तुलसी साहिब आश्रम के 183वें वार्षिकोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा, देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
संशोधितहाथरस। संतमत की महान परंपरा के केंद्र एवं विश्वविख्यात तुलसी साहिब आश्रम, हाथरस के 183वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह के प्रथम दिवस भव्य शोभायात्रा का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आश्रम के वर्तमान गद्दीधर श्री महंत गुरु लोचन दास महाराज द्वारा संत तुलसी साहिब की समाधि पर विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ किया गया।
इसके उपरांत परम संत तुलसी साहिब के छवि चित्र से सुसज्जित रथ की पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। रथ यात्रा को पूर्व सांसद राजेश दिवाकर, नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता दिवाकर, ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, कांग्रेस कोऑर्डिनेटर एवं पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य तथा भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर श्री महंत गुरु लोचन दास महाराज ने कहा कि तुलसी साहिब आश्रम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का वैश्विक केंद्र है। यहीं परम संत तुलसी साहिब ने अमर ग्रंथ घट रामायण की रचना की थी, जिसकी हस्तलिखित मूल प्रतियां आज भी आश्रम में सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु एवं अनुयायी प्रतिवर्ष आश्रम में पहुंचकर सत्संग, भजन, कीर्तन एवं आध्यात्मिक साधना में सहभागी बनते हैं।

महंत श्री ने सभी अतिथियों का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा आशीर्वाद प्रदान किया।
पूर्व सांसद राजेश दिवाकर ने कहा कि तुलसी साहिब आश्रम हाथरस की आध्यात्मिक पहचान है और इसकी संत परंपरा विश्वभर में मानवता का संदेश पहुंचा रही है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता दिवाकर ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं।
ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय ने कहा कि संत तुलसी साहिब की शिक्षाएं मानवता और सद्भाव का संदेश देती हैं। ऐसे आयोजन हमारी आध्यात्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।
कांग्रेस कोऑर्डिनेटर एवं पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि संत तुलसी साहिब की वाणी मानव कल्याण की अमूल्य धरोहर है तथा हाथरस की यह संत परंपरा पूरे विश्व में प्रेम और भाईचारे का संदेश प्रसारित कर रही है।
भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने कहा कि संतों की शिक्षाएं समाज को एकता, सदाचार और संस्कारों का मार्ग दिखाती हैं।
शहर के वरिष्ठ आशुकवि अनिल बोहरे ने बताया कि वार्षिकोत्सव के अंतर्गत 17 जून की रात्रि 8 बजे से भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हाथरस सहित विभिन्न जनपदों एवं प्रदेशों से प्रतिष्ठित कवि एवं कवयित्रियां सहभागिता करेंगे।
कार्यक्रम में हरिशंकर वर्मा, अनिल साहब, फुलदास, जबर सिंह चौधरी, डी.आर. अनार सिंह, सुनील कुमार, प्रेम प्रकाश, केशव प्रसाद, गुरु प्रसाद, शंकर सिंह, ओमप्रकाश सहित देश के विभिन्न राज्यों से पधारे सैकड़ों श्रद्धालु एवं अनुयायी उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।

