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सकारात्मक पत्रकारिता पर हुआ मंथन , हिन्दी पत्रकारिता की द्विशताब्दी पर ब्रह्माकुमारीज संगठन द्वारा पत्रकार सम्मेलन का आयोजन

‘‘वर्तमान परिवेश और सकारात्मक पत्रकारिता’’ विषय पर हुआ संवाद

समाज को आइना दिखाने का कार्य करते हैं पत्रकारः बी0के0 पूजा दीदी

चैथे स्तम्भ की नीव को मजबूत बनाने का प्रयास ब्रह्माकुमारीज संगठन कर रहा हैः कुलपति पी के दशोरा

पत्रकारों पर समाज को सही दिशा देने और जागरूक बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारीः उमाशंकर जैन

हाथरस। हिन्दी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष में 30 मई को अलीगढ़ रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज के सहज राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पर पत्रकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें प्रिन्ट एवं इलैक्ट्रोनिक्स मीडिया के पत्रकारों के अलावा मंगलायतन विश्वविद्यालय के कुलपति पी0के0 दशोरा सहित पत्रकारिता विभाग के प्रमुख जितेन्द्र कुमार के अलावा पत्रकारिता के विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम के शुभारम्भ से पहले सभी पत्रकारों एवं अतिथियों को बैज एवं पीतवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया। बालिका लक्ष्मी ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।
विधिवत शुभारम्भ ज्योर्तिमय दीप से जगमग हो सारा जहाँ की मधुर ध्वनि के मध्य अतिथि वक्ता फरीदाबाद की बी0के0 पूजा दीदी, कार्यक्रम संयोजिका बी0के0 शान्ता दीदी, मंगलायतन विश्वविद्यालय के कुलपति पी0के0 दशोरा सहित पत्रकारिता विभाग के प्रमुख जितेन्द्र कुमार, डी0डी0 न्यूज से मनीषा उपाध्याय, प्रेस क्लब हाथरस के अध्यक्ष उमाशंकर जैन, पी0डी0एन0 संचालक रीतश्ष वाश्र्णेय, आशीष सेंगर भव्य प्रभात से, राजपथ से जिनेन्द्र जैन, पी.टी.आई. न्यूज ऐजेन्सी के अतुल नारायण, दैनिक आज से राजकुमार, आई ए एन एस से वी एन शर्मा, न्यूज इण्डिया से उमाकान्त पुण्डीर, शहीदी दरिया से शम्भूनाथ पुरोहित सहित प्रमुख अखबारों के प्रमुखों ने किया।


