त्यौहारों को परम्परागत तरीके से मनाये जनपदवासी, किसी भी नई परंपरा की न की जाए शुरूआत : डीएम
हाथरस । आगामी त्योहार ईदुज्जुहा (बकरीद) को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं परंपरागत तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कोतवाली हाथरस में शांति समिति की बैठक आयोजित कर विभिन्न समुदायों के संभ्रांत नागरिकों एवं शांति समिति के सदस्यों के साथ संवाद किया।
शांति समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि शांति एवं सौहार्द की बातें केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि बैठक समाप्त होने के बाद समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि स्वयं संयमित रहना आसान होता है, लेकिन अपने परिवार, बच्चों, भाई-बहनों एवं समाज के अन्य लोगों को भी संयम, अनुशासन एवं जिम्मेदारी का संदेश देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि त्योहारों को केवल खुशी, भाईचारे एवं उत्सव की भावना के साथ मनाया जाना चाहिए। किसी को परेशान करने, उकसाने अथवा अनावश्यक प्रदर्शन के उद्देश्य से त्योहारों का स्वरूप प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे समाज के युवाओं एवं बच्चों को भी यह समझाएं कि त्योहार सामाजिक समरसता एवं प्रेम का संदेश देते हैं। उन्होंने विशेष रूप से पूर्व में आयोजित शांति समिति बैठकों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनपदवासियों ने हमेशा आपसी सामंजस्य एवं सौहार्द का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ऐसे व्यक्ति अथवा असामाजिक तत्व की जानकारी मिले, जो शांति व्यवस्था भंग करने अथवा शासन के निर्देशों की अवहेलना करने का प्रयास कर सकता हो, तो उसकी सूचना प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को तत्काल दी जाए, जिससे समय रहते आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन द्वारा साफ-सफाई, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर पूरी गंभीरता से कार्य किया जा रहा है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने दो प्रमुख अपेक्षाओं को विशेष रूप से दोहराते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अनावश्यक प्रदर्शन से बचा जाए तथा धार्मिक गतिविधियां मर्यादित एवं निजी दायरे में सम्पन्न की जाएं। साथ ही सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, आपत्तिजनक अथवा अशोभनीय सामग्री प्रसारित न की जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अपनी खुशी एवं सकारात्मक संदेश साझा करने का एक अच्छा माध्यम है, लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि व्यक्ति चाहे किसी भी विचारधारा का हो, मंदिर अथवा मस्जिद में पहुंचकर श्रद्धा एवं विनम्रता के साथ सिर झुकाता है। इसलिए सभी को अपने व्यवहार एवं आचरण में भी मर्यादा एवं सम्मान बनाए रखना चाहिए। अंत में जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए जनपद में शांति, सौहार्द एवं भाईचारे की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद की पहचान यहां के नागरिकों, आपसी सौहार्द एवं भाईचारे से बनती है। पुलिस अधीक्षक ने सभी लोगों से आगामी त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील करते हुए कहा कि शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया युवाओं के हाथ में एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में सभी अभिभावक अपने बच्चों एवं युवाओं को जागरूक करें कि सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक, भ्रामक अथवा समाज में वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री साझा न करें। सामाजिक सौहार्द बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी को आगामी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए आपसी भाईचारे एवं शांति बनाए रखने का आह्वान किया।

