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पूर्व पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ,पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज ,फर्जी नक्शा व कूटरचित अभिलेखों के जरिए भूमि हड़पने की साजिश का आरोप

हाथरस। भूमि विवाद के एक चर्चित मामले में पूर्व विधायक, सदस्य विधान परिषद एवं पूर्व राज्यमंत्री मुकुल उपाध्याय की तहरीर पर कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा, पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, रागिनी शर्मा, रजत अग्रवाल सहित कई नामजद व्यक्तियों तथा कुछ राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

तहरीर के अनुसार मुकुल उपाध्याय की पत्नी रीतु उपाध्याय ने वर्ष 2009 में हनुमान प्रसाद पोद्दार पुत्र स्व जुमना प्रसाद पोद्दार निवासी सूपान गली, नयागंज हाथरस हाल निवासी मो सदवाड़ा कायमगंज, जिला फर्रुखाबाद से, उसके खाता संख्या 25, खसरा संख्या 130, रकवा 4.790 है0 में से, 0.616 है0 रकवा, दिनांक 23.09.2009 को पंजीकृत विक्रय विलेख संख्या 6786 के माध्यम से क्रय किया गया था। उक्त क्रय की गयी भूमि दक्षिण दिशा में शंकरलाल मलूक चन्द्र, पीडब्लूडी आफिस आदि से लगी हुई है व पश्चिम दिशा में आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर स्थित है। तत्पश्चात उसी दिन विक्रेता, हनुमान प्रसाद पोददार ने प्रार्थी की पत्नी को उक्त क्रय भूमि पर कब्जा दिया गया था। प्रार्थी की पत्नी ने कब्जा प्राप्त करने के बाद क्रय की गई भूमि पर, बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कराया गया था, मौके पर आज भी उक्त क्रय की गई जमीन पर बाउण्ड्रीवाल निर्मित है। क्रय करने के बाद क्रय की गई भूमि पर, प्रार्थी की पत्नी द्वारा वर्ष 2009 से 2013 तक सभी प्रकार की फसलें उगवाई थी। जब विक्रेता हनुमान प्रसाद पोददार ने वर्ष 2013 में अपनी शेष आराजी को, अकृषक /आवासीय कराने हेतु, सक्षम न्यायालय में कार्यवाही की थी, तब प्रार्थी की पत्नी ने भी क्रय की गई अपनी भूमि को, जविअधि की धारा 143 के तहत अकृषक / आवासीय कराये जाने हेतु आवेदन किया था जिस पर राजस्व अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुये मौके की नक्शा नजरी व आख्या प्रस्तुत करते हुये, प्रश्नगत् भूमि को अकृषक / आवासीय करने के आदेश पारित किये गये थे, जिसमें रिपोर्ट एवं रिपोर्ट के साथ संलग्न नक्शा नजरी पर तत्कालीन लेखपाल अवधेश कुमार, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक मदन मोहन शर्मा, तत्कालीन नायब तहसीलदार/तहसीलदार मनोज वाष्णेय तथा तत्कालीन उपजिलाधिकारी मदन चन्द्र दुबे के वास्तविक हस्ताक्षर थे। यहाँ यह भी संज्ञान में लाना है कि आशीष शर्मा तत्कालीन चैयरमेन नगरपालिका हाथरस ने अपनी सगी बहिन रागिनी शर्मा व देवेन्द्र अग्रवाल पूर्व विधायक सपा सादाबाद ने अपने पुत्र रजत अग्रवाल की फर्म मै डीएलआरसी इम्फाहाइट प्रा लि, तथा परमेश्वरी दयाल गौड, देवेन्द्र पचौरी, व अन्य के नाम, हनुमान प्रसाद पोद्दार के खसरा संख्या 130 की