ईसीसीई एजुकेटर भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई, दो जिला समन्वयकों पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश
बेसिक शिक्षा विभाग की भर्ती पर सवाल, जांच में गड़बड़ी की पुष्टि
हाथरस। बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसीई (ECCE) एजुकेटर भर्ती में सामने आई गड़बड़ियों के मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, संबंधित सेवा प्रदाता फर्म को ब्लैकलिस्ट करने तथा संलिप्त कर्मचारियों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं
जांच में सामने आया कि सेवा प्रदाता फर्म के साथ-साथ जिला समन्वयक ट्रेनिंग केयर एंड सर्विसेज तथा जिला समन्वयक एमआईएस/आईटी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान हेडहंटिंग एजेंसी की सूची से कुछ पात्र अभ्यर्थियों के नाम हटाकर उनकी जगह बाहरी लोगों के नाम शामिल कर दिए गए।
विभागीय जांच में यह भी पाया गया कि सेवा प्रदाता फर्म ने हेडहंटिंग एजेंसी द्वारा सत्यापित सूची में फेरबदल करते हुए मूल सूची में शामिल कुछ पात्र अभ्यर्थियों के नाम हटाकर केयर एंड सर्विसेज से आए अन्य अभ्यर्थियों को शामिल कर दिया।
मामले की जांच के बाद जब विभागीय अधिकारियों से कार्रवाई के बजाय पत्रावली दबाने की कोशिश की गई तो यह मामला डीएम के संज्ञान में पहुंचा। इसके बाद डीएम ने जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE) भर्ती से जुड़े दोनों जिला समन्वयकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि ईसीसीई एजुकेटर के 80 पदों पर भर्ती के लिए लगभग 1000 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। विभाग ने हेडहंटिंग एजेंसी के माध्यम से 240 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन कराया था। इसके बाद 29 और 30 जून को चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति होनी थी, लेकिन विभाग ने अभ्यर्थियों को इसकी सूचना नहीं दी और समय पर कार्यवाही भी नहीं कराई। भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ी की पुष्टि होने पर अब एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।

