विश्व पर्यावरण दिवस पर डीएम ने किया पौधरोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
-128 गोवंशों वाली गौशाला का डीएम ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
हाथरस। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने विकास खंड मुरसान की ग्राम पंचायत धातुरा खुर्द स्थित अस्थायी गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण किया तथा नीम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने गौशाला परिसर को हरित एवं छायायुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया।पौधरोपण के उपरांत जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्ष न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के जन्मदिवस का भी विशेष अवसर है। उन्होंने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके आह्वान को सफल बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने बताया कि जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं तथा निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए सभी विभागों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कार्य किया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौ आश्रय स्थल में गोवंशों के रखरखाव, चारे, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गोवंशों के स्वास्थ्य एवं देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने छोटे बछड़ों एवं बीमार गौवंशों को अलग रखने के लिए जालीयुक्त टीनशेड बनवाने, आवश्यकतानुसार केयर टेकर तैनात करने तथा शिफ्टवार ड्यूटी लगाने के निर्देश भी दिए। साथ ही टीनशेड, चरही और नाली जैसे अवशेष निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।उप जिलाधिकारी सदर ने बताया कि गौशाला में वर्तमान में 128 निराश्रित गौवंश संरक्षित हैं, जिनमें 54 नर और 74 मादा गौवंश शामिल हैं। उनकी देखभाल के लिए पांच केयर टेकर तैनात हैं। गौशाला में तीन टीनशेड, दो चरही, दो पानी के हौज, एक समरसेबिल तथा 35 कुंतल भूसा उपलब्ध है। लगभग 42 बीघा भूमि में संचालित इस गौशाला में सीसीटीवी कैमरों एवं भूसा भंडारण की भी व्यवस्था की गई है।इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, पंचायत सहायक, ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