शेष जमीन में से 3.709 है का दिनांक 19.09.2020 को इकरारनामा करा लिया तथा दिनांक 19.09.2020 को ही उक्त गाटा संख्या 130 की जमीन में से कुछ भाग, आशीष शर्मा तत्कालीन चैयरमेन नगरपालिका हाथरस ने अपनी बहिन रागिनी शर्मा व देवेन्द्र अग्रवाल ने अपने निकट अन्य सहयोगियों के नाम बैनामा करा दिये गये। तत्पश्चात हनुमान प्रसाद पोददार द्वारा मा सिविल न्यायालय (वप्र), हाथरस में एक मूल वाद संख्या 273/2020 हनुमान प्रसाद पोददार बनाम रितु उपाध्याय व अन्य योजित किया गया, उक्त मूलवाद के वाद पत्र के साथ जो नक्शा नजरी संलग्न की गई थी, उक्त संलग्न नक्शा नजरी में प्रार्थी की पत्नी की जमीन को जालसाजी व कूटरचना करते हुये, आगरा अलीगढ मुख्य राजमार्ग से हटाकर मण्डी समिति की तरफ दर्शाया गया था, इस कूटरचना व जालसाजी की जानकारी प्रार्थी व प्रार्थी की पत्नी को दिनांक 20.10.2020 को हुई थी, यह कूटरचना उक्त लोगों द्वारा उक्त गाटा संख्या 130 की शेष सौदा की गई जमीन में प्लाटिंग कर उसकी कीमत करोडों में बढाने के उद्देश्य से प्रार्थी की पत्नी की जमीन के अग्र भाग (आगरा अलीगढ मुख्य राजमार्ग) के मध्य से अवैध रास्ता निकालने व जमीन की स्थिति बदलने की बदनीयती से राजस्व कर्मचारियों से साज व षडयन्त्र करके जविअधि की 143 की आख्या के साथ संलग्न नक्शा नजरी में कूटरचना व छल फरेव करके वास्तविक नक्शा को हटाकर उसके स्थान पर अपने अनुचित लाभ के लिये जमीन की स्थिति बदलकर फर्दी जाली व कूटरचित नक्शा कर सदी गयी है उक्त जालसाजी व कूटरचना की जानकारी होने पर, प्रार्थी ने दिनांक 05.04.2022 को उक्त प्रकरण की शिकायत मा मुख्यमंत्री / अध्यक्ष, राजस्व परिषद लखनऊ से की, जिसके सापेक्ष में अध्यक्ष, राजस्व परिषद द्वारा इसकी जच करने हेतु दिनांक 30.05.2023 को श्रीमान् आयुक्त अलीगढ़ मण्डल अलीगढ को पत्र संख्या 4931/4-03 ख/2022 प्रेषित किया गया, जिसके क्रम में आयुक्त महोदय द्वारा उक्त प्रकरण की जाँच अपर आयुक्त महोदय अलीगढ मण्डल अलीगढ़ से कराई गई, विधिवत् जचोपरान्त आयुक्त महोदय अलीगढ मण्डल अलीगढ द्वारा आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, उप्र को दिनांक 05.04.2025 को प्रेषित अपनी जच आख्या में अन्य तथ्यों के साथ ही साथ यह भी उल्लेख किया गया है कि अतः ऐसा सम्भावित है कि धारा 143 में पत्रावली पर लगाये गये अभिलेख कूटरचित हैं। आयुक्त महोदय अलीगढ मण्डल अलीगढ की आख्या दिनांक 05.04.2025 का गहन परीक्षण करने के उपरान्त राजस्व परिषद, उप्र अनुभाग-4 लखनऊ द्वारा दिनांक 08.01.2026, 05.03.2026 व 07.04.2026 को जिलाधिकारी महोदय हाथरस को पत्र प्रेषित किये गये है जिनमें दोषियों के खिलाफ यथाकार्यवाही करने व कृत कार्यवाही से अवगत करने के निर्देश दिये गये है, जिसके परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी महोदय द्वारा उक्त प्रकरण में कार्यवाही अमल में लाते हुये एक त्रिसदस्यी कमेटी का गठन किया गया, उक्त कमेंटी द्वारा भी उपरोक्त प्रकरण में दस्तावेजों की जाँच की गई तथा दिनांक 10.04.2026 को अपनी आख्या जिलाधिकारी