जनपद स्तर पर इसे लागू किया जाना शासन के निर्देशों के विपरीत है।

शिक्षक संघ ने यह भी बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को विद्यालयों में नेटवर्क कनेक्टिविटी, इंटरनेट सुविधा, तकनीकी संसाधनों की कमी तथा अन्य आधारभूत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान किए बिना डिजिटल उपस्थिति लागू करना उचित नहीं है और इससे विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित हो सकता है।
संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की कि 31 जुलाई 2026 के कार्यालय आदेश के क्रियान्वयन को जनहित एवं शिक्षक हित में तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए, ताकि विद्यालयों में पठन-पाठन का वातावरण सुचारू रूप से बना रहे।
इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वालों में संतोष कुमार शर्मा, योगेंद्र कुमार शर्मा, वीरेंद्र कुमार सिंह, शशि कुलश्रेष्ठ, गोविंद रावत, अरुण शर्मा, शैलेंद्र चौहान, कृष्णकांत शर्मा, लाल बहादुर, कुलदीप सिंह, नरेश मीणा, सचिन शर्मा, अमित पचौरी, नितेश वार्ष्णेय, संतोष चौधरी, कन्हैया लाल शर्मा, गिरेंद्र सिंह, गौरव पचौरी, भगवान दास यादव, अमित शर्मा, जीतू शर्मा, प्रभाकर शर्मा, राजेश कुमार, प्रेमवीर सिंह, बी.पी. गौतम, संजीव शर्मा, मणिभूषण शर्मा, सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि ’’ष्हम किसी भी तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जब तक प्रदेश सरकार शिक्षकों की समस्याओं एवं विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर पूरे प्रदेश के लिए एक समान नीति लागू नहीं करती, तब तक हाथरस जनपद में जबरन डिजिटल उपस्थिति लागू करने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। शासन के निर्देशों का सम्मान करते हुए इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

