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पापों का क्षय और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है पापमोचनी एकादशी , विद्वान पंडित ललित उपाध्याय से जाने 14 या 15 मार्च को रखा जायेगा व्रत

हाथरस। विद्वान पंडित ललित उपाध्याय बताते है कि एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना कर सभी कष्टों को दूर किया जा सकता है। शास्त्रों में पापमोचनी एकादशी का विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं। पापमोचनी एकादशी चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष में आती है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान बताया गया है। श्रद्धा और नियम के साथ यह व्रत रखने से साधक को पुण्य फल मिलने की मान्यता है।
पापमोचनी एकादशी 15 मार्च 2026- पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च 2026 को सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि 15 मार्च को सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। व्रत और पर्वों के निर्धारण में उदयातिथि को महत्व दिया जाता है। इसी कारण इस साल पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026 को रखा जाएगा।

इस दिन बन रहा है खास संयोग- ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन श्रवण नक्षत्र और परिध योग का संयोग भी रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि ऐसे योग में भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ फल देने वाला माना जाता है।

व्रत पारण का समय- एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है। पंचांग के अनुसार 16 मार्च को सुबह 9 बजकर 30 मिनट के बाद व्रत पारण किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं में व्रत के साथ उसका सही समय पर पारण करना भी उतना ही जरूरी माना जाता है।

पापमोचनी एकादशी पूजा विधि- पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थान को तैयार करें। इसके बाद एक चौकी पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। भगवान विष्णु को पीले वस्त्र, पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें। पूजा स्थल के पास जल से भरा कलश रखें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें। पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और “ॐ विष्णवे नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। अंत में पंचामृत, गुड़ और चने का भोग लगाकर आरती के साथ पूजा का समापन किया जाता है।
विवाह ,ग्रह प्रवेश , श्री रामायण पाठ , श्री सत्यनारायण कथा , श्रीमद भागवत कथा ,आदि पूजा पाठ करने के लिये सम्पर्क करें-
पंडित ललित उपाध्याय
94106 16619

हनुमान गली स्थिति मकान की ऊपरी मंजिल में लगी भीषण आग

हनुमान गली में मकान की ऊपरी मंजिल में भीषण आग लग गई। आग की भीषण लपटों को देखकर हाहाकार मच गया । सूचना पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची गई और आग पर काबू करने का प्रयास कर रहे है।
सुभाष चंद्र शर्मा सन ऑफ लक्ष्मी नारायण शर्मा हनुमान गली में रहते है। जिस समय आग लगी घर पर कोई नहीं था। आग के शॉर्ट सर्किट से लगने की संभावना जताई जा रही है वहीँ आग से भारी नुकसान की संभावना है।

उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के एनपीए ऋणी ग्राहकों के लिए सुनहरा अवसर: राष्ट्रीय लोक अदालत में पाएं भारी छूट

हाथरस । उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय हाथरस ने घोषणा की है कि आगामी 14 फरवरी, 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में ग्राहक अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। बैंक द्वारा पुराने ऋणों के निपटान के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बैंक ने उन ग्राहकों के लिए राहत का हाथ बढ़ाया है जो किन्हीं कारणों से अपने ऋण की किश्तें समय पर जमा नहीं कर पाए और जिनके खाते ‘एनपीए’ (NPA) की श्रेणी में आ चुके हैं।
सहायक महाप्रबंधक आर. एस. वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बैंक प्रबंधन ऐसे डिफ़ॉल्टर ग्राहकों को उनके पुराने ऋण खातों को बंद करने पर नियमानुसार आकर्षक छूट प्रदान कर रहा है। यह योजना उन लोगों के लिए एक बेहतरीन मौका है जो अपने बैंक रिकॉर्ड को सुधारना चाहते हैं और भविष्य के लिए वित्तीय बोझ से मुक्त होना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य ग्राहकों को कानूनी उलझनों से बचाते हुए उन्हें राहत देना है। हम ग्राहकों से अपील करते हैं कि वे इस अवसर को न चूकें और अपनी नजदीकी शाखा या लोक अदालत में उपस्थित होकर इस विशेष छूट का लाभ उठाएं।
एसे सभी ग्राहक राष्ट्रीय लोक अदालत का उठाएं लाभ उठाने के लिए दीवानी कचहरी, हाथरस एवं बैंक की संबंधित शाखाओं के शाखा प्रबंधकों से मिलकर बैंक के नियमानुसार उपलब्ध छूट (Settlement) की जानकारी ले सकते हैं और आपसी सहमति से खाते को बंद करा सकते हैं। विशेष सुविधा के तहत तहसील सिकंदराराऊ क्षेत्र की विभिन्न शाखाओं के ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार शाखा सिकंदराराऊ में संपर्क कर अपने ऋण का निपटान कर सकते हैं।