महोदय को प्रेषित की गई, जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया है कि जिससे प्रथम दृष्टया यह सम्भावित है कि अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की गयी है। राजकीय अभिलेखों में छेड़छाड़ । कूटरचना किया जाना गम्भीर विषय है जिसमें जिम्मेदारी तय होनी चाहिये। अतः उपरोक्त तथ्य एवं परिस्थितियों तथा विधिक प्रावधानों के दृष्टिगत सम्बन्धित पर अनुशासनात्मक/विधिक कार्यवाही की जानी चाहिये। प्रार्थी के शिकायती प्रार्थना पत्र दिनांक 05.04.2022 पर की गई जच आख्या रिपोर्ट से स्पष्ट है कि पूर्व विधायक सपा सादाबाद देवेन्द्र अग्रवाल, आशीष शर्मा तत्कालीन अध्यक्ष नगर पालिका हाथरस व हनुमान प्रसाद पोददार ने षडयंत्र के तहत, प्रार्थी की पत्नी द्वारा क्रय भूमि के मध्य में से अलीगढ आगरा मुख्य मार्ग से अवैध रास्ता निकालने के उददेश्य से आपराधिक षडयंत्र रच, प्रार्थी की पत्नी के हक को निष्क्रिय करने व नुकसान पहुँचाने तथा अपने सगे सम्बन्धी रागिनी शर्मा, रजत अग्रवाल के अलावा अपने अन्य नजदीकी लोगों को अनुचित लाभ पहुँचाने के अभीष्ट उददेश्य से कपटपूर्वक, फर्जी व जाली नक्शा तैयार कर, राजस्व अभिलेखागार की मूल पत्रावली में से सही नक्शा हटाकर फर्जी व जाली नक्शा कपटपूर्वक व बेईमानी से असली के रूप में प्रयोग में लाने के उददेश्य से संचित कर दिया गया। अतः आपसे सादर अनुरोध है कि इन परिस्थितियों में जविअधि की धारा 143 की पत्रावली में संचित नक्शा नजरी में की गई जालसाजी व कूटरचना में संलिप्त तत्कालीन अध्यक्ष नगर पालिका हाथरस आशीष शर्मा पुत्र श्री ओम प्रकाश शर्मा नि किला गेट हाथरस, पूर्व विधायक सपा सादाबाद देवेन्द्र अग्रवाल पुत्र श्री महेन्द्र पाल अग्रवाल नि कंचन नगर, आगरा रोड हाथरस, हनुमान प्रसाद पोददार पुत्र स्व श्री जमुना प्रसाद पोददार निवासी गली सूपान हाथरस, हाल नि मौहल्ला सदवाडा, कायमगंज, जिला फर्रुखाबाद, रागिनी शर्मा पत्नी श्री विशाल शर्मा नि0 4/49 ए, जेल रोड अलीगढ, रजत अग्रवाल पुत्र श्री देवेन्द्र अग्रवाल नि कंचन नगर, हाथरस द्वारा निदेशक डीएलआरसी इम्फाहाइट हाइट प्रा प्रालि, परमेश्वरी दयाल गौड पुत्र श्री महेश बाबू गौड नि0 150, कृष्णा आर्चिड, गोवर्धन रोड मथुरा, देवेन्द्र पचौरी पुत्र श्री भगवती प्रसाद पचौरी नि चैतन्यधाम कालोनी, अलीगढ रोड हाथरस, विमल कुमार पुत्र श्री बनबारीलाल नि0 ग्राम रहना सासनी हाथरस व राजस्व विभाग के दोषी अधिकारियों व एवं कर्मचारियों तथा अन्य सम्मलित दोषियो के विरुद्ध आपराधिक सडयन्त्र रचकर बेईमानी व कपटपूर्वक करायी गयी कूट रचना तथा उन्हे छल के प्रयोजन से उपयोग में लाने के अपराध में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की मांग की है।पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 417, 465, 468, 471, 489 एवं 120-बी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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आशीष सेंगर

 aashishsengar@gmail.com

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