चंदन लगाकर पीले चावल से व्यापारियों को दिया ब्रजभाषा कवि सम्मेलन का न्योता ,18 सितंबर को मेला पंडाल में गूंजेगी ब्रजभाषा की काव्यधारा, काका हाथरसी को समर्पित होगा विशेष काव्य पाठ
हाथरस। मेला श्री दाऊजी महाराज में 18 सितंबर की रात्रि 9 बजे मेला पंडाल में आयोजित होने वाले ब्रजभाषा के वरिष्ठ कवि पं. सुरेश चतुर्वेदी की स्मृति में ब्रजभाषा कवि सम्मेलन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कार्यक्रम का संयोजन प्रसिद्ध आशु कवि अनिल बोहरे द्वारा किया जा रहा है।
कवि सम्मेलन को लेकर आशु कवि अनिल बोहरे ने अनूठे अंदाज में शहर के व्यापारियों एवं आमजन को कार्यक्रम का निमंत्रण दिया। उन्होंने स्वयं शहर में माइक लेकर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर चंदन का तिलक लगाया, पीले चावल भेंट किए और निमंत्रण पत्र सौंपकर ब्रजभाषा कवि सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया। निमंत्रण देने का यह पारंपरिक और आत्मीय अंदाज शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

आशु कवि अनिल बोहरे ने बताया कि 18 सितंबर काका हाथरसी के आवागमन दिवस के रूप में भी महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की शुरुआत शाम 7 बजे से 9 बजे तक काका हाथरसी को समर्पित विशेष काव्य पाठ से होगी। इसके उपरांत रात्रि 9 बजे से पं. सुरेश चतुर्वेदी की स्मृति में भव्य ब्रजभाषा कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ब्रजभाषा हमारी संस्कृति, लोक परंपरा और ब्रज की पहचान का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को ब्रजभाषा, साहित्य और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम में ब्रजभाषा के वरिष्ठ एवं चर्चित कवियों द्वारा काव्य पाठ किया जाएगा।
कवि सम्मेलन को लेकर शहर में निमंत्रण अभियान भी तेज कर दिया गया है। व्यापारियों एवं साहित्य प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया जा रहा है।
इस अवसर पर जीवनलाल शर्मा, गाफिल स्वामी सहित अन्य साथी मौजूद रहे।

