राष्ट्र के लिए शीश देने में भी पीछे नहीं रहीं महिलाएं : सुलभा देशपांडे , बहनों ने प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी को किया रोमांचित , राष्ट्र सेविका समिति के 15 दिवसीय प्रांतीय वर्ग समापन
अलीगढ़ : जोश, जज्बा और साहस के अप्रतिम प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि राष्ट्र सेविका समिति की बहनें हर मुश्किलों से निपटने को तैयार हैं। विषम परिस्थितियों में उन्होंने त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का भी प्रदर्शन किया। चारों तरफ से दुश्मन से घिरने पर कैसे दुश्मन से निपटा जाता है, उसे भी बताया। नियुद्ध (जूडो कराटे) के माध्यम से दो मिनट में प्रतिद्वंद्वी को चित कर दिया। योग, समता, संचलन के सामंजस्य का अभूतपूर्व प्रदर्शन भी बहनों ने किया। जिले से आए नागरिकगण भी बहनों का प्रदर्शन देख रोमांचित हो उठें। उन्होंने भी कहा कि बेटियों को राष्ट्र सेविका समिति से जरूर जोड़ना चाहिए।

राष्ट्र सेविका समिति के प्रवेश प्रबोध समिति वर्ग के 15 दिवसीय प्रांतीय वर्ग का समापन समारोह सिंघारपुर स्थित सीवी गुप्ता विद्यापीठ में शाम 5.30 बजे आयोजित हुआ। सभी बहनें मुख्य शिक्षक के आदेश पर संघ स्थान पर पहुंची। इसके बाद बहनों ने सामूहिक योग व्यायाम किया। विजय वाहिनी के माध्यम से बहनों ने यह बताने की कोशिश की कि वह राष्ट्र के स्वाभिमान को किसी भी तरह से झुकने नहीं देंगीं। यष्टि के माध्यम से अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। उपस्थित नागरिकों ने बहनों के प्रदर्शन पर तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका सुलभा देश पांडेय ने कहा कि समिति की स्थापना राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका को लेकर हुई थी। हमारी बेटियां संस्कारवान होंगी तो राष्ट्र संस्कारयुक्त होगा। वह घर परिवार को संभालने में निपुण हों। आजादी के समय क्रांतिकारियों ने कहा कि मोक्ष मेरे लिए जरूरी नहीं मैं भारत की आजादी के लिए बार बार जन्म लेना चाहूंगा। पन्ना धाय, रानी हांडा, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं ने देश के स्वाभिमान को कभी कम नहीं होने दिया। हमारे सामने ऐसी माताओं का आदर्श है जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपने बेटों को समर्पित कर दिया। मगर, पिछले वर्षों में हमने बहुत कुछ खोया है, उसे भी हमें ध्यान देने की जरूरत हैं। आज विश्व युद्ध की विभीषिका में है, जबकि भारत विश्व का मार्गदर्शन कर रहा है। सिर्फ भारत ही विश्व शांति ला सकता है। हम पश्चिमी सभ्यता की गिरफ्त में न जाएं यह ध्यान रखने की जरूरत है। हमें सभी दिशाओं में सतर्क रहने की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाक्टर दिव्या चौधरी ने कहा कि ईश्वर ने बहनों को पहले से ताकत दी है। इसलिए आपको कभी घबराना नहीं है, आगे बढ़ना है। जूटो, कराटे, दंड ये सब समाज की बेटियों तक पहुंचाएं। हमें परिवार को जोड़कर रखना है। हमारे देश पर आँच आए तो हम एकजुट होकर मुकाबला करेंगे। डॉ दिव्या ने कहा कि ये भगवा हमेशा लहराते रहना चाहिए। प्रांत सह कार्यवाहिका डॉ निशा शर्मा ने सभी व्यवस्थाओं में सहयोग करने वाले बंधु का आभार जताया। मुख्य शिक्षिका रति, सह मुख्य शिक्षिका कंचन, व आरती रहीं। प्रतिमा सारस्वत ने वर्ग प्रस्तावना रखी। डॉक्टर सुलक्षणा शर्मा ने मंच परिचय कराया। इससे पहले समिति की सह कार्यवाहिका सुलभा देश पांडे, बृज प्रांत कार्यवाहिका ललिता गुप्ता, कार्यक्रम अध्यक्ष डाक्टर दिव्या चौधरी, वर्गाधिकारी डाक्टर अंजू सूद, वर्गाधिकारी रेवा लक्ष्मी ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। इस मौके पर छात्रावास प्रमुख कालीचरण, विभाग सेवा प्रमुख मनवीर सिंह, विभाग सह संचालक ललित कुमार, विभाग कार्यवाह योगेश आर्य, विभाग प्रचार प्रमुख भूपेंद्र शर्मा, सह प्रचार प्रमुख राज नारायण, समन्वयक टीकम सिंह, महानगर संघचालक अजय सराफ, पंकज कुमार और महानगर संघ के कार्यकर्ता बंधु मौजूद थे। कोल विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी डॉक्टर मानवेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व मेयर शकुंतला भारती, डॉक्टर राजीव अग्रवाल, डॉक्टर विवेक सारस्वत आदि मौजूद थे।
व्यवस्था की सभी ने की तारीफ
15 दिवसीय वर्ग में लगे स्वयंसेवकों की व्यवस्थाओं की सभी ने तारीफ की। मंच के अतिथियों ने कहा कि वर्ग में संघ के सभी बंधुओं का सहयोग था, जिससे हम अच्छे से वर्ग को सम्पन्न कर सकें। देवेंद्र हनुमान जी, आलोक गुप्ता, विकास शर्मा, मधुकर आर्य, विमल वार्ष्णेय, मनोज कुमार, शशांक वशिष्ठ, मुकेश बंटी आदि मौजूद थे।

