Breaking News
दिव्यता दिवस के रूप में मनाया गया पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी डॉ0 हृदयमोहिनी जी का पंचम स्मृति दिवस

हाथरस। दादी हृदयमोहिनी जी जिनके मुख पर सदैव मुस्कान और जीवन सम्पूर्ण सादगी, सत्यता और पवित्रता से भरा हुआ कि देखते ही शृद्धा से मस्तक झुक जाये। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी डॉ0 हृदयमोहिनी जी का पंचम स्मृति दिवस दिव्यता दिवस के रूप में तथा पूर्व संयुक्त प्रशासिका दादी चन्द्रमणी जी का शाक्ति दिवस के रूप में शान्ति एवं शालीनता के साथ ब्रह्माकुमारीज के अलीगढ़ रोड स्थित, शान्ति भवन, आनन्दपुरी कालोनी केन्द्र पर मनाया गया। प्रातःकालीन राजयोग क्लास में दादी हृदयमोहिनी जी का परिचय कराते हुए बी0के0 शान्ता बहिन ने कहा कि बहुत सम्पन्न परिवार की होने के बाद भी जब दादीजी की सरलता और निर्मानता सभी को आकर्षित करती मात्र आठ वर्ष की आयु में अपनी माँ के साथ ब्रह्मा बाबा द्वारा चलाये जा रहे सत्संग में पहली बार आईं और उन्हें शिव बाबा का साक्षात्कार हुआ तभी से वे इस संगठन में बच्चों के लिए खोले गये बोर्डिंग स्कूल में आ गईं। राकेश अग्रवाल भाई ने बताया कि दादीजी आत्मस्वरूपा स्थिति में स्थित होकर व्यवहार में आती थीं, उनके लिए अमीर, गरीब, छोटा या बड़ा सभी समान थे। बी0के0 दिनेश भाई ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे कहती थीं कि भोले बच्चों का भोलानाथ होता है चतुरसुजान का नहीं। अपनी सब जिम्मेदारियाँ ट्रस्टी बनकर संभालते हुए भोलेनाथ को अर्पित करते हुए हल्का होकर रहना है। इससे पूर्व प्रातःकालीन सत्र में पूर्व सहकोषाधिकारी दाऊदयाल अग्रवाल, अरविन्द अग्रवाल, राजीव सिंघल, राकेश अग्रवाल, यतेन्द्र आर्य, राजेश शर्मा, लक्ष्मी बहिन, कोमल बहिन, मोनिका बहिन, आदि ने स्मृति दिवस पर शृद्धासुमन अर्पित किया। बी.के. मोहिनी बहिन, वन्दना बहिन ने कार्यक्रम प्रबन्धन किया।

आशीष सेंगर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page