एम0एल0डी0वी0 एवं आर0के0एस0के0 इण्टरनेशनल स्कूल में गणेश उत्सव का हुआ भव्य आयोजन
हाथरस। एम0एल0डी0वी0 पब्लिक इण्टर काॅलेज एवं आर0के0एस0के0 इण्टरनेशनल स्कूल में बुद्धि, समृद्धि, विघ्नहर्ता एवं मंगलकर्ता भगवान श्री गणेश का जन्मोत्सव धूम-धाम से मानाया गया। इस अवसर पर संस्था के डायरेक्टर स्वतंत्र कुमार गुप्त, पूर्व प्रधानाचार्या शैलकांता गुुप्ता, प्रशासनिक प्रमुख हर्षित गुप्ता (एड0) प्रधानाचार्या पूनम वाष्र्णेय, आर0के0एस0के0 की प्रधानाचार्या प्रीति यादव ने बुद्धि, साहस, रिद्धि-सिद्धि एवं सुख-संपदा के दाता भगवान शिव एवं माता पार्वती के लाडले पुत्र भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
गणेश उत्सव को सम्बोधित करते हुये प्रशासनिक प्रमुख हर्षित गुप्ता (एड0) ने गणेश उत्सव को बुद्धि और विवेक का स्वरूप बतलाया कि गणेश जी का हाथी जैसा विशाल मस्तिष्क, व्यापक सोच एवं उत्कृष्ट क्रियाकलापों की प्रस्तुति करता है। गणेश जी के विशाल कान, भारतीय संस्कृति को समझने एवं सिखाने की प्रस्तुति देते हैं। लोकतंत्र में जन समस्याओं को सुनना, समाज की असहमति को समझना एवं संवाद के रास्ते सामाजिक तनाव को कम करके उत्कृष्ट रास्तों की तलाश करना अति आवश्यक है। गणेश जी की छोटी आँखें एकाग्रता का प्रतीक है। उनकी सूँड अनुकुलन और कार्य-कुशलता का स्वरूप है। उनका एक दंत लक्ष्य के प्रति सकारात्मक सोच का स्वरूप है। उनका मूसक वाहन यह संदेश देता है कि छोटी से छोटी ताकत महत्वहीन नहीं होती है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित संस्था के डायरेक्टर स्वतंत्र कुमार गुप्त ने गणेश उत्सव को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, ऊर्जा की निर्मलता एवं शिक्षा से जोड़ते हुये कहा कि हमें इस धार्मिक उत्सव को आस्था और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करते हुये सामाजिक परिवर्तन का अभियान बनाना है। गणेश उत्सव को जब हम धार्मिक, सांस्कृतिक परम्परा समाज सुधार एवं जन-जागरण से जोड़ेंगे, तभी ‘गणपति बाप्पा मोरया’ की सामूहिक पुकार सार्थक होगी।
इस अवसर पर भगवान गणेश के रूप में आशी एवं अर्पित ने समस्त छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में प्रनिका, राघव, लावन्या, वेदिका, नव्या, कल्प, जानवी, भूमिका, अल्केश, परिधि, उपासना द्वारा प्रस्तुत ‘‘ओ माई फ्रेन्ड गनेशा’’ की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्रद्युम्न एवं मिस्टी द्वारा श्री गणेश के पिता देवाधिदेव महादेव के ‘शिव-रूद्राष्टम’ को मधुर लय, ध्वनि एवं उत्कृष्ट स्वर में जब पाठ किया, तो वातावरण शिव-गणेशमय हो गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय मिश्रा, जीत द्ववेदी, अंकित गुप्ता, पुनीत गुप्ता, पुनीत वाष्र्णेय, आर0के0 शर्मा, श्रुति कौशिक, जीतू अरोरा, सत्यवती, श्याम सिंह आदि का सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 रेखा जादौन एवं रिद्धि अग्रवाल द्वारा किया गया।
अन्त में संस्था के डायरेक्टर स्वंतत्र कुमार गुप्त ने छात्र-छात्राओं से भगवान श्री गणेश के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

