मुख्य विकास अधिकारी ने वृद्ध आश्रम का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
हाथरस। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आगरा रोड स्थित नगला भुस के वृद्ध आश्रम का आज मुख्य विकास अधिकारी श्री पीएम दीक्षित ने औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान आश्रम प्रबंधन द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में वृद्ध आश्रम में कुल 71 वृद्धजन पंजीकृत हैं, जिनमें 39 पुरुष एवं 32 महिलाएं निवास कर रही हैं। जानकारी करने पर बताया गया कि आश्रम में निवासरत एक महिला, जो पीलिया रोग से ग्रसित थीं, को उनके परिजनों द्वारा दिनांक 07 जून 2026 को अपने साथ घर ले जाया गया था, जिनकी दिनांक 12 जून 2026 को उनके आवास पर मृत्यु हो गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने आश्रम में निवासरत वृद्धजनों से वार्ता कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आश्रम में उपलब्ध कराए जा रहे नाश्ते एवं भोजन की गुणवत्ता तथा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन वितरण की व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान आश्रम प्रबंधन द्वारा बताया गया कि निर्धारित मेन्यू के अनुरूप नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि वृद्धजनों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए तथा भारी भोजन, जैसे पूड़ी आदि के स्थान पर सुपाच्य एवं हल्का भोजन उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन दिनों किसी दानदाता द्वारा भोजन की व्यवस्था की जाती है, उन दिनों संस्था द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की समुचित कटौती करते हुए उसका स्पष्ट विवरण पंजिका में अंकित किया जाए, ताकि अभिलेखों में पारदर्शिता बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि आश्रम में प्रतिदिन लगभग 13 लीटर दूध की व्यवस्था की जाती है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण दूध की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे स्थानीय समूहों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें तथा आश्रम को बेहतर गुणवत्ता की सामग्री उपलब्ध हो सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने आश्रम परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं एवं वृद्धजनों के समुचित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि आश्रम में निवासरत सभी वृद्धजनों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

