प्रवीण वार्ष्णेय ने सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार से लिंक करने की उठाई मांग, फर्जी अकाउंट्स पर रोक लगाने के लिए केंद्रीय मंत्री को भेजा सुझाव पत्र
हाथरस। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स के राष्ट्रीय महासचिव एवं ह्यूमन राइट्स डिफेंडर/आरटीआई एक्टिविस्ट प्रवीन वार्ष्णेय ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को ईमेल के माध्यम से एक सुझाव पत्र भेजकर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के अकाउंट्स का आधार से सत्यापन (वेरिफिकेशन) अनिवार्य किए जाने की मांग की है।
अपने पत्र में उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया आमजन की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है, लेकिन फर्जी अकाउंट्स के कारण अफवाह फैलाने, साइबर ठगी, महिलाओं से ऑनलाइन अभद्रता, नफरत फैलाने और देश विरोधी गतिविधियों जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि फर्जी मोबाइल नंबरों के कारण ऐसे लोगों की पहचान करना और उन पर कार्रवाई करना भी कठिन हो जाता है।

प्रवीन वार्ष्णेय ने सुझाव दिया कि जिस प्रकार बैंक खाते, सिम कार्ड और पैन कार्ड आधार से जुड़े हैं, उसी प्रकार Facebook, Instagram, X, YouTube और WhatsApp जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भी आधार आधारित ओटीपी वेरिफिकेशन लागू किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि एक आधार पर सीमित संख्या में ही अकाउंट बनाए जा सकें, जिससे फर्जी आईडी पर प्रभावी रोक लग सके।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट उनके अभिभावकों के आधार से लिंक हों, फर्जी नाम एवं एआई से तैयार प्रोफाइल की पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग किया जाए तथा फर्जी अकाउंट या आपत्तिजनक पोस्ट की शिकायतों पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पत्र में स्कूलों और कॉलेजों में डिजिटल नागरिकता की शिक्षा अनिवार्य करने, आधार से सत्यापित उपयोगकर्ताओं को वेरिफाइड बैज देने, चुनावी सोशल मीडिया विज्ञापनों में खर्च करने वाले की जानकारी सार्वजनिक करने तथा सोशल मीडिया कंपनियों का डेटा भारत में सुरक्षित रखने जैसे सुझाव भी दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधार नंबर सार्वजनिक न हो और केवल सत्यापन की स्थिति ही प्रदर्शित की जाए, जिससे नागरिकों की गोपनीयता बनी रहे।
प्रवीन वार्ष्णेय ने केंद्र सरकार से “सोशल मीडिया अकाउंट वेरिफिकेशन बिल” लाकर सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर आधार आधारित सत्यापन की व्यवस्था लागू करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि इससे फर्जी अकाउंट्स, साइबर अपराध और ऑनलाइन दुष्प्रचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा तथा डिजिटल भारत को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।

