श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग महोत्सव ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्ध
हाथरस। श्रीकृष्ण गौशाला, गौशाला रोड, हाथरस स्थित गौमाता, श्री गिरिराज भगवान एवं प्रातःस्मरणीय परम पूज्य पंडित श्री गया प्रसाद जी महाराज की परम पावन तपोभूमि में श्याम गंगा इंडस्ट्रीज़ एवं श्याम गंगा एंटरप्राइजेज द्वारा आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के पंचम दिवस श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। परम पूज्य आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, पूतना उद्धार, शकटासुर एवं तृणावर्त वध, माखन चोरी, गोचारण लीला तथा गोवर्धन पूजा की दिव्य कथाओं का रसपूर्ण वर्णन किया।
कथाव्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक बाल लीला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीव को भक्ति, प्रेम और धर्म का मार्ग दिखाने वाली दिव्य प्रेरणा है। भगवान ने बाल्यकाल में ही अनेक असुरों का संहार कर यह संदेश दिया कि जब-जब धर्म पर संकट आता है, तब भगवान स्वयं अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं।
गोवर्धन पूजा के प्रसंग का वर्णन करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इन्द्र के अहंकार का नाश कर ब्रजवासियों को प्रकृति, गौसेवा और गिरिराज महाराज की महिमा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गौमाता, गिरिराज भगवान और भगवान श्रीकृष्ण की सेवा एवं भक्ति से जीवन में सुख, समृद्धि और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
कथा के उपरांत गोवर्धन पूजा एवं भव्य छप्पन भोग महोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। भगवान श्रीकृष्ण को विविध प्रकार के व्यंजनों का छप्पन भोग अर्पित किया गया। मनोहारी झाँकी एवं सजे हुए छप्पन भोग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने गिरिराज महाराज की जय-जयकार करते हुए आरती में सहभागिता की और दिव्य दर्शन कर अपने जीवन को धन्य माना।
पूरे कथा पंडाल में “गिरिराज महाराज की जय”, “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष निरंतर गूँजते रहे। श्रीकृष्ण गौशाला का विशाल परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा तथा उपस्थित भक्तजन देर तक कथा, झाँकियों और छप्पन भोग महोत्सव का आनंद लेते रहे।

इस अवसर पर श्री गोविंद बल्लभ जी ने बताया कि बुधवार, 23 जुलाई को कथा के षष्ठम दिवस महारास, गोपी-उद्धव संवाद, भ्रमर गीत तथा श्री रुक्मिणी विवाह का दिव्य एवं भक्तिमय प्रसंग सुनाया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर इस अलौकिक कथा का रसपान करने की अपील की।
इस अवसर पर गिर्राज किशोर अग्रवाल,श्री अजय अग्रवाल, श्री विष्णु अग्रवाल, श्री अमित अग्रवाल,श्वेता दिवाकर (चेयरमैन हाथरस) डा० आर०पी०गुप्ता, राजेश अग्रवाल (आर०के०ज्वैलर्स) श्री अनूप अग्रवाल, श्री श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), श्री अतुल अग्रवाल (हींग वाले), श्री पंकज खंडेलवाल, ऋषि बंसल, बांके बिहारी अग्रवाल (गंगा भवन) आदि गणमान्यों जनों से कथा स्थल भरा रहा।

