काका हाथरसी की परंपरा को आगे बढ़ाएगा महा मूर्ख सम्मेलन
हाथरस। हास्य-व्यंग्य के प्रख्यात रचनाकार Kaka Hathrasi द्वारा सृजित ऐतिहासिक महा मूर्ख सम्मेलन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था ब्रज कला केंद्र द्वारा इस वर्ष भी 1 अप्रैल को सायं 4:00 बजे आगरा रोड स्थित श्री राधा कृष्ण कृपा भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम संस्था अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के संयोजन में संपन्न होगा।
इस अवसर पर ब्रज कला केंद्र के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव, आशु कवि अनिल बोहरे द्वारा महा मूर्ख सम्मेलन की परंपरा के अनुरूप हास्य-व्यंग्य से भरपूर मूर्खता की विविध रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिनमें समसामयिक सामाजिक विसंगतियों, बदलती जीवनशैली और जनमानस की विडंबनाओं पर तीखे लेकिन मनोरंजक अंदाज में व्यंग्य प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर श्री राधा कृष्ण कृपा भवन स्थित कार्यालय पर संस्था पदाधिकारियों, साहित्यकारों एवं साहित्य प्रेमियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आशु कवि अनिल बोहरे ने सम्मेलन में प्रस्तुत किए जाने वाले विभिन्न एपिसोड एवं पात्रों की भूमिकाओं की जानकारी देते हुए रिहर्सल कराया। उन्होंने बताया कि इस बार सम्मेलन का विशेष आकर्षण “मूर्खों की अदालत” कार्यक्रम रहेगा।
सम्मेलन में ब्रज कला केंद्र मुख्य प्रस्तुति देगा, जबकि हाथरस की साहित्यिक संस्थाएं राष्ट्रीय कवि संगम, संस्कार भारती एवं काका स्मारक समिति सहयोगी संस्था के रूप में सहभागिता करेंगी।
संस्था अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ शहीदों को नमन के साथ होगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य हास्य-व्यंग्य के माध्यम से समाज को यह संदेश देना है कि हम अपनी भारतीय संस्कृति से दूर होकर पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ रहे हैं तथा प्रकृति से छेड़छाड़ कर स्वयं अपने लिए संकट खड़ा कर रहे हैं। हमारे बुजुर्गों की जीवनोपयोगी शिक्षाओं को पुनः अपनाने का संदेश ही इस आयोजन का मूल आधार है।
कार्यक्रम में विशेष सहयोग राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष डॉ. भरत यादव, संस्कार भारती के अध्यक्ष चेतन उपाध्याय, काका स्मारक समिति के सचिव डॉ. जितेंद्र शर्मा एवं व्यापार मंडल अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल सहित उनकी टीम द्वारा दिया जा रहा है।
बैठक में वरिष्ठ कवि श्यामबाबू चिंतन, कवयित्री मीरा दीक्षित, अजय गोद एडवोकेट, पं. अविनाश चंद पचौरी, पं. ऋषि कुमार कौशिक, डॉ. डी.के. जैन, डॉ. विनोद पाठक, डॉ. विष्णु गुप्ता, आर.सी. नरूला, कवि प्रदीप, बाबा देवी सिंह निडर, वासुदेव उपाध्याय, आमना बेगम, विष्णु कुमार (पूर्व सभासद), बाला शर्मा, गिरिराज सिंह गहलोत, कपिल नरूला, पीयूष अग्निहोत्री, संतोष उपाध्याय सहित अनेक साहित्यकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