बैंक ने स्पष्ट किया है कि छूट का लाभ केवल बैंक के निर्धारित मानकों के तहत ही दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए ग्राहक अपनी शाखा में संपर्क कर सकते हैं।

परमार्थ सेवा समिति के पास गैस सिलेंडरों की हुई कमी, दानदाताओं से मदद की अपील , समिति प्रति दिन बेसहारों को कराती है भोजन

हाथरस। परमार्थ सेवा समिति द्वारा प्रति दिन सुबह 12बजे से साधु, संत, बेसहारा, दीन, दुखियों असहाय,दीन दुखियों भूखे, प्यासे लगभग 50 लोगों को निशुल्क भोजन की व्यवस्ता कराई जाती है स्थिति अन्न क्षेत्र बागला कॉलेज रोड गांधी पार्क में लगभग 35 वर्षों से लगातार चली आ रही है इस माह से गैस एजेंसियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं हमारी परमार्थ सेवा समिति की किताब पर बहुत समय से 6 सिलेंडर मिलते आ रहे थे 10मार्च को परमार्थ सेवा समिति को एजेंसी के होकर द्वारा बोल दिया गया है कि अब आगे पूरे मार्च महीने में एक भी सिलेंडर नहीं मिलेगा अभी सेवा समिति को लगभग तीन चार सिलेंडर की जरूरत है यहा से भूखे साधु, संत, बेसहारा, दीन दुखियों ,भूखे प्यासे लोगों की भोजन व्यवस्ता कराने में आ रही समस्या का समाधान करना बहुत अति आवश्यक है गैस एजेंसियों के उच्चाधिकारियों से परमार्थ सेवा समिति रजिस्टर्ड नवनीकरणसंख्या R/
HAT/07751/2020-2026 है जनहित में परमार्थ सेवा समिति रजिस्टर्ड की समस्या का अति शीघ्र समाधान कराया जाए।

दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को उम्रकैद

हाथरस । न्यायालय ने दहेज हत्या के एक मामले में पति, सास और ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 6 शैलेंद्र सिंह के न्यायालय ने सुनाया। अदालत ने तीनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है, जिसका भुगतान न करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार फिरोजाबाद के रतौली निवासी सुरेश ने अपनी 19 वर्षीय पुत्री नंदिनी का विवाह 24 अगस्त 2022 को हाथरस के हसायन कोतवाली क्षेत्र के गांव भिंतर निवासी रामौतार उर्फ रामू पुत्र गजराज के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज देकर किया था।
आरोप है कि शादी के बाद से ही पति रामौतार उर्फ रामू, सास मायादेवी और ससुर गजराज अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर नंदिनी का उत्पीड़न करने लगे। नंदिनी ने कई बार अपने ससुराल वालों से कहा कि उसके माता-पिता गरीब हैं और अतिरिक्त दहेज देने में असमर्थ हैं, लेकिन इसके बावजूद उसे प्रताड़ित किया जाता रहा। तीनों आरोपी उसके साथ आए दिन मारपीट करते थे। नंदिनी ने कई बार अपने पिता सुरेश को भी इस बारे में बताया था। पिता उसे समझाते रहे कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा। आरोप है कि 2 नवंबर 2022 को शाम करीब पांच बजे नंदिनी घर पर थी, तभी उसके पति, सास और ससुर ने फिर से अतिरिक्त दहेज की मांग की। जब नंदिनी ने अतिरिक्त दहेज की मांग की। जब नंदिनी ने मना किया तो तीनों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलने पर नंदिनी के पिता मौके पर पहुंचे, जहां उनकी बेटी मृत अवस्था में मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने पति रामौतार उर्फ रामू, सास मायादेवी और ससुर गजराज को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी गोविंद वशिष्ठ ने प्रभावी पैरवी की

