प्रमुख व्यवसायी राकेश ‘काके’ सक्सेना को भावभीनी श्रद्धांजलि, टेंट व्यापारियों ने शोक सभा आयोजित की
हाथरस। जिले के प्रमुख व्यवसायी एवं काके सक्सेना टेंट, लाइट एवं केटर्स के स्वामी श्री राकेश सक्सेना (काके बाबू) के सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन पर जिला हाथरस टेंट, लाइट, केटर्स, फूल एवं साउंड व्यापारी एसोसिएशन द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
अलीगढ़ रोड स्थित कोठीवाल धर्मशाला (हाथरस गेट थाने के सामने) में आयोजित शोक सभा की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश टेंट व्यापारी एसोसिएशन के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष अवधेश पंडा ने की। सभा में जिले की सभी तहसीलों एवं कस्बों के साथ-साथ अन्य जिलों से भी पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

शोक सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश संगठन मंत्री एवं जिला कोषाध्यक्ष पंडित शीलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि राकेश सक्सेना ने अपने परिश्रम, ईमानदारी और कार्यकुशलता से हाथरस के टेंट एवं लाइट व्यवसाय को नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि श्री दाऊजी महाराज एवं रेवती मैया मंदिर पर लगने वाले प्रसिद्ध बलदेव छठ मेले की भव्य टेंट एवं लाइट सजावट का कार्य पहले बाहरी ठेकेदार करते थे, लेकिन काके सक्सेना ने इस जिम्मेदारी को संभालते हुए वर्षों तक सफलतापूर्वक कार्य किया और मेले का सरकारी ठेका भी लिया। उन्होंने कम समय में जिस स्तर का कारोबार स्थापित किया, वह पूरे व्यापार जगत के लिए प्रेरणादायक है।
वक्ताओं ने कहा कि उनके असामयिक निधन से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा टेंट, लाइट एवं केटर्स व्यापारी समाज गहरे शोक में है। एसोसिएशन ने शासन-प्रशासन से शोकाकुल परिवार को अधिकतम आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी से संवेदनशीलता के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।
सभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
शोक सभा में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
रामशरण नरूला, मुरारी लाल पचौरी, गोपाल वार्ष्णेय, आशीष शर्मा, रिंकू सिंह (लाइट वाले), पं. शीलेंद्र कुमार शर्मा, हरिमोहन पाठक, अनिल दीक्षित, अवधेश पंडा, दुर्गेश ओछा (सादाबाद), विष्णु शर्मा, नवल किशोर अग्रवाल, आकाश दीक्षित, रानू शर्मा (सिकंदराऊ), अनिल कुमार सिंह, विनीत वार्ष्णेय, जोली पंडित, स्वामीदास हलवाई, हरीकिशोर नरूला, हरिवंश अरोरा, पवन शर्मा (लाइट वाले) सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं समाजसेवी मौजूद रहे।

