ग्रामीण बैंक कर्मचारियों की लंबित मांगों के समर्थन में देशव्यापी आंदोलन की घोषणा
हाथरस। ग्रामीण बैंक यूनियनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ ग्रामीण बैंक यूनियंस (UFGBU) ने ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लंबे समय से लंबित न्यायोचित मांगों के शीघ्र समाधान हेतु देशव्यापी आंदोलनात्मक कार्यक्रम प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है।
संयुक्त मंच द्वारा जिन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है, उनमें HR पॉलिसी में आवश्यक बदलाव, RRB कर्मचारियों के लिए स्पॉन्सर बैंक स्टाफ सर्विस रेगुलेशन का विस्तार, 12वें बाइपार्टाइट सेटलमेंट एवं 9वें जॉइंट नोट का पूर्ण क्रियान्वयन, APR सिस्टम में सुधार, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी लागू करना, डेली वेज एवं कैजुअल कर्मचारियों का नियमितीकरण तथा अन्य लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इन मांगों को भारत सरकार, माननीय वित्त मंत्री, वित्तीय सेवा विभाग (DFS), नाबार्ड एवं अन्य संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष अनेक बार उठाया जा चुका है। मुख्य श्रम आयुक्त (CLC) एवं उप मुख्य श्रम आयुक्त (Deputy CLC) के समक्ष भी कई दौर की सुलह वार्ताएं आयोजित हुईं। प्रत्येक बैठक में DFS एवं NABARD द्वारा मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया, किन्तु अब तक कोई ठोस निर्णय या कार्यवाही नहीं की गई है।
लगातार हो रही देरी एवं उदासीन रवैये के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ ग्रामीण बैंक यूनियंस ने देशभर में चरणबद्ध आंदोलन प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। आंदोलन के प्रथम चरण के अंतर्गत दिनांक 08 जून 2026 से 12 जून 2026 तक “RRBs Demands Day” मनाया जाएगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों से अपील की गई है कि वे अपनी मांगों के समर्थन में बैज धारण करें, शाखाओं एवं कार्यालयों में एकता और सामूहिकता का प्रदर्शन करें तथा कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करें ।
AIGBEA एवं AIGBOA के संयुक्त आह्वान पर सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों से आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रीय कार्यालयों एवं शाखाओं में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें तथा आंदोलन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं ।
संयुक्त मंच ने विश्वास व्यक्त किया है कि कर्मचारियों एवं अधिकारियों की एकजुटता और संघर्ष के बल पर उनकी न्यायोचित मांगों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित होगा ।

