भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय गुलजारीलाल नंदा को श्रद्धापूर्वक किया नमन
हाथरस। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं प्रख्यात श्रमिक नेता गुलजारीलाल नंदा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ए.आई.डी.ई.एफ. के डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली को स्मरण किया।उन्होंने बताया कि उन्हें एस.एम. बनर्जी के नेतृत्व वाले फेडरेशन के अध्यक्ष के साथ स्वर्गीय गुलजारीलाल नंदा जी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। उस समय नंदा जी श्रम (लेबर) विभाग का दायित्व भी संभाल रहे थे। बैठक में विशेष रूप से हाउस रेंट तथा सिटी कम्पेन्सेटरी अलाउंस (सी.सी.ए.), विशेषकर देहरादून के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे उठाए गए।

डॉ. शर्मा के अनुसार, नंदा जी ने कर्मचारियों की समस्याओं को अत्यंत गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए। उनका सरल, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, निष्पक्ष कार्यशैली तथा कर्मचारियों के हित में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय गुलजारीलाल नंदा जी जैसे कर्मठ, ईमानदार और जनहितैषी नेता भारतीय राजनीति की अमूल्य धरोहर हैं। उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
गौरतलब है कि गुलजारीलाल नंदा दो बार भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। पहली बार वर्ष 1964 में जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद और दूसरी बार वर्ष 1966 में लाल बहादुर शास्त्री के निधन के पश्चात उन्होंने कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया। दोनों अवसरों पर उनका कार्यकाल 13-13 दिनों का रहा।
देश के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान और सार्वजनिक जीवन में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए वर्ष 1997 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर उन्हें प्रदान किया गया।

