जिला अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू
किसान यूनियन, विहिप, बजरंग दल व व्यापार मंडल समेत कई संगठनों ने सीएमओ कार्यालय के सामने खोला मोर्चा
हाथरस। जिला अस्पताल की खराब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जनआक्रोश अब आंदोलन का रूप ले चुका है। भारतीय किसान यूनियन (भानू), विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, व्यापार मंडल सहित कई सामाजिक एवं व्यापारी संगठनों ने सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
धरने पर बैठे संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं और अस्पताल उपचार केंद्र के बजाय केवल “रेफर सेंटर” बनकर रह गया है। उनका कहना है कि सामान्य बीमारियों और मामूली उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों को भी अलीगढ़ और आगरा रेफर किया जा रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, आवश्यक दवाओं का अभाव, जांच सुविधाओं की अपर्याप्तता तथा चिकित्सा संसाधनों की कमी के कारण लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे आम जनता में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है।
प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता तथा हाथरस में मेडिकल कॉलेज की स्थापना सहित 11 सूत्रीय मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जनपद की बढ़ती आबादी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना अत्यंत आवश्यक है।
धरना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सद्बुद्धि एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की कामना को लेकर हवन-यज्ञ का आयोजन भी किया गया। मंत्रोच्चार के बीच प्रदर्शनकारियों ने जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग दोहराई।
संगठनों के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

