Breaking News
श्री महादेव मेले हुआ भव्य कुश्ती दंगल , डॉ. विकास शर्मा ने उद्घाटन एवं समापन में सहभागिता कर बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा

हाथरस। सासनी क्षेत्र के ग्राम बांधनू में आयोजित श्री महादेव जी के 79वें ऐतिहासिक मेले के दूसरे दिन भव्य कुश्ती दंगल कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन एवं समापन डॉ. विकास शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके साथ श्री बॉबी गुप्ता जी, पालम प्रधान, दिल्ली की विशेष उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बंटी प्रधान जी एवं कान्ता पचौरी जी लुटसान उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक भव्यता प्रदान की।

इस अवसर पर डॉ. विकास शर्मा ने कहा कि कुश्ती दंगल केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हमारी ग्रामीण संस्कृति, परंपरा, शक्ति, अनुशासन और युवा ऊर्जा का जीवंत प्रतीक है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं और पारंपरिक खेलों को नई पहचान दिलाने का कार्य करते हैं।

दंगल में क्षेत्र के नामी पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेंच और खेल कौशल का अद्भुत प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और खेल प्रेमियों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारी मिट्टी में खेल, संस्कृति और परंपरा आज भी पूरी तरह जीवंत है।

डॉ. विकास शर्मा ने कार्यक्रम संयोजक श्री विवेक उपाध्याय जी, जिला अध्यक्ष कांग्रेस, हाथरस एवं समस्त मेला समिति का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक एवं गरिमामयी आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए गौरव, सम्मान और प्रसन्नता का विषय है।

इस अवसर पर नवीन उपाध्याय जी, सुशील उपाध्याय जी, मेला प्रधान श्री रामप्रकाश उपाध्याय जी, श्री भूपेंद्र शर्मा जी, श्री पप्पू राठौर जी, श्री कालीचरण मस्ताना जी, श्री योगेश शर्मा जी, श्री सुखबीर सिंह जी, श्री बृजेश सिंह जी, श्री जितेंद्र उपाध्याय जी, श्री सियाराम उपाध्याय जी, श्री मनोज गोली जी, श्री सचिन उपाध्याय जी, श्री हिमांशु सेंगर जी, श्री प्रदीप तोमर जी सहित अनेक सम्मानित गणमान्यजन उपस्थित रहे।

डॉ. विकास शर्मा ने कहा कि समाज, संस्कृति, खेल और जनहित से जुड़े प्रत्येक सकारात्मक कार्य में उनकी सहभागिता सदैव बनी रहेगी। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों के स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

अंत में उन्होंने कहा कि:
“जहाँ परंपरा है, वहीं पहचान है।
खेल, संस्कृति और समाज ही हमारी असली शक्ति है।
गाँव की मिट्टी से जुड़ाव ही सबसे बड़ा गौरव है।
जनसेवा, संस्कृति और समाज के प्रति समर्पण निरंतर जारी रहेगा।”

आशीष सेंगर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page