गैस की कालाबाजारी की चर्चाये, डीएम ने एसपी संग किया गैस एजेंसीओं का औचक निरीक्षण

हाथरस । खड़ी देशों में चल रहे भीषण युद्ध के बीच गैस की कमी होने की अफवाहों के बीच गैस कालाबाजारी की चर्चाये शुरू हो गई। घरेलू गैस सिलेण्डरों की कमी होने संबंधी शिकायतें प्रशासन को प्राप्त होने लगी। शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी अतुल वत्स ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा के साथ कछपुरा स्थित श्याम गैस कम्पनी तथा मोहनगंज स्थित ओम सांईं इण्डेन गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों की वितरण व्यवस्था, उपलब्ध स्टॉक, बुकिंग एवं डिलीवरी की प्रक्रिया का गहनता से जायजा लिया तथा मौके पर उपस्थित उपभोक्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित संचालकों से एजेंसी पर उपलब्ध गैस सिलेण्डरों की संख्या, स्टॉक तथा वितरण व्यवस्था का अवलोकन करते हुए गैस की आपूर्ति, प्रतिदिन होने वाले वितरण तथा उपभोक्ताओं को समय से गैस उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को समयबद्ध तरीके से गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्थिति में अनावश्यक विलंब न होने पाए। जिलाधिकारी ने तुलाई मशीन पर खाली तथा भरे हुए गैस सिलेण्डरों की तौल कराकर स्वयं जांच की। उन्होंने एजेंसी संचालकों को निर्देशित किया कि गैस सिलेण्डरों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखें तथा बुकिंग के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर उपभोक्ताओं को डिलीवरी सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि वितरण प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी होनी चाहिए और एजेंसी परिसर में उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक सूचनाएं स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएं।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं से वार्ता कर जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं की गैस सिलेण्डर की बुकिंग पहले से हो चुकी है, उनकी डिलीवरी के समय सर्वर के माध्यम से ओटीपी जेनरेट होता है। वर्तमान में सर्वर की गति धीमी होने के कारण ओटीपी जेनरेट होने में समस्या आ रही है, जिसके कारण डिलीवरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए मार्केटिंग कंपनियों के मुख्य डिस्ट्रीब्यूटरशिप से वार्ता कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है, ताकि सर्वर संबंधी समस्या का शीघ्र समाधान कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सर्वर में आ रही तकनीकी समस्या के कारण ओटीपी जेनरेट नहीं हो पा रहा है, जिसे समुचित प्लेटफॉर्म पर उठाकर जल्द से जल्द ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि गैस सिलेण्डरों की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि किसी को इस प्रकार की कोई सूचना प्राप्त होती है तो तत्काल डायल 112 पर सूचना दें, जिससे संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जा सके। जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारी, तहसील स्तरीय अधिकारियों एवं जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद की सभी गैस एजेंसियों पर नियमित रूप से निगरानी रखी जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ताओं को समय से गैस सिलेण्डर उपलब्ध हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गैस वितरण से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर उसका त्वरित निस्तारण किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला पूर्ति अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, गैस एजेंसी संचालक आदि उपस्थित रहे।