इस अवसर पर फरीदाबाद की राजयोग केन्द्र निदेशिका बी0के0 पूजा दीदी ने पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि यहाँ भाषण की बात नहीं, संवाद से विचारों का आदान प्रदान होता है जिससे परिवर्तन की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा पत्रकार का जीवन दर्पण की तरह है लेकिन समाज को सही दर्पण तभी दिखाया जा सकता है जब दर्पण साफ हो। बी0के0 पूजा दीदी ने पहले स्वयं को सकारात्मक रखने के लिए दो मिनट का राजयोग अभ्यास कराया। इसके उपरान्त उन्होंने दो मिनट का अभ्यास संसार के लिए सकारात्मक सोच रखने के लिए गाइडैड काॅमेन्ट्री के द्वारा योगाभ्यास कराया। उन्होंने सच्ची टी0आर0पी0 अपनाने का आव्हान किया। टी से ट्रुथ यानि सच्चाई, आर से रिलेशनशिप तथा पी से प्यूरिटी अर्थात पवित्रता अपनाने से न केवल समाज बल्कि स्वयं को भी खुशी होगी। 95 प्रतिशत अच्छाई को चाहने वाले लोगों के लिए भी 95 प्रतिशत नकारात्मक माहौल मीडिया से मिल रहा है। अब हमें 95 प्रतिशत सकारात्मक चाहने वालों के लिए कार्य करना होगा।
मंगलायतन विश्वविद्यालय के कुलपति पी0के0 दशोरा ने मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए कहा कि सेमीनार का विषय ‘‘वर्तमान परिवेश और सकारात्मक पत्रकारिता’’ पर अपने विचार रखते हुए कहा कि गति और युति दोनों आवश्यक हैं। सत्य, सच्चाई और सर्वत्र यह होना चाहिए। इसके लिए पत्रकार को सबसे पहले स्वयं को पाठक के रूप में स्वीकार करके कार्य करना चाहिए।
प्रोफेसर पी.के. दशोरा ने आदि पत्रकार नारद जी का उदाहरण देते हुए कहा कि पत्रकारों को नारद की तरह त्रिआयामी सूत्र पालन अवश्य कराना चाहिए जिसमें उन्हें कहीं भी आने जाने की छूट हो, कहीं कुछ भी गापनीय नहीं है। दूसरा सत्य को आधा अधूरा नहीं सम्पूर्णता से बताने की ताकत और तीसरा सभी तक सूचना का सम्प्रेषण होना। आदर्श पत्रकार जीवजगत के उन्नयन की बात करते हैं। यह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सिखाता है। इससे पत्रकारों को प्रेरणा लेनी चाहिए। यहाँ किसी एक की नहीं सभी के आत्मिक उत्थान की चर्चा होती है। सर्वे भवन्तु सुखिनः यहाँ का मूलमंत्र है, यही आध्यात्मिक सशक्तिकरण का आधार है।
प्रेस क्लब हाथरस के अध्यक्ष उमाशंकर जैन ने र्तमान परिवेश और सकारात्मक पत्रकारिता विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संप्रेषण करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने और जागरूक बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभाती है।
उमाषंकर जैन ने कहा कि आज के दौर में जहां नकारात्मक खबरें तेजी से लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं, वहीं सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता है पत्रकारों का दायित्व है कि वे जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और सत्यता के साथ सामने लाएं तथा समाज में हो रहे अच्छे कार्यों को भी प्रमुखता से प्रकाशित करें।
उमाषंकर जैन ने कहा कि बदलते समय में मीडिया की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में पत्रकारों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनकल्याणकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना चाहिए। यही पत्रकारिता लोकतंत्र को मजबूत करने और समाज के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं पर भी विचार व्यक्त किये।
उमाशंकर जैन ने कहा कि मेरी अभी तक ब्रह्माकुमारी संगठन के प्रति सुनी सुनाई भ्रान्ति थी ये भाई-बहिन बनाते हैं लेकिन इस सोच में जो पवित्रता छिपी हुई है उसका भाव बड़ा शुद्ध और पवित्र है जिस नजर से आप दूसरों को देख रहे हैं वैसे ही भाव अपने अन्दर पैदा होते हैं और कर्म बनते हैं। अगर हम शुद्ध भाव और भावनायें सबके प्रति रखते हैं तो संसार में शुद्ध वातावरण बनता है।
कार्यक्रम संयोजिका एवं ब्रह्माकुमारी के आनन्दपुरी केन्द्र की संचालिका बी0के0 शान्ता बहिन ने सभी का अभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हम दूसरों को धोखा, कष्ट देने का भाव रखते हैं तो उसका कई गुणा परिणाम हम भुगतते हैं। सकारात्मक सोच में सभी का भला निहित होता है। पत्रकारिता के छात्र यश ने भी अपने भाव रखे।
कार्यक्रम में संवाद के उपरान्त सभी आगन्तुगक पत्रकारों एवं छात्रों को ईश्वरीय सौगात भेंट कर प्रसादी स्वीकार कराई गई।
कार्यक्रम का संचालन बी0के0 दिनेश भाई। प्रबन्धन बी0के0 दुर्गश बहिन, बी0के0 उमा बहिन, बी0के0 कोमल बहिन, बी0के0 वन्दना बहिन, बी0के0 पूजा बहिन, मोनिका बहिन, गजेन्द्र भाई, जितेन्द्र पहलवान, केशवदेव, देवेश दीक्षित, यतेन्द्र आर्य, इन्द्रपाल आदि ने किया।

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आशीष सेंगर

 aashishsengar@gmail.com

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