14 सितंबर को भव्यता के साथ निकलेगी श्री वेद भगवान की शोभायात्रा ,श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा की बैठक में लिया निर्णय
हाथरस। श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा (रजिस्टर्ड), हाथरस की एक बैठक रविवार को नवल नगर स्थित फौजी भवन में डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ‘फौजी’ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में श्री वेद भगवान की शोभायात्रा तथा बलदेव छठ के आयोजन की तिथियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि श्री वेद भगवान की शोभायात्रा 14 सितंबर 2026 को तथा बलदेव छठ 17 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी।
बैठक का शुभारंभ वेद विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ श्री वेद भगवान के शोभा चित्र तथा द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज के चित्र को फूल मालाओं से सुसज्जित कर किया गया। इसके पश्चात अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ‘फौजी’, नागेंद्र पाठक, आचार्य मनोज द्विवेदी, भंवर सिंह पौरुष एवं डॉ. देवेंद्र कुमार शर्मा ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किया।
धर्माचार्यों एवं विद्वानों ने गणेश चतुर्थी की तिथि को लेकर विचार-विमर्श किया। बताया गया कि गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को प्रातः 7:06 बजे प्रारंभ होकर 15 सितंबर को प्रातः 7:44 बजे समाप्त होगी। गणेश जन्म का समय मध्यान्ह माना गया है तथा पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। इसी आधार पर 14 सितंबर को श्री वेद भगवान की शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया गया। इसी शोभायात्रा से श्री दाऊजी महाराज के प्रसिद्ध लक्खी मेले का शुभारंभ होगा।
सभा में यह भी चर्चा हुई कि इस बार बलदेव छठ गणेश चतुर्थी के तीन दिन बाद, 17 सितंबर को मनाई जाएगी। यह आयोजन की दृष्टि से विशेष अवसर होगा।
बैठक में पं. बागीष दत्त गौड़, आचार्य डॉ. गणेश चंद्र वशिष्ठ, पं. उमेश चंद शर्मा, नागेंद्र पाठक, डॉ. देवेंद्र कुमार शर्मा, भंवर सिंह पौरुष सहित अन्य विद्वानों ने अपने विचार रखे। कोषाध्यक्ष द्वारा गत वर्ष के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
शोभायात्रा को और भव्य बनाने के लिए इस बार बाहर से बैंड-बाजे तथा झांकियों की संख्या बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं पं. शैलेंद्र वशिष्ठ एवं पं. देव स्वरूप शर्मा द्वारा सुव्यवस्थित ढंग से की गईं।
अंत में ‘श्री वेद भगवान की जय’, ‘दाऊजी महाराज की जय’, ‘रेवती मैया की जय’, ‘सनातन धर्म की जय’, ‘पार्वती पतये हर-हर महादेव’ के जयघोष से सभा स्थल गुंजायमान हो उठा। प्रसाद वितरण एवं जलपान के साथ बैठक का समापन हुआ।

