त्रिभैरवनाथ सिद्ध पीठ से निकली मां कंकाली की भव्य पदयात्रा, जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा
हाथरस। रमनपुर रोड स्थित कैलाश नगर के त्रिभैरवनाथ सिद्ध पीठ मंदिर पर रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को अश्विन मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, संवत 2083 के पावन अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रातःकाल माऊली देवी एवं त्रिभैरवनाथ मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ प्रारंभ हुआ। इसके पश्चात मां कंकाली को डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ‘फौजी’ सहित श्रद्धालुओं द्वारा भेंट अर्पित की गई। विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं आरती-वंदन के बाद मां कंकाली की भव्य पदयात्रा का शुभारंभ हुआ।
पदयात्रा का शुभारंभ भाजपा के ब्रज क्षेत्र उपाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष डॉली माहौर, मुरसान ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, एडवोकेट वासुदेव माहौर एवं डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ‘फौजी’ ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम के मुख्य व्यवस्थापक सत्येंद्र स्वरूप शर्मा तथा सौरभ वर्मा, तनु वर्मा एवं इंजीनियर देव स्वरूप शर्मा ने अतिथियों का पीत पट्टिका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया।
मां काली की सवारी चार घोड़ों से सुसज्जित रथ पर निकाली गई। आकर्षक झांकियों और धार्मिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। काली मैया अपने गणों के साथ आगे-आगे चल रही थीं, जबकि पीछे बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए पदयात्रा में शामिल हुए। महिलाओं ने पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर पदयात्रा का स्वागत किया गया।
पदयात्रा के दौरान रमनपुर स्थित चामुंडा मैया मंदिर पर विशेष दर्शन किए गए। यहां विधि-विधान से माता रानी को भोग अर्पित किया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद पदयात्रा आगे बढ़ी और अंत में कंकाली देवी मंदिर पर वैदिक विधान के अनुसार पूजन-अर्चन, आरती-वंदन किया गया। श्रद्धालुओं ने माता रानी को चुनरी, सातों श्रृंगार एवं भेंट अर्पित की। मां कंकाली के जयकारों के बीच पदयात्रा का समापन हुआ।
आयोजन में पवन दिवाकर, सभासद वार्ड नवल नगर, रमनपुर ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। इस अवसर पर मनोज दुबे, हरीश वर्मा, प्रमोद वर्मा, सुधाकर सिंह, अजय सिंह, पम्मी शर्मा, मंजू वर्मा, कमला देवी, पवन दिवाकर, सौरभ वर्मा, तनु वर्मा एवं देव स्वरूप शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में मां काली एवं माता रानी के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं उत्साह के साथ पदयात्रा में सहभागिता की।

