जिनेन्द्र जैन
हाथरस। जनपद में मध्यान्ह भोजन योजना एमडीएम के संचालन में लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों और तीन संस्थाओं के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाती भारती द्वारा 6 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों/इंचार्ज प्रधानाध्यापकों एवं तीन संस्थाओं के अध्यक्ष, सचिव को नोटिस जारी किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी, हाथरस के निर्देशों के अनुपालन में 15 अप्रैल को जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण आख्या में सामने आया कि संबंधित विद्यालयों में निर्धारित मीनू के अनुसार दूध का वितरण नहीं किया गया।
नोटिस के अनुसार, जिन विद्यालयों में अनियमितता पाई गई उनमें संविलयन विद्यालय तिपरस (विकास खंड हाथरस), संविलयन विद्यालय अजरोई एवं प्राथमिक विद्यालय दरकौला (विकास खंड सासनी), तथा संविलयन विद्यालय दोहई, संविलयन विद्यालय सुल्तानपुर और उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला जलाल (विकास खंड सहपऊ) शामिल हैं।
संस्थाओं के नोटिस के अनुसार जनहितकारी सेवा समिति (रामनगर, अलीगढ़), ग्रामीण विकास सेवा संस्थान (नगाईचपाड़ा, अतरौली) तथा अशर्फी ग्रामोद्योग संस्थान (छर्रा, अलीगढ़) द्वारा संचालित विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुरूप दूध का वितरण नहीं कराया गया। जबकि उस दिन एमडीएम मेन्यू में मौसमी सब्जी, सोयाबीन की बड़ी युक्त तहरी के साथ दूध वितरण अनिवार्य था। निरीक्षण में हाथरस, सासनी और मुरसान विकास खंड के कुल 14 विद्यालयों में दूध वितरण न होने की पुष्टि हुई। इनमें प्रमुख रूप से प्रा०वि० रमनगला, नगला अलिया, रतनगढ़ी, कैलोरा, समामई रूहल, नगला रतना, हनुमान चौकी, रूहल, जलालपुर, मोमनाबाद और नगला दया सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि संबंधित संस्थाओं को एमडीएम योजना का संचालन मानक एवं मेन्यू के अनुसार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुधार नहीं किया गया।
नोटिस में संबंधित संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि वे तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। विद्यालयों से संबंधित शिक्षकों से तीन दिवस के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी