भारतीय किसान यूनियन (भानु) द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर 2 जून से अनिश्चितकालीन धरना
हाथरस। भारतीय किसान यूनियन (भानु) द्वारा जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर 2 जून (मंगलवार) से तालाब चौराहा, हाथरस पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है।
भाकियू (भानु) की प्रमुख मांगों में हाथरस में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का कार्य शीघ्र पूर्ण करना, जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को सुदृढ़ करना, करोड़ों रुपये की लागत से खरीदे गए वेंटिलेटरों को तत्काल चालू कराना, जिला बागला अस्पताल में 24 घंटे सरकारी मेडिकल स्टोर की सुविधा उपलब्ध कराना तथा एमआरआई जांच सुविधा शुरू कराना शामिल है।
इसके अलावा संगठन ने सीटी स्कैन सेंटर पर दोपहर 2 बजे के बाद भी डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, डायलिसिस सेंटर में हेपेटाइटिस-बी मरीजों के लिए विशेष सुविधा शुरू करने, नशा मुक्ति केंद्र पर 24 घंटे स्टाफ की तैनाती करने तथा मरीजों को जनरल वार्ड में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
दिव्यांगों की जांच के लिए अस्पताल में उपलब्ध मशीनों का उपयोग करते हुए उन्हें बाहर रेफर करने की प्रक्रिया बंद करने, ग्रामीण क्षेत्रों के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर 24 घंटे मेडिकल स्टोर संचालित करने तथा बागला अस्पताल एवं सीएचसी केंद्रों से आयुष्मान कार्ड के नाम पर मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजे जाने के मामलों की जांच कराने की भी मांग उठाई गई।
संगठन ने जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पर्चे लेने का समय बढ़ाने तथा भीड़ न होने की स्थिति में सुबह 8-9 बजे के बाद पर्चे बंद करने की व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी की है।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कृष्णकांत रावत ‘चमरुआ चाले’, प्रदेश अध्यक्ष (व्यापार प्रकोष्ठ), भारतीय किसान यूनियन (भानु) द्वारा किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में प्रवीण खंडेलवाल (विश्व हिंदू परिषद), पंडित मदन मोहन गौड़ (पूर्व अध्यक्ष, ब्राह्मण महासभा), रवि चौहान (पूर्व अध्यक्ष, क्षत्रिय महासभा), सुनील अग्रवाल (अध्यक्ष, निस्वार्थ सेवा संस्था), सुरेश अग्रवाल (अध्यक्ष, व्यापार मंडल), सुमित वाष्णेय, ऋषि, योगेश वाष्णेय, संदीप ठाकुर, छोटू राणा, मोहित चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

