जानें दीपावली ,गोवर्धन पूजा ,भैया दूज का कब पूजन रहेगा श्रेष्ठ, श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष जितेंद्र स्वरूप शर्मा “फौजी” ने दी सम्पूर्ण जानकारी
हाथरस। शुभ कार्तिक मास पांच दिवसीय “शरदसनातनीउत्सव””धनतेरस”छोटी दिवाली””नरकचतुर्दशी”दीपावली””गोवर्धन पूजा””भैया दूज” का किस दिन पूजन अर्चन आरती वंदन का श्रेष्ठ समय सभी सनातनधर्मी भक्तजनों के लिये श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष जितेंद्र स्वरूप शर्मा “फौजी” ने सम्पूर्ण जानकारी दी l
. ” गोवर्धन पूजा “
“गोवर्धन पूजा शुभ कार्तिक मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा सोमवार शुभ संवत 2083” अनुसार 9 नवंबर 2026 को प्रारंभ दोपहर 12:31 बजे से 10 नवंबर 2026 को दोपहर 2:00 बजे तक रहेगी 10 नवंबर को सूर्योदय के समय “उदया तिथि” प्रतिपदा तिथि मौजूद है इसलिए शास्त्र और पंचांग के अनुसार गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को ही होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:40 बजे से 8:50 तक “अवधि 2 घंटे 10 मिनट” गौधूल मुहूर्त शाम 5:30 से 5:56 बजे तक अति शुभ है।
” भैया दूज “
“भैया दूज का त्यौहार 11 नवंबर बुधवार को मनाया जाएगा हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है” जिसे यह यम द्वितीया भी कहते हैं।”
द्वितीया तिथि 10 नवंबर 2026 को दोपहर 12:00 बजे से 11 नवंबर 2026 को दोपहर 3:53 तक रहेगी। धर्म शास्त्रों के अनुसार भाई दूज का तिलक दोपहर अपराहन कला में किया जाता है 11 नवंबर को द्वितीय तिथि मौजूद रहने की उदया तिथि के कारण यह त्यौहार 11 नवंबर को ही मनाया जाएगा। तिलक लगाने का मुहूर्त दोपहर 1:10 बजे से दोपहर 3:20 तक है। “कुल अवधि 2 घंटा 10 मिनट”। यम द्वितीया पौराणिक कथाओं के अनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीय के दिन मृत्यु के देवता यमराज अपनी बहन यमुना के बुलावे पर उनके घर गए थे यमुना ने अपने भाई यमराज का आदर सत्कार किया और उनके माथे पर तिलक लगाकर स्वादिष्ट भोजन कराया।
” यमराज वरदान “
यमराज ने प्रसन्न होकर अपनी बहन यमुना से वरदान मांगने को कहा यमुना ने वरदान मांगा जो भी भाई इस दिन अपनी बहन के घर आकर तिलक करवाएगा और भोजन करेगा उसे अकाल मृत्यु का भय ना रहे यमराज ने एवंमस्तु वरदान दिया।
“यम द्वितीया स्नान”
यमुना स्नान इस दिन भाई और बहन एक साथ यमुना नदी में स्नान करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है भाई बहन का एक साथ स्नान करना बहुत ही शुभ माना जाता है।

