सिकंदराराऊ में भाकियू भानु गुट के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प,गढ़मुक्तेश्वर जा रहे भानु गुट समर्थकों के काफिले को रोकने पर हुआ विवाद
हाथरस। सिकंद्राराऊ में शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की और तोड़फोड़ की भी घटनाएं सामने आईं। दरअसल, बीते दिनों गढ़मुक्तेश्वर में एक राजनेता द्वारा भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था। इसको लेकर संगठन में आक्रोश था। इसी क्रम में भानु के बेटे योगेश प्रताप सिंह ने फेसबुक लाइव के माध्यम से 17 अप्रैल को अपने समर्थकों के साथ गढ़मुक्तेश्वर जाने का आह्वान किया था। शुक्रवार को बड़ी संख्या में समर्थक सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ जलेसर रोड होते हुए सिकंद्राराऊ पहुंचे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया और भारी पुलिस बल के साथ पुरदिल नगर अंडरपास के पास बैरिकेडिंग कर काफिले को रोकने का प्रयास किया।पुलिस के अनुसार, जैसे ही काफिले को रोका गया, समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। इस दौरान आरोप है कि कुछ समर्थकों ने पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्रता की और वाहनों में तोड़फोड़ भी की।
घटना के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर रामनरेश कथित रूप से एक अर्टिगा कार के पहिए के नीचे आकर घायल हो गए। वहीं, सीओ एटा की गाड़ी के साथ भी तोड़फोड़ की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में सैकड़ों लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, जब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भानु गुट के नेता योगेश प्रताप सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने समर्थकों को किसी भी तरह की तोड़फोड़ या मारपीट न करने की हिदायत दी थी और काफिला शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा था।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी वाहन के आगे आएगा तो हादसा हो सकता है, इसलिए पुलिस को या तो आगे चलना चाहिए या पीछे।