डायट में हुआ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन


हाथरस। अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जिला शिक्षा एंव प्रशिक्षण संस्थान (डायट) हाथरस में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन महिला सशक्तिकरण एवं विधिक जागरूकता के विषय पर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस की सचिव अनु चौधरी की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें डायट की प्राचार्या/उप शिक्षा निदेशक डा. निशा अस्थाना, प्रवक्ता, डा. सरिता वर्मा, डा. कृष्णगोपाल, डा. चरनजीत, डा. अमितराय एवं डा. कुलदीप एंव डायट संस्थान के समस्त अध्यापक, पराविधिक स्वयं सेवक साहब सिंह, मनू दीक्षित एवं वैष्णो देवी आदि की उपस्थिति में शिविर में सचिव द्वारा उपस्थित छात्र/छात्राओं को जानकारी देते बताया कि भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को ‘‘अधिकार, न्याय, कार्यवाई, सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए” विषय के तहत मना रहा है। यह दिवस महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने, न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने और विश्व स्तर पर लैंगिक समानता की दिशा में तेजी लाने के लिए कार्यक्रम और चर्चाऐं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और नागरिक समाज को एक साथ लाकर महिलाओं के अधिकारों और भागीदारी का समर्थन करने वाली नीतियों और पहलों के साथ महिलाओं के अधिकारों को और सशक्त बनाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। उन्होने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डालते हुये बताया कि जिला प्राधिकरण का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति पैसे के अभाव में न्याय पाने से वंचित न रह जाये। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में एक्ट में वर्णित श्रेणी के व्यक्तियों द्वारा विधिक सहायता के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देने पर प्राधिकरण द्वारा जॉच उपरान्त निःशुल्क अधिवक्ता से परामर्श हेतु आदेश दिया जाता है।

पुलिस भर्ती परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर डीएम-एसपी ने अधिकारियों के साथ की बैठक

हाथरस।। 14 एवं 15 मार्च को उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की प्रस्तावित लिखित परीक्षा को जनपद में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए समस्त आवश्यक तैयारियों को ससमय पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुये बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 14 एवं 15 मार्च 2026 को सिविल पुलिस बलों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जानी प्रस्तावित है। लिखित परीक्षा का उद्देश्य सिविल पुलिस के पदों पर भर्ती करना है। यह प्रत्येक निर्धारित तिथि पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन अत्यंत संवेदनशील एवं जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी गंभीरता, सतर्कता और पारदर्शिता के साथ अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आयोजित परीक्षा दिवस में लगाए जाने वाले कार्मिकों के आई0डी0 कार्ड जारी करने के साथ ही उन पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने लिखित परीक्षा आयोजित किए जाने हेतु चयनित किए गए परीक्षा केंद्र के प्रधानाचार्य से प्रकाश, पानी, फर्नीचर आदि मूलभूत सुविधाओं के उचित प्रबंध करने के साथ ही परीक्षा अवधि में शौचालयों की निमित्त रुप से साफ सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही किसी भी स्तर पर क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था तथा अन्य निगरानी तंत्र को भी सुदृढ़ किया जाए, ताकि परीक्षा की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनी रहे। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी न्यायिक को निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा केन्द्र पर सम्मिलित होने वाले जनपद के बाहर के परीक्षार्थियों के रूकने हेतु रेनबसेरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने हेतु प्रत्येक चौराहों पर रूट चार्ट लगवाने के निर्देश दिए जिससे कि परीक्षार्थी को केन्द्र तक पहुंचने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में पुलिस विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा संवेदनशील एवं अति संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी की जाए। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों, नकल कराने के प्रयासों अथवा अवांछनीय तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए और ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।

