मुख्य विकास अधिकारी ने मनरेगा, जल जीवन मिशन और आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश
हाथरस। मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित ने मंगलवार को विकास खंड मुरसान के अंतर्गत मनरेगा, जल जीवन मिशन एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत कथरिया में मनरेगा के तहत प्रस्तावित वृक्षारोपण स्थल का निरीक्षण करते हुए सीडीओ ने पाया कि गड्ढे अत्यधिक पास-पास खोदे गए हैं। उन्होंने पौधों की सुरक्षा के लिए भूमि के चारों ओर खाई खुदवाने तथा कम से कम तीन-तीन फीट की दूरी पर गड्ढे तैयार कर स्वास्तिक स्वरूप में वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। साथ ही उपलब्ध सरकारी भूमि एवं पावना इंटरनेशनल स्कूल के पास भी खाई खुदवाकर पौधरोपण कराने को कहा। ग्राम में जलभराव की समस्या को देखते हुए 450 मीटर लंबी कच्ची नाली मनरेगा से बनवाने और सड़क पार अंडरग्राउंड पाइप डालने के निर्देश भी दिए।

ग्राम पंचायत दयालपुर में प्रेरणा कैंटीन परिसर का निरीक्षण करते हुए परिसर के चारों ओर नींबू एवं करौंदा के पौधे लगाने तथा झाड़ियों की सफाई कर व्यवस्थित पौधरोपण कराने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय में आंधी से गिरे पेड़ को हटाने के लिए वन विभाग को निर्देशित किया गया। विद्यालय के खेल मैदान में जलभराव रोकने के लिए कच्ची नाली बनवाने तथा सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए गए।
ग्राम पंचायत मगटई में मनरेगा के तहत बन रहे 250 मीटर लंबे चकरोड का निरीक्षण किया गया। मौके पर लगभग 30 श्रमिक कार्यरत मिले। तकनीकी समस्या के कारण मस्टररोल में उपस्थिति दर्ज न होने पर खंड विकास अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर मगटई के निरीक्षण में सीएचओ आशीष शर्मा उपस्थित मिले। उन्होंने बताया कि ओपीडी में नौ मरीजों का उपचार किया गया तथा सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। गांव में 96 पात्र परिवारों में से 89 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
इसके बाद सीडीओ ने ग्राम नगला बाबू की जल जीवन मिशन योजना का निरीक्षण किया। सहायक अभियंता ने बताया कि लगभग 269.36 लाख रुपये की लागत वाली योजना के अंतर्गत छह गांवों में 14 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है तथा 700 घरेलू जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। निरीक्षण में ओवरहेड टैंक पर जल रिचार्ज यूनिट न मिलने पर सीडीओ ने इसे तत्काल बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही मिट्टी भराव सहित शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।

