भागवत कथा के तीसरे दिन ऋषभ अवतार, भरत चरित्र एवं राम नाम की महिमा का हुआ वर्णन, श्री रामबाग इंटर कॉलेज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा
हाथरस। श्री रामबाग इंटर कॉलेज में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन महंत श्री मदन मोहन दास जी महाराज ने ऋषभ अवतार, भरत चरित्र एवं भगवान श्रीराम के चरित्र का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर किया।
महंत श्री मदन मोहन दास जी महाराज ने ऋषभ अवतार की महिमा बताते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार भगवान ऋषभदेव, भगवान श्रीकृष्ण के पूर्ण विस्तार माने जाते हैं। वे आत्मिक आनंद में सदैव लीन रहते थे तथा अणिमा, महिमा, लघिमा आदि अष्ट सिद्धियों के स्वामी थे। उन्होंने कहा कि इतनी दिव्य शक्तियों के स्वामी होने के बावजूद ऋषभदेव ने कभी भी अपनी सिद्धियों का प्रदर्शन अथवा दुरुपयोग नहीं किया।

महाभारत प्रसंग का उल्लेख करते हुए महाराज श्री ने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने शिशुपाल का वध किया, तब सुदर्शन चक्र से उनकी उंगली से रक्त बहने लगा। उस समय द्रौपदी ने अपने वस्त्र का टुकड़ा फाड़कर भगवान की उंगली पर बांध दिया था। इसी उपकार का प्रतिफल भगवान ने चीरहरण के समय द्रौपदी की रक्षा कर चुकाया। उन्होंने कहा कि भक्त प्रभु को थोड़ा भी प्रेमपूर्वक अर्पित करता है तो प्रभु उसे अनेक गुना लौटाते हैं।
भगवान श्रीराम के चरित्र एवं राम नाम की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि ‘राम’ नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि अखंड शक्ति, शांति और मोक्ष का द्वार है। उन्होंने कहा कि कलियुग में प्रभु नाम ही सबसे सरल और प्रभावी साधन है। ग्रंथों में कहा गया है— “कलौ राम नाम आधार, सुमिर-सुमिर नर उतरहिं पार।”
महाराज श्री ने बताया कि राम नाम का स्मरण मनुष्य के अज्ञान, अहंकार, लोभ एवं द्वेष रूपी पापों का नाश कर मन को पवित्र बनाता है। भगवान शिव स्वयं राम नाम का जाप करते हैं तथा गोस्वामी तुलसीदास जी ने राम नाम को महामंत्र की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि राम नाम की महिमा इतनी महान है कि समुद्र पार करने के लिए पत्थरों पर ‘श्रीराम’ लिखकर रामसेतु का निर्माण किया गया था।
भागवत कथा के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश बागड़ी ने कथा उपरांत जानकारी देते हुए बताया कि 30 मई को रेवाड़ी से डॉ. अनिल कुमार जी रामबाग इंटर कॉलेज पहुंचेंगे, जहां प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक योग एवं एरोबिक्स का विशेष अभ्यास कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस शिविर में स्लिप डिस्क, कंधे सहित विभिन्न रोगों के योग द्वारा उपचार की जानकारी भी दी जाएगी।

