कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए डीएम-एसपी ने किया हाईवे का निरीक्षण
35 निजी और 32 प्रशासनिक कांवड़ शिविर तैयार, डीएम ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
हाथरस। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा के साथ अलीगढ़-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांवड़ यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता रहे। सड़क किनारे लगाए जा रहे सैंडबैग्स को सड़क की बाईं ओर बनी सफेद लाइन से कम से कम तीन फीट की दूरी पर स्थापित किया जाए तथा स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं, जिससे कांवड़ यात्रियों का आवागमन केवल निर्धारित बाईं ओर से ही हो। उन्होंने मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर चेक प्वाइंट स्थापित करने तथा भारी वाहनों के डायवर्जन को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि कांवड़ यात्रा पूर्णतः दुर्घटनारहित एवं सुचारु रूप से संचालित हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में केवल खाद्यान्न एवं उर्वरक आपूर्ति से जुड़े आवश्यक भारी वाहनों को ही अनुमति दी जा रही है, जबकि अन्य भारी वाहनों का डायवर्जन लागू है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों के सामने जलभराव अथवा गंदगी की स्थिति होने पर प्रशासन की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं भी सफाई सुनिश्चित करें। हाथरस जनपद से बड़ी संख्या में कांवड़ श्रद्धालु गुजरते हैं, इसलिए सभी नागरिक अतिथि देवो भवः की भावना के साथ उनका स्वागत करें और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग दें। श्रद्धालुओं से भी उन्होंने अपील की कि वे निर्धारित लेन का ही उपयोग करें तथा यातायात नियमों का पालन करते हुए प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान करें। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में लगभग 35 निजी एवं 32 प्रशासनिक सहयोग से संचालित कांवड़ शिविरों की स्थापना की गई है। सभी प्रमुख मार्गों पर व्यापक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा पहली बार पांचों प्रमुख कांवड़ मार्गों को बेहतर रोशनी से आच्छादित किया गया है। बरेली-मथुरा हाईवे पर एक लेन श्रद्धालुओं के लिए पूर्णतः आरक्षित कर दी गई है, जबकि दूसरी लेन सामान्य यातायात के लिए संचालित है। उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख चौराहों एवं डायवर्जन प्वाइंट्स पर डायवर्जन संबंधी सूचना बोर्ड एवं संकेतक लगाए गए हैं तथा आमजन को विभिन्न माध्यमों से इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कांवड़ शिविरों पर श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त विश्राम स्थल, पेयजल, फल-प्रसाद, पंखों की व्यवस्था, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) किट तथा आपातकालीन चिकित्सा एवं पुलिस सहायता के संपर्क नंबरों सहित आवश्यक सूचना पुस्तिका अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। शिविरों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गुणवत्ता बनाए रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। इस मौके पर प्रभारी वनाधिकारी, उप जिलाधिकारी सासनी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, प्रभारी अधिकारी एन0एच0ए0आई0 आदि उपस्थित रहे।