टीईटी के विरोध में शिक्षकों का पोस्टकार्ड अभियान जारी, तीसरे दिन भी भेजे गए पत्र

हाथरस। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ हाथरस द्वारा बुधवार को प्रांतीय नेतृत्व के दिशा निर्देशों के अनुसार तीसरे दिन शिक्षक कर्मचारियों द्वारा टीईटी के विरोध में राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष, मुख्य न्यायाधीश नई दिल्ली के नाम पोस्टकार्ड प्रेषित किए। 2011 एवम इस से पूर्व से शिक्षक भर्ती की योग्यता पूरी करने बाद चयन हुआ। उस समय की योग्यता को पूर्ण करते हुए भर्ती हुए। 20 से 30 साल नौकरी करने के उपरांत टीईटी लागू करना तर्कहीन है।
विभिन्न विद्यालयों से सैकड़ों शिक्षकों द्वारा पत्र लिखते हुए टीईटी का विरोध किया और पोस्टकार्ड के माध्यम से अपना विरोध प्रकट किया।
अटेवा जिला संरक्षक श्री रैदास जी के निर्देशन में डी आई ओ एस कार्यालय में कंट्रोल रूम में लगे शिक्षक कर्मचारियों द्वारा सरकार से टीईटी मुक्ति की प्रार्थना की।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष श्री रमेश चौधरी द्वारा विद्यालय स्टाफ मृदुल शर्मा , अनिल गौतम, विनोद शर्मा के साथ पोस्टकार्ड लिखकर टीईटी का विरोध दर्ज कराया। शिक्षिका अर्चना कुमारी द्वारा अपने स्टाफ के साथ माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में टीईटी से मुक्त रखने की प्रार्थना की गई। उनका कहना है कि भर्ती के समय योग्यता पूरी थी फिर 20 वर्ष की नौकरी के बाद नई योग्यता जोड़ना शिक्षक के साथ अन्याय है ।अटेवा जिला महामंत्री श्री रवि कान्त वर्मा द्वारा सभी साथियों से इस टीईटी मुक्त अभियान में शामिल होने की अपील की। प्राथमिक शिक्षक संघ जिला महामंत्री तरुण शर्मा द्वारा शिक्षकों से अधिक से अधिक पत्र लिखने के लिए आव्हान किया।अटेवा जिला अध्यक्ष श्री प्रेमचंद चंदेल ने कहां की आंदोलन सफलता की तरफ अग्रसर है।

दिव्यता दिवस के रूप में मनाया गया पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी डॉ0 हृदयमोहिनी जी का पंचम स्मृति दिवस

हाथरस। दादी हृदयमोहिनी जी जिनके मुख पर सदैव मुस्कान और जीवन सम्पूर्ण सादगी, सत्यता और पवित्रता से भरा हुआ कि देखते ही शृद्धा से मस्तक झुक जाये। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी डॉ0 हृदयमोहिनी जी का पंचम स्मृति दिवस दिव्यता दिवस के रूप में तथा पूर्व संयुक्त प्रशासिका दादी चन्द्रमणी जी का शाक्ति दिवस के रूप में शान्ति एवं शालीनता के साथ ब्रह्माकुमारीज के अलीगढ़ रोड स्थित, शान्ति भवन, आनन्दपुरी कालोनी केन्द्र पर मनाया गया। प्रातःकालीन राजयोग क्लास में दादी हृदयमोहिनी जी का परिचय कराते हुए बी0के0 शान्ता बहिन ने कहा कि बहुत सम्पन्न परिवार की होने के बाद भी जब दादीजी की सरलता और निर्मानता सभी को आकर्षित करती मात्र आठ वर्ष की आयु में अपनी माँ के साथ ब्रह्मा बाबा द्वारा चलाये जा रहे सत्संग में पहली बार आईं और उन्हें शिव बाबा का साक्षात्कार हुआ तभी से वे इस संगठन में बच्चों के लिए खोले गये बोर्डिंग स्कूल में आ गईं। राकेश अग्रवाल भाई ने बताया कि दादीजी आत्मस्वरूपा स्थिति में स्थित होकर व्यवहार में आती थीं, उनके लिए अमीर, गरीब, छोटा या बड़ा सभी समान थे। बी0के0 दिनेश भाई ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे कहती थीं कि भोले बच्चों का भोलानाथ होता है चतुरसुजान का नहीं। अपनी सब जिम्मेदारियाँ ट्रस्टी बनकर संभालते हुए भोलेनाथ को अर्पित करते हुए हल्का होकर रहना है। इससे पूर्व प्रातःकालीन सत्र में पूर्व सहकोषाधिकारी दाऊदयाल अग्रवाल, अरविन्द अग्रवाल, राजीव सिंघल, राकेश अग्रवाल, यतेन्द्र आर्य, राजेश शर्मा, लक्ष्मी बहिन, कोमल बहिन, मोनिका बहिन, आदि ने स्मृति दिवस पर शृद्धासुमन अर्पित किया। बी.के. मोहिनी बहिन, वन्दना बहिन ने कार्यक्रम प्रबन्धन किया।

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