जीएसटी कार्यालय स्थापना को लेकर व्यापारियों की बैठक, जीएसटी कार्यालय के लिए भूमि प्रस्ताव और शासन को पत्रावली भेजे जाने पर व्यापारियों ने जताया आभार
हाथरस। हाथरस उद्योग व्यापार विकास मंच के तत्वावधान में शनिवार को आंधीवाल पैलेस में जनपद के विभिन्न उद्योग एवं व्यापारिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जीएसटी कार्यालय को वाटर वर्क्स परिसर में स्थापित किए जाने के संबंध में स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रस्ताव शासन को भेजे जाने पर संतोष व्यक्त किया गया।
बैठक में मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि जीएसटी कार्यालय स्थापना के मुद्दे पर व्यापारियों द्वारा लगातार किए गए प्रयासों और प्रस्तावित जन आंदोलन की घोषणा के बाद प्रशासन ने आवश्यक पत्रावलियां उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित कर दी हैं। व्यापारिक संगठनों ने इसे सामूहिक एकजुटता और संघर्ष की सफलता बताया।
व्यापारी नेताओं ने कहा कि शासन स्तर पर अनुमोदन मिलने के बाद जीएसटी कार्यालय के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इससे जनपद के उद्योगपतियों, व्यापारियों और करदाताओं को बड़ी सुविधा मिलेगी।
बैठक में स्थानीय प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन ने व्यापारियों की समस्या को समझते हुए सकारात्मक पहल की है। साथ ही नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती श्वेता दिवाकर की विशेष सराहना की गई, जिन्होंने व्यापारी हितों को प्राथमिकता देते हुए बोर्ड बैठक में जीएसटी कार्यालय हेतु भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित कराया।

बैठक में व्यापारी नेता सत्यप्रकाश शर्मा (रंगीला गुरुजी), सुरेश अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, देवेंद्र कुमार गोयल, राजकुमार वर्मा, लोकेश अग्रवाल, योगेश बंसल (योगी लाला), ओमप्रकाश वर्मा, शैलेंद्र शर्मा, अभिषेक शर्मा एडवोकेट, योगेश वार्ष्णेय, अनिल कुमार वार्ष्णेय, सतीश चंद्र वार्ष्णेय, अनिल अग्रवाल, राकेश कुमार, महेंद्र कुमार, सचिन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अतुल आंधीवाल एडवोकेट ने हाथरस उद्योग व्यापार विकास मंच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संघर्ष और संगठन की शक्ति से ही सफलता प्राप्त होती है। बैठक के अंत में सुरेश अग्रवाल ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे व्यापारी समाज के संघर्ष, एकता और संकल्प की जीत है।
बैठक का समापन “भारत माता की जय”, “जय उद्योग-जय व्यापार” के नारों के साथ हुआ।